चिकित्सालयों में साफ-सफाई एवं चिकित्सकों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दें – प्रमुख सचिव दाणी

चिकित्सालयों में साफ-सफाई एवं चिकित्सकों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दें – प्रमुख सचिव दाणी

 

ग्वालियर 31 मार्च 08 । लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री इन्द्रनील शंकर दाणी ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा करते हुये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह सुनिश्चित करें कि चिकित्सालयों में साफ-सफाई के साथ-साथ चिकित्सक एवं पैरामेडीकल स्टाफ सही समय पर उपस्थित हो ।

       प्रमुख सचिव श्री दाणी आज राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षकों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे ।

       बैठक में संयुक्त संचालक डॉ. एच.एस. शर्मा, राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान के संचालक श्री मोहन सिंह तथा एन.एस.व्ही. के राज्य समन्वयक डॉ. आर.पी. शर्मा उपस्थित थे । प्रमुख सचिव श्री दाणी ने स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की जिलेवार समीक्षा करते हुये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह सुनिश्चित करें कि जननी सुरक्षा योजना के तहत हितग्राहियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में किसी भी प्रकार का बिलंव न हो । इसकी जवाबदारी संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी की होगी । देरी से राशि भुगतान होने की शिकायत पाये जाने पर संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी के विरूध्द कार्यवाही की जायेगी ।

       उन्होंने संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुये कहा कि विभिन्न माध्यमों से गर्भवती माताओं को संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित किया जाये । उन्हें संस्थागत प्रसव के फायदों से भी अवगत कराया जाये । परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुये अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से दंपतियों को नसबंदी के साथ-साथ परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया जाये । नसबंदी शिविरों के लिये ऐसी रणनीति तैयार कर शिविरों का कलेण्डर तैयार किया जाये जिससे अप्रैल माह से ही नसबंदी शिविरों का आयोजन शुरू हो जाये ।

       श्री दाणी ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुये कहा कि ग्रीष्मकाल में होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु प्रत्येक डिपो होल्डरों पर आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयां अभी से सुनिश्चित की जाये तथा मलेरिया एवं डेंगू रोगों के नियंत्रण हेतु रणनीति तैयार कर कार्य अभी से शुरू कर दिया जाये । जनसामान्य को इन रोगों से बचने एवं बरती जाने वाली सावधानियों की भी जानकारी दी जाये । बैठक में टीकाकरण की समीक्षा करते हुये कहा कि नियमित टीकाकरण के तहत हैपेटाईटिस-बी के टीके भी निशुल्क लगाये जाये । बैठक में टीकाकरण , जननी सुरक्षा, दीनदयाल अन्त्योदय उपचार, जननी एक्सप्रेस, क्षय नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, मलेरिया नियंत्रण अद्यतत्व निवारण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। 

 

हर हाथ को मिलेगा काम आज से जिले में लागू होगी रोजगार गारण्टी योजना

हर हाथ को मिलेगा काम आज से जिले में लागू होगी रोजगार गारण्टी योजना

कलेक्टर ने की तैयारियों की समीक्षा

ग्वालियर 30 मार्च 08 । जिले के हर ग्रामीण परिवार को अब मांगने पर काम मिलेगा । यदि काम नहीं मिलता है तब बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा । यह सब राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना से संभव होगा । प्रदेश के अन्य 16 जिलों के साथ ग्वालियर जिले में भी एक अप्रैल से यह योजना लागू हो रही है । जिला कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव ने आज एक बार पुन: रोजगार गारण्टी योजना की तैयारियों की समीक्षा की । राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में सम्पन्न हुई बैठक में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी कि एक अप्रैल को हर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जन प्रतिनिधियों से रोजगार मूलक कार्यों की शुरूआत करायें । बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व व जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे ।

       जिला कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में रोजगार गारण्टी योजना के शुरूआत के दिन विधायकगणों सहित पंचायत प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर कार्यों की शुरूआत करायें । उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा कि किसी भी गांव से यह शिकायत न मिले कि वहां लोगों को जॉब कार्ड नहीं मिले । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा ने बताया कि जिले में करीबन एक लाख 62 हजार जॉब कार्ड तैयार करने का लक्ष्य है जिसमें से करीबन 92 प्रतिशत कार्ड ग्राम पंचायतों को मुहैया करा दिये गये हैं । सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से बैठक में कहा गया कि वे जॉब कार्ड के लिये किये जा रहे फोटोग्राफी के कार्य को तत्परता से पूर्ण करायें, जिससे सभी परिवारों के खाते खुल सकें और श्रमिकों को समय से भुगतान किया जा सके ।

 

हर हाथ को मिलेगा काम आज से जिले में लागू होगी रोजगार गारण्टी योजना

हर हाथ को मिलेगा काम आज से जिले में लागू होगी रोजगार गारण्टी योजना

कलेक्टर ने की तैयारियों की समीक्षा

ग्वालियर 30 मार्च 08 । जिले के हर ग्रामीण परिवार को अब मांगने पर काम मिलेगा । यदि काम नहीं मिलता है तब बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा । यह सब राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना से संभव होगा । प्रदेश के अन्य 16 जिलों के साथ ग्वालियर जिले में भी एक अप्रैल से यह योजना लागू हो रही है । जिला कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव ने आज एक बार पुन: रोजगार गारण्टी योजना की तैयारियों की समीक्षा की । राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में सम्पन्न हुई बैठक में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी कि एक अप्रैल को हर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जन प्रतिनिधियों से रोजगार मूलक कार्यों की शुरूआत करायें । बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व व जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे ।

       जिला कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में रोजगार गारण्टी योजना के शुरूआत के दिन विधायकगणों सहित पंचायत प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर कार्यों की शुरूआत करायें । उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा कि किसी भी गांव से यह शिकायत न मिले कि वहां लोगों को जॉब कार्ड नहीं मिले । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा ने बताया कि जिले में करीबन एक लाख 62 हजार जॉब कार्ड तैयार करने का लक्ष्य है जिसमें से करीबन 92 प्रतिशत कार्ड ग्राम पंचायतों को मुहैया करा दिये गये हैं । सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से बैठक में कहा गया कि वे जॉब कार्ड के लिये किये जा रहे फोटोग्राफी के कार्य को तत्परता से पूर्ण करायें, जिससे सभी परिवारों के खाते खुल सकें और श्रमिकों को समय से भुगतान किया जा सके ।

 

कृषक राहत योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर

कृषक राहत योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर

देवेश शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय दीनदयाल अन्त्योदय समिति की बैठक सम्पन्न

ग्वालियर 30 मार्च 08 । प्रदेश सरकार द्वारा कृषि पम्प उपभोक्ताओं को बकाया विद्युत बिलों के भुगतान में राहत देने के लिये चलाई जा रही कृषक राहत योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे अधिकाधिक किसान लाभान्वित हो सकें । इस आशय के निर्देश विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को जिला स्तरीय दीनदयाल अन्त्योदय समिति की बैठक में दिये गये । यह बैठक श्री देवेश शर्मा की अध्यक्षता में आज राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में सम्पन्न हुई । बैठक में राज्य स्तरीय दीनदयाल अन्त्योदय समिति के सदस्य श्री पूरन सिंह पलैया सहित समिति के अन्य सदस्यगण, जिला कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे ।

       उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा 10 अश्व शक्ति तक के कृषि पम्प उपभोक्ताओं की कठिन वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर कृषक राहत योजना शुरू की है। योजना के तहत दस अश्व शक्ति तक के कृषि पम्प उपभोक्ताओं के विद्युत देयकों की बकाया राशि में से संपूर्ण सरचार्ज माफ करने का निर्णय राज्य शासन ने लिया है । माफ की गई 50 प्रतिशत ऊर्जा प्रभार की राशि प्रदेश सरकार वहन करेगी । यह योजना आगामी 31 मई 08 तक जारी रहेगी । किसानों को बकाया विद्युत बिल भुगतान करने के लिये योजना में आसान विकल्प भी सुझाये गये हैं, जिसमें किस्तों में बिल जमा करने का प्रावधान भी शामिल है।

       जिले की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिये कि किसानों की विद्युत देयकों संबंधी समस्याओं के समाधान के लिये लगाये जाने वाले शिविरों की जानकारी दीनदयाल अन्त्योदय समिति के सदस्यों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अवश्य दें, जिससे वे अधिकाधिक किसानों को इन शिविरों से लाभ लेने के लिये प्रेरित कर सकें । बैठक में समिति के सदस्य श्री राजेन्द्र सिंह डण्डोतिया तथा अन्य सदस्यों के सुझाव कर पर जिला स्तरीय दीनदयाल अन्त्योदय समिति ने कृषक राहत योजना की भांति शहरी गरीब विद्युत उपभोक्ताओं के लिये भी विद्युत देयकों में छूट प्रदान करने संबंधी योजना शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय लिया गया । इसी प्रकार घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के लिये चलाई जा रही सुविधा योजना की समय सीमा बढ़ाने के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय समिति ने लिया ।

       समिति ने ग्रामीण एवं शहरी अंचल की पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा ने सदस्यों को जानकारी दी कि जिले में नवीन हैण्डपम्प खनन व पुराने हैण्डपम्पों के जीर्णोध्दार तथा बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को प्रमुखता से चालू कराया गया है । विशेष समस्या मूलक 32 गांवों में पेयजल परिवहन किया जा रहा है । साथ ही 11 और ग्रामों में एक अप्रैल से पेयजल परिवहन करने की अनुमति दी गई है । जिला उद्योग केन्द्र के माध्यम से संचालित प्रधानमंत्री रोजगार, रानी दुर्गावती व दीनदयाल स्वरोजगार योजना की भी बैठक में विस्तार से समीक्षा हुई ।

 

हैलिविक तैराकी फाउण्डेशन कोर्स सम्पन्न

हैलिविक तैराकी फाउण्डेशन कोर्स सम्पन्न

महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा प्रमाण पत्र वितरित

ग्वालियर 30 मार्च 08 । कल देर शाम को सम्पन्न हुई हैलिविक फांउडेशन कोर्स के भागीदारों को महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने प्रमाण पत्र वितरित किये। इस अवसर पर संबोधित करते हुये उन्होंने इंग्लैण्ड से आईं हैलिविक स्वीमिंग थैरेपी की प्रशिक्षिका सुश्री बेरिल केलसी को बधाई दी तथा रोशनी रामकृष्ण आश्रम, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान व फ्रैण्ड्स ऑफ रोशनी यू.के. को इस पहल के लिये साधुवाद दिया । समापन समारोह के पूर्व एल.एन.आई.पी.ई. के कुलपति मेजर जनरल श्री एस.एन. मुखर्जी ने हैलिविक ऐसोसिएशन का भारतीय चैप्टर प्रारंभ करने की दिशा में करारनामें पर हस्ताक्षर किये।  इस अवसर पर स्वीमेड के सचिव प्रो. वी.के. डबास, रोशनी रामकृष्ण आश्रम की संचालिका श्रीमती मंजुला पाटनकर सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। एन.एल.आई.पी.ई. के कुलपति श्री मुखर्जी ने अधिक से अधिक नि:शक्तजनों को हैलिविक तैराकी विधि से प्रशिक्षित करने के संकल्प को दोहराया । उन्होंने कहा कि ग्वालियर को केन्द्र बिंदु बनाकर इस प्रशिक्षण विधि का ज्ञान अन्य क्षेत्रों में भी पहुंचाया जावेगा ।

       इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन के जोनल चेयरमैन डॉ. मुकुल तिवारी ने हैलिविक तैराकी प्रशिक्षण के आयोजन को महत्वपूर्ण कदम निरूपित किया तथा कहा कि आई.एम.ए नि:शक्तजनों के विकास कार्यक्रमों में अपना योगदान देता रहेगा।

       रोशनी रामकृष्ण आश्रम की संचालिका श्रीमती पाटनकर ने बताया कि उनकी संस्था विगत 1998 से लगातार इस दिशा में प्रयासरत है व समय-समय पर एल.एन.आई.पी.ई के सहयोग से डिसएबिल्ड बच्चों को तैराकी के लिये भेजती रही है । उन्होंने इस बार के अनुभव को खास बताया । उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रमस्तिष्क अंगघात (सी.पी.) से प्रभावित बच्चे तो आसानी से पानी में उतर गये किन्तु स्वपरायणता (आटिज्म) से ग्रसित बच्चों को काफी प्रयास के बाद ही उतारा जा सका । किन्तु पानी में उतरने के बाद सभी बच्चों ने खूब धमाल मचाया और आनंद लिया । उनके चेहरों पर खुशी देखते बनती थी !

       प्रशिक्षण में शामिल देश के अन्य प्रांतों से आये प्रशिक्षणार्थियों ने कोर्स की मुक्तकण्ठ से प्रशंसा की । उन्होंने कहा कि उन्हें इस कोर्स से बहुत कुछ नया सीखने को मिला है । अधिकांश प्रशिक्षणार्थियों ने एल.एन.आई.पी.ई. में अपने प्रवास को सुखद अनुभव बताया । कार्यक्रम के अंत में रोशनीरामकृष्ण आश्रम के थैरेपिस्ट श्री विवेक शर्मा ने आभार व्यक्त किया ।

 

 

सही किताब कौनसी है

सही किताब वह नहीं है जिसे हम पढ़ते हैं सही किताब वह है जो हमें पढ़ता है. – डबल्यू एच ऑदेन