मध्य प्रदेश में आईएचएसडीपी के अधीन 33 परियोजनाओं और बीएसयूपी के अधीन 19 परियोजनाओं को मंजूरी

मध्य प्रदेश में आईएचएसडीपी के अधीन 33 परियोजनाओं और बीएसयूपी के अधीन 19 परियोजनाओं को मंजूरी

आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय ने मध्य प्रदेश में अब तक समन्वित आवास और स्लम विकास कार्यक्रम (आईएचएसडीपी) के अधीन 33 परियोजनाओं और शहरी गरीबों के लिए आधारभूत सेवाओं (बीएसयूपी) के अधीन 19 परियोजनाओं को मंजूरी दी है । केन्द्रीय मंजूरी और निगरानी समिति और केन्द्रीय मंजूरी समिति द्वारा इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है ।

आईएचएसडीपी के अधीन कुल 241.89 करोड़ रूपये की परियोजना लागत पर 16795 नई आवास इकाइयों के निर्माण को मंजूरी दी गई है । इसमें से केन्द्र सरकार और राज्य सरकार का हिस्सा क्रमश: 171.07 करोड़ रूपये और 70.82 रूपये है । केन्द्रीय हिस्से के 50 प्रतिशत की पहली किस्त के रूप में 85.54 करोड़ रूपये जारी किए गए हैं।

शहरी गरीबों के लिए आधारभूत सेवाओं (बीएसयूपी) के अधीन राज्य के चार लक्षित नगरों में 31213 नई आवास इकाइयों के निर्माण के लिए 520.68 करोड़ रूपये की लागत की परियोजनाएं मंजूर की गई हैं । केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के हिस्से के रूप में क्रमश: 256.67 करोड़ रूपये और 264.00 करोड़ रूपये मंजूर किए गए हैं । वित्त मंत्रालय द्वारा कुल अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता के रूप मेेंं 67.66 करोड़ रूपये भी जारी किए गए हैं ।

प्रधानमंत्री ने आईएचएसडीपी की शुरूआत दिसम्बर, 2005 में की थी । इसका उद्देश्य शहरी मलिन बस्तियों में दयनीय स्थिति में रहने वाले लोगों की स्थिति में सुधार लाना है । मौजूदा बाल्मीकी अंबेडकर आवास योजना और बंद हो चुकी राष्ट्रीय स्लम विकास कार्यक्रम को आईएसएसडीपी के साथ मिलाया गया है । इस कार्यक्रम के दायरे में जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के अधीन शहरी गरीबों के लिए आधारभूत सेवाओं के अधीन 63 लक्षित शहरों नगरों को छोड़कर शेष सभी शहर शामिल किए गए हैं ।

प्रधानमंत्री द्वारा दिसम्बर, 2005 में शहरी गरीबों के लिए आधारभूत सेवाओं की शुरूआत की गई थी । इसका उद्देश्य चुनिंदा 63 लक्षित नगरों में शहरी मलिन बस्तियों में दयनीय स्थिति में रहने वाले लोगों की स्थिति में सुधार लाना था। इस परियोजना का मूल उद्देश्य शहरी स्लम निवासियों को पर्याप्त आवास और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर शहरी पर्यावरण को स्वस्थ बनाना और संपूर्ण स्लम विकास सुनिश्चित करना है ।

 

सीपेज पानी का ग्रामीण अधिकतम उपयोग कैसे करें, की संभावनाओं को तलाशने के लिये कमिश्नर का भ्रमण

सीपेज पानी का ग्रामीण अधिकतम उपयोग कैसे करें, की संभावनाओं को तलाशने के लिये कमिश्नर का भ्रमण

ग्वालियर 9 अप्रैल 08 । ककेटो डेम से पेहसारी होते हुये तिघरा जलाशय में आ रहे पानी को कई स्थानों पर सीपेज के रूप में व्यर्थ में बहकर जा रहे पानी का सद्पयोग ग्रामीणजन बेहतर तरीके से कैसे कर सकें, इन संभावनाओं को तलाशने के लिये आज ग्वालियर संभाग के कमिश्नर डॉ. कोमल सिंह ने जलसंसाधन विभाग के इंजीनियरों के साथ नहर क्षेत्रों का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक श्री डी.एस. सेंगर साथ थे ।

       कमिश्नर डॉ. कोमल सिंह चरई गांव से नहर का अवलोकन करते हुये पेहसारी पहुंचें । पेहसारी में अभी तक 1300 मिलियन सी.एफ.टी पानी आ चुका है। यहां से पानी तिघरा जलाशय के लिये छोड़ा जा रहा है । पेहसारी बांध का निरीक्षण करते हुये कमिश्नर और आई.जी. ककेटो डेम पहुंचे जहां पर आपने 16 पम्पों के माध्यम से छोड़े जा रहे पानी का अवलोकन किया ।

       कमिश्नर डॉ. कोमल सिंह ने भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थानों पर सीपेज के रूप में व्यर्थ में बह रहे पानी का ग्रामीणजन अधिकतम उपयोग कैसे कर सकें। इसके लिये छोटे-छोटे स्टापडेम बनाकर अथवा छोटे तालाब या फिर चैकडेम या बोरीबंधान कर पानी का संरक्षण किया जा सके। इन सभी संभावनाओं को तलाशने के लिये उपस्थित इंजीनियरों को निर्देश दिये । कमिश्नर ने कहा कि सीपेज के बहते पानी के सद्पयोग हेतु जल संग्रहण की संरचनायें बनाई जायें । इन संरचनाओं के निर्माण से संग्रहित हुये पानी का उपयोग ग्रामीण अपने निस्तार के साथ-साथ मवेशियों के लिये भी उपयोग में भी कर सकेंगे।

 

मानसून संधारण कार्य के कारण 6 फीडरो से विद्युत प्रवाह आज बंद रहेगा

मानसून संधारण कार्य के कारण 6 फीडरो से विद्युत प्रवाह आज बंद रहेगा

ग्वालियर 9 अप्रैल 08 220 के.व्ही. उपकेन्द्र महलगांव पर 10 अप्रैल को प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे तक पूर्व मानसून संधारण कार्य किया जाना है । उक्त कार्य के दौरान शहर वृत्त ग्वालियर के 6 फीडरों से संबंधित क्षेत्रों में विद्युत प्रदाय समयावधि में बंद रहेगा, जिसे बढ़ाया व घटाया जा सकता है । उक्त अविध में कम से कम विद्युत कटौती करने के प्रयास किये जायेंगे । म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. ग्वालियर के अधीक्षण यंत्री शहर वृत्त ने बताया कि जिन फीडरों पर विद्युत प्रदाय बंद रहेगा उनमें :-

स.क्र.

33 केव्ही फीडर का नाम

 

समय

 

1.

 

33 केव्ही एम.इ.एस. फीडर

 

प्रात: 9 बजे से 11 बजे तक

 

2.

 

33 केव्ही मेला फीडर

 

प्रात: 11 बजे से 12 बजे तक

 

3.

 

33 केव्ही महाराजपुरा फीडर

 

अपरान्ह 12 बजे से 13 बजे तक

 

4.

 

33 केव्ही फूलबाग फीडर

 

अपरान्ह 13 बजे से 14 बजे तक

 

5.

 

33 केव्ही एम.ए.एफ प्रथम फीडर

 

अपरान्ह 14 बजे से 15 बजे तक

 

6.

 

33 केव्ही एम.ए.एफ. द्वितीय फीडर

 

अपरान्ह 15 बजे से 16 बजे तक

 

 

 

स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिये 22 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित

स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिये 22 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित

ग्वालियर 9 अप्रैल 08 । कम्प्यूटर नेटवर्किंग, मोबाइल रिपेयरिंग, कम्प्यूटर एप्लीकेशन एवं ब्यूटीशियन विधा के प्रशिक्षण के लिये महिला पोलीटेकनिक महाविद्यालय स्थित ई.एम.डी. कार्यालय द्वारा 22 अप्रैल तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये हैं । भारत सरकार एवं ए.आई.सी.टी.ई. नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित उद्यमिता एवं प्रबंधन विकास (ई.एम.डी.) परियोजना के अंतर्गत आयोजित किये जा रहे उक्त प्रशिक्षण सत्र 24 अप्रैल से शुरू होंगे ।

       शासकीय महिला पोलीटेकनिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एम.आर. धाकड़ ने बताया कि इस प्रशिक्षण में भाग लेने के इच्छुक महिला एवं पुरूष प्रतिभागी संस्था के ई.एम.डी. कार्यालय से निशुल्क आवेदन पत्र का प्रारूप प्राप्त कर सकते हैं । भरे हुये आवेदन पत्र 22 अप्रैल 08 तक जमा किये जा सकते हैं । साक्षात्कार 23 अप्रैल 08 को दोपहर 12 बजे रखा गया है । विस्तृत जानकारी के लिये ई.एम.डी. कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है ।

 

समर्थन मूल्य के तहत पूरी मुस्तैदी के साथ गेहूँ उपार्जन के संभागायुक्त के निर्देश

समर्थन मूल्य के तहत पूरी मुस्तैदी के साथ गेहूँ उपार्जन के संभागायुक्त के निर्देश

ग्वालियर 9 अप्रैल 08 । ग्वालियर संभाग में अब तक समर्थन मूल्य पर 3600 मेट्रिक टन गेहूँ उपार्जित कर लिया गया है । कल मंगलवार को संभाग में गेहूँ उपार्जन कार्यो  की समीक्षा करते हुये संभागायुक्त डा. कोमल सिंह ने संबंधित अधिकारियों से उपार्जन कार्यो को पूरी मुस्तैदी से पूरा करने की हिदायत दी । उन्होंने कहा कि उपार्जित गेहूँ की गुणवत्ता निर्धारित मानदंडों के अनुरूप हो क्यों कि यह गेहूँ सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आम आदमी के काम आना है। राज्य में गेहूँ उपार्जन का प्रारंभिक लक्ष्य 10 लाख मेट्रिक टन रखा गया है ।

       बैठक में संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थायें श्री के के शर्मा, विपणन संघ के मंडल प्रबंधक श्री रजनीश राय, नागरिक आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री चौहान सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे ।

       संभागायुक्त डा. कोमल सिंह ने अधिक खाद उठाव की संभवना व्यक्त करते हुये खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये । सोसायटियों की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने पर चर्चा करते हुये संभागायुक्त ने कहा कि सोसायटियों की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिये शासन स्तर पर कार्यवाही जारी है । क्रेडिट लिमिट बढ़ने से सोसायटियां खाद की बेहतर व्यवस्था कर सकेंगी। उन्होंने शिवपुरी जिले में डीएपी खाद भिजवाने के भी निर्देश दिये।

       समर्थन मूल्य के तहत संभाग में की गई गेहूँ की खरीदी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अभी तक 3 हजार 600 मेट्रिक टन की खरीदी की गई है । इसमें सर्वाधिक एक हजार 825 मेट्रिक टन गेहूँ गुना जिले में खरीदा गया है । दतिया में 1027.60 मेट्रिक टन, ग्वालियर जिले में 467 मेट्रिक टन, शिवपुरी जिले में 138.30 और अशोक नगर जिले में 138.60 मेट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की गई है ।

 

अवशेष मतदाताओं से फोटो परिचय पत्र बनवाने की अपील

अवशेष मतदाताओं से फोटो परिचय पत्र बनवाने की अपील 

आज इन स्थानों पर होगी फोटोग्राफी

ग्वालियर 9 अप्रैल 08 । भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अवशेष मतदाताओं के फोटो परिचय-पत्र तैयार कराने के लिये विधानसभा क्षेत्रवार एवं मतदान केन्द्रवार गुरूवार 10 अप्रैल को फोटोग्राफी का कार्य प्रात: 8 बजे से सांयकाल 6 बजे तक संपन्न कराया जायेगा । जिला निर्वाचन अधिकारी ने ऐसे मतदाताओं से जिनके नाम मतदाता सूची में अंकित हैं लेकिन मतदाता सूची में उनके नाम के सामने फोटो अंकित नहीं है अथवा जिन मतदाताओं को फोटो परिचय पत्र प्राप्त हुये हैं और फोटो परिचय-पत्र में प्रविष्टियों में अथवा फोटो में कोई गलती है अथवा जिन मतदाताओं द्वारा डुप्लीकेट कार्ड बनवाने हेतु पूर्व में फोटो खिचवाया या / फोटो दिया गया था और उन्हें फोटो परिचय पत्र तैयार होकर प्राप्त नहीं हुये हैं अथवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में अंकित नहीं हैं और वे अपना नाम मतदाता सूची में अंकित कराना चाहते हैं से अपील की है कि वे निम्न फोटोग्राफी स्थलों पर उपस्थित होकर निर्धारित प्रपत्र में अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत करें तथा आवेदन पत्र के साथ यदि फोटो उपलब्ध है तो फोटो चस्पा करके नियुक्त कर्मचारियों को उपलब्ध करावें और यदि फोटो नहीं है तो अपने-अपने फोटो अनिवार्य रूप से खिंचाये ताकि फोटो परिचय पत्र तैयार कराये जा सकें ।

       10 अप्रैल को 15- ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र क्रमांक 05, 06, 07 के मतदाताओं के लिये धर्मशाला भवन शब्द प्रताप आश्रम में, मतदान केन्द्र क्रमांक 139,140, 141, 142, 143 के मतदाताओं के लिये मेला रंगमंच भवन मेला मैदान ग्वालियर पर, मतदान केन्द्र केन्द्र क्रमांक 70 से 78 तक के मतदाताओं के लिये महाराजा मानसिंह महाविद्यालय चार शहर का नाका में,  मतदान केन्द्र क्रमांक 199 से 204 तक के मतदाताओं के लिये शा.शिक्षा महाविद्यालय तानसेन रोड़ ग्वालियर में, 16 लश्कर पूर्व के मतदान केन्द्र क्रमांक 10,11,24 से 29 तक के मतदाताओं के लिये सनातन धर्म विद्या मंदिर सनाढय भवन गेडेवाली सड़क ग्वालियर में, 17 लश्कर पश्चिम के मतदान केन्द्र क्रमांक 10 से 16 तक के मतदाताओं के लिये कृषि उपज मंडी समिति लक्ष्मीगंज में, 18 मुरार के लिये मतदान केन्द्र क्रमांक 22, 23, 30, 31,32, 46, 47, 48, 49, 50, 51, 52 के मतदाताओं के लिये श्यामलाल पाण्डवीय महाविद्यालय मुरार, मतदान केन्द्र क्रमांक 95 के मतदाताओं के लिये होटल प्रबंध संस्थान महाराजपुरा में, मतदान केन्द्र क्रामंक 143 144 के मतदाताओं के लिये शा. नवीन मा.वि. बडेराफुटकर में, 19 गिर्द के मतदान केन्द्र क्रमांक 7 के मतदाताओं के लये प्रायमरी स्कूल भवन बागवाला गांव में, मतदान केन्द्र क्रमांक 73 से 76 के मतदाताओं के लिये पंचायत भवन कुलैथ में, मतदान केन्द्र 135 और 137 के मतदाताओं के लिये नवीन प्राथमिक विद्यालय भवन दुवहा में तथा विधान सभा क्षेत्र क्रमांक 20 डबरा के मतदान केन्द्र क्रमांक 16,17, 20 से 24 तक मतदाताओं के लिये माध्यमिक विद्यालय भवन छीमक में एवं मतदान केन्द्र क्रमांक  106,107,110 और 111 के मतदाताओं के लिये नवीन कृषि उपज मंडी समिति भवन डबरा में फोटोग्राफी दल उपलब्ध रहेंगें ।

 

पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाये रखने पर्याप्त संख्या में वैकल्पिक स्त्रोत चिन्हित करें – डॉ. कोमल सिंह

पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाये रखने पर्याप्त संख्या में वैकल्पिक स्त्रोत चिन्हित करें - डॉ. कोमल सिंह

पेयजल व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने दिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश

ग्वालियर 9 अप्रैल 08 । जिन ग्रामों व नगरीय निकायों में नलकूपों का जल स्तर नीचे चले जाने की वजह से पेयजल आपूर्ति में दिक्कत है, वहां वैकल्पिक स्त्रोतों से पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनायें । संबंधित अधिकारी इस कार्य को गंभीरता से अंजाम दें, इसमें किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी । यह निर्देश ग्वालियर संभाग के आयुक्त डॉ. कोमल सिंह ने संभाग के सभी जिलों के नगरीय निकायों व ग्रामीण अंचल की पेयजल व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिये । यह बैठक बीते रोज मोती महल स्थित संभाग आयुक्त कार्यालय में सम्पन्न हुई । बैठक में मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग, उप संचालक स्थानीय शासन व उपायुक्त विकास सहित पेयजल व्यवस्था से जुड़े अधिकारी मौजूद थे ।

       संभाग आयुक्त डॉ. कोमल सिंह ने कहा पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ बनाये रखने के लिये समस्यामूलक हर नगरीय निकाय व ग्राम के लिये पर्याप्त संख्या में पेयजल के वैकल्पिक स्त्रोत चिन्हित कर लें । साथ ही पुराने हैण्डपम्प व नलकूपों में राइजर पाइप बढ़ाने का काम अभियान बतौर जारी रखें । उन्होंने सर्व सुलभ स्थानों पर हैण्डपम्प संधारण सामग्री का पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश दिये । कमिश्नर ने स्वीकृत पेयजल स्त्रोतों को जल्द से जल्द स्थापित करने पर बल दिया । खंड स्तर पर पेयजल समस्याओं के निदान के लिये स्थापित किये गये कण्ट्रोल रूम को सक्रिय बनाये रखने के निर्देश भी उन्होंने बैठक में दिये । संभागायुक्त ने संभाग के सभी जिलों के नगरीय निकायवार पेयजल व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की ।

       शिवपुरी जिले के करैरा कस्बे की पेयजल आपूर्ति के लिये विशेष प्रबंध करने पर जोर देते हुये आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी कि वे यह सुनिश्चित करें कि यहां के किसी भी मोहल्ले में पेयजल की दिक्कत न रहे । कमिश्नर ने साफतौर पर कहा कि पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाये रखने के लिये प्रदेश सरकार गंभीर है । अत: इसमें किसी भी प्रकार की ढिल्लाई न रहे । 

       ग्रामीण अंचल की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान बताया कि संभाग के ग्वालियर जिले में वर्तमान में 46 ग्रामों में परिवहन के जरिये पेयजल आपूर्ति की जा रही है । संभाग के दतिया जिले के दो, अशोकनगर के आठ व शिवपुरी जिले के तीन ग्रामों में पेयजल परिवहन हो रहा है । बैठक में जानकारी दी गई कि संभाग के विभिन्न ग्रामों में 244 नल-जल योजनायें व 66 स्पॉट पेयजल स्त्रोतों से पेयजल आपूर्ति हो रही है । इसके अलावा संभाग में 24 हजार 82 हैण्डपम्प भी पेयजल आपूर्ति वर्तमान में कर रहे हैं ।

 

गर्मी के मौसम में लू से बचाव हेतु सावधानियां बरतें

गर्मी के मौसम में लू से बचाव हेतु सावधानियां बरतें

ग्वालियर 9 अप्रैल 08 । गर्मी के मौसम में लू का प्रकोप एवं अत्याधिक गर्मी में लू(तापघात) की संभवना बढ़ जाती है । ऐसे में लू एवं तेज गर्मी से बचाव हेतु जनसमुदाय को स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से अधिक से अधिक जानकारी दी जावे । उक्त आशय के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. अर्चना शिंगवेकर ने जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी अधिकारियों को दिये हैं । उन्होंने भेजे गये अपने पत्र में कहा है कि गर्मी के मौसम में लू (तापघात) एवं अत्याधिक गर्मी होने के कारण इसके बचाव हेतु जनसमुदाय को समुचित स्वास्थ्य शिक्षा दी जावे ।

       उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में गर्दन के पिछले भाग, कान, व सिर को गमछे या तोलिये से ढककर ही धूप में निकलें तथा रंगीन चश्में व छतरी का प्रयोग करें । गर्मी के दिनों में धूप से बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले वस्त्रों का प्रयोग करें । बिना भोजन किये बाहर न निकलें , भोजन करने एवं पानी पीकर ही बाहर निकलें । गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पियें एवं पेय पदार्थों का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करें । जहां तक संभव हो ज्यादा समय तक धूप में खड़े होकर व्यायाम या मेहनत न करें । बहुत अधिक भीड़, घुटन भरे कमरों, रेल, बसों आदि की यात्रा भी गर्मी के मौसम में नहीं करें ।

       यदि कोई व्यक्ति लू(तापघात) से प्रभावित होता है तो उसे तुरंत छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लिटादें एवं हवा करें । रोगी को होश में आने की दशा में उसे ठंडा पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल,कच्चे आम का पना आदि दें । प्याज का रस अथवा जौ के आटे को भी ताप नियंत्रण हेतु शरीर पर मला जा सकता है ।

       रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये यदि संभव हो तो उसे ठंडे पानी से स्नान कराया जावे या उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखकर पूरे शरीर को ढंक दें । इस प्रक्रिया को तब तक दोहरायें जब कि शरीर का ताप कम नहीं हो जाता है । मरीज ठीक न होने की स्थिति में उसे तत्काल निकट की चिकित्सा संस्था में रेफर किया जावे ।