म.प्र. में बसों का किराया बढ़ेगा, बढ़ेगा टैक्‍स, प्रदेश के शेष 171 मार्गों के अराष्ट्रीयकरण का फैसला

म.प्र. में बसों का किराया बढ़ेगा, बढ़ेगा टैक्‍स, प्रदेश के शेष 171 मार्गों के अराष्ट्रीयकरण का फैसला

परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए त्रि-स्तरीय कर प्रणाली लागू होगी, परिवहन निगम की चल-अचल सम्पत्तियों का निराकरण, कलेक्टरों के नियंत्रण में होगा

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश में परिवहन व्यवस्था की सुधार की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। आज सम्पन्न बैठक में प्रदेश के शेष 171 मार्गों के अराष्ट्रीयकरण का निर्णय लिया गया हैं। इससे पहले तीन वर्ष पूर्व फरवरी 2005 में राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम बंद करने का सैध्दांतिक निर्णय लिया गया था। उक्त निर्णय के परिप्रेक्ष्य में अब तक कुल 681 राष्ट्रीयकृत मार्गों में से 510 मार्गों को राष्ट्रीयकृत योजनाओं से विलोपित किया जा चुका है तथा अब सिर्फ 171 राष्ट्रीयकृत मार्गों का अराष्ट्रीयकरण किया जाना शेष है। इसी सिलसिले में राज्य शासन द्वारा विगत 18 अक्टूबर 2007 को अधिसूचना जारी की जा चुकी हैं। इस अधिसूचना के विरूध्द उच्च न्यायालय जबलपुर में एक जनहित याचिका भी दायर की गई थी। उपरोक्त याचिका में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 14 नवम्बर 2007 के अनुसार मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम के पक्ष में जारी परमिट याचिका के अंतिम निराकरण तक जीवित रखे जाएंगे।

त्रि-स्तरीय कर प्रणाली को मंजूरी

प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार लाने, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में वर्तमान में ‘, ‘बीतथा सीश्रेणी के मार्गो पर लागू एक समान कर प्रणाली के स्थान पर त्रि-स्तरीय कर प्रणाली लागू करने का निर्णय भी आज मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया। इससे प्रदेश में बसों की संख्या एवं राजस्व आय दोनों में वृध्दि होगी।

वर्तमान में श्रेणी ‘, ‘बीतथा सीके मार्ग पर संचालित बसों से प्रथम 100 कि.मी. पर 160 रूपए प्रतिसीट प्रतिमाह की दर से तथा अगले प्रत्येक 10 कि.मी. पर 10 रूपए की दर से कर लिया जाता हैं। अब नई त्रि-स्तरीय कर प्रणाली में श्रेणी के मार्गों अर्थात राष्ट्रीयकृत मार्ग पर संचालित बसों से प्रथम 100 कि.मी. पर 240 रूपए प्रतिसीट प्रतिमाह तथा अगले 10 कि.मी. पर 15 रूपए की दर से कर लिया जाना प्रस्तावित किया गया हैं। इसी तरह श्रेणी सीके मार्ग अर्थात ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे दूरस्थ मार्ग जो किसी ग्राम को किसी नगर पंचायत, नगरपालिका अथवा नगर निगम से जोड़ते हैं तथा ऐसी नगर पंचायत, नगरपालिका तथा नगर निगम जहां बस एक फेरे में एक बार ही आती है, अब उन मार्गों पर संचालित बसों से नई कर प्रणाली में प्रथम 100 कि.मी. पर 120 रूपए प्रतिसीट प्रतिमाह तथा अगले 10 कि.मी. पर 5 रूपए की दर से कर लिया जाना प्रस्तावित हैं। इसी प्रकार ए और सी श्रेणी के मार्गों के अतिरिक्त शेष मार्ग जो बीश्रेणी के मार्ग हैं वहां संचालित बसों से नई त्रि-स्तरीय कर प्रणाली में प्रथम 100 कि.मी. पर 160 रूपए प्रतिसीट प्रतिमाह तथा अगले प्रत्येक 10 कि.मी पर 10 रूपए की दर से कर लिया जाना प्रस्तावित हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकाधिक बसों के संचालन के उद्देश्य से यह अनिर्वाय किया जायेगा कि बस संचालक यदि ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ श्रेणी अथवा बीश्रेणी के मार्ग पर भी बस संचालित करना चाहे तो कुल मार्ग में से दो तिहाई मार्ग ग्रामीण क्षेत्र का होना आवश्यक होगा। इसके अलावा जो बस संचालक आरक्षित बसों का संचालन करते हैं उन्हें आरक्षित बसों पर 120 रूपये प्रतिसीट प्रतिमाह की दर से कर देना होगा।

परिवहन निगम की चल-अचल सम्पत्ति के निराकरण की व्यवस्था

मंत्रिपरिषद द्वारा मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम के परिसमापन के लिए शेष आवश्यक धनराशि की व्यवस्था करने का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा यह भी फैसला लिया गया है कि निगम की जप्त की गई चल-अचल सम्पत्तियों की सार्वजनिक नीलामी कर देनदारियों का भुगतान किया जावे। निगम की अचल सम्पत्तियां जिला परिवहन अधिकारियों द्वारा राज्य शासन के बकाया टैक्स के विरूध्द कुर्क की गई है। वर्तमान में बस स्टैण्ड के अतिरिक्त निगम के आधिपत्य में डिपो एवं कार्यशाला तथा आवासीय और गैर आवासीय भवन-परिसर प्रदेश के 30 जिलों में है। इन सम्पत्तियों के निराकरण के उद्देश्य से यह प्रस्तावित है कि जिला स्तर पर जिला परिवहन अधिकारी भू-राजस्व संहिता 1959 के अधीन प्राप्त तहसीलदारों के अधिकारों का प्रयोग कर इन सम्पत्तियों का यथाविधि निष्पादन करेंगे। इन सम्पत्तियों का मूल्यांकन निजी मूल्यांकक (evaluator) से विभाग को कराना होगा। जिला स्तर पर भी मूल्यांकन के लिए जिला कलेक्टर, लोक निर्माण विभाग और जिला रजिस्ट्रार से संयुक्त रिपोर्ट प्राप्त करेंगे। तत्पश्चात विभागीय अधिकारी यथाविधि संपत्ति का विक्रय करेंगे तथा जिला कलेक्टर से पुष्टि उपरान्त इसे अंतिम रूप देकर धनराशि शासकीय खजाने में जमा करेंगे।

 

अवशेष मतदाताओं के परिचय पत्र के लिये आज भी होगी फोटोग्राफी

अवशेष मतदाताओं के परिचय पत्र के लिये आज भी होगी फोटोग्राफी

ग्वालियर 17 अप्रैल 08 । भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिले में अवशेष मतदाताओं के फोटो परिचय-पत्र तैयार कराने का कार्य जारी है । इस अनुक्रम में विधानसभा क्षेत्रवार एवं मतदान केन्द्रवार फोटोग्राफी जारी है । शुक्रवार 18 अप्रैल को फोटोग्राफी का कार्य प्रात: 8 बजे से सांयकाल 6 बजे तक संपन्न कराया जायेगा । कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री राकेश श्रीवास्तव ने ऐसे मतदाताओं से जिन्हें अब तक परिचय पत्र प्राप्त नहीं हुये हैं अथवा परिचय पत्रों में त्रुटि है उनसे फोटोग्राफी कराने की अपील की है । जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में तो अंकित हैं लेकिन मतदाता सूची में उनके नाम के सामने फोटो अंकित नहीं है। जिन्हें फोटो परिचय पत्र प्राप्त हुये हैं और फोटो परिचय-पत्र में प्रविष्टियों में अथवा फोटो में कोई गलती है। जिन मतदाताओं द्वारा डुप्लीकेट कार्ड बनवाने हेतु पूर्व में फोटो खिचवाया या फोटो दिया गया था और उन्हें फोटो परिचय पत्र तैयार होकर प्राप्त नहीं हुये हैं । मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में अंकित नहीं हैं और वे अपना नाम मतदाता सूची में अंकित कराना चाहते हैं । उन सभी से भी कलेक्टर ने अपील की है कि वे फोटोग्राफी स्थलों पर उपस्थित होकर निर्धारित प्रपत्र में अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत करें तथा आवेदन पत्र के साथ यदि फोटो उपलब्ध है तो फोटो चस्पा करके नियुक्त कर्मचारियों को उपलब्ध करावें । यदि फोटो नहीं है तो अपने-अपने फोटो अनिवार्य रूप से खिंचाये ताकि मतदाता पहचान पत्र तैयार कराये जा सकें ।

       जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 अप्रैल को 15- ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र क्रमांक 19 से 22 तक के मतदाताओं के लिये नया मनोरंजन भवन डी.आर.पी. लाईन ग्वालियर, मतदान केन्द्र क्रमांक 151 के मतदाताओं के लिये जिला पंचायत कार्यालय ठाटीपुर मुरार, मतदान केन्द्र केन्द्र क्रमांक 90 से 95 तक के मतदाताओं के लिये आर.सी.एस. कान्वेंट स्कूल गदाई पुरा ग्वालियर में फोटोग्राफी होगी । इसी प्रकार विधानसभा क्षेत्र 16 लश्कर पूर्व के मतदान केन्द्र क्रमांक 30 से 42 तक के मतदाताओं के लिये माधव महाविद्यालय नई सड़क लश्कर में फोटोग्राफी होगी । विधानसभा क्षेत्र 17 लश्कर पश्चिम के मतदान केन्द्र क्रमांक 47, 48 तथा 53 से 56 तक के मतदाताओं के लिये शासकीय प्राथमिक विद्यालय भवन तारागंज लश्कर में फोटोग्राफी की जायेगी। विधानसभा क्षेत्र 18 मुरार के लिये मतदान केन्द्र क्रमांक 33 से 38 तक के मतदाताओं के लिये एस.आर.के. हायर सेकेण्डरी स्कूल मुरार, मतदान केन्द्र क्रमांक 97 से 102 तक के मतदाताओं के लिये शासकीय माध्यमिक जमाहर, मतदान केन्द्र क्रमांक 155 के मतदाताओं के लिये शासकीय प्राथमिक भानपुरा में फोटो खिचेगी । विधानसभा क्षेत्र 19 गिर्द के मतदान केन्द्र क्रमांक 23 और 24 के मतदाताओं के लिये पंचायत भवन पाटई, मतदान केन्द्र क्रमांक 87 से 89 तक के मतदाताओं के लिये पंचायत भवन पुरानी छावनी, मतदान केन्द्र 147 से 151 तक के मतदाताओं के लिये माध्यमिक विद्यालय भवन पाटई में फोटो खिचेगी तथा विधान सभा क्षेत्र क्रमांक 20 डबरा के मतदान केन्द्र क्रमांक 32 से 35 तक के मतदाताओं के लिये माध्यमिक विद्यालय भवन करियावटी एवं मतदान केन्द्र क्रमांक 153 से 156 तक के मतदाताओं के लिये सिंचाई विभाग कार्यालय भवन (हर्सीजल संसाधन) डबरा में फोटोग्राफी दल उपलब्ध रहेंगें ।

 

जलाभिषेक सम्मेलनों के तहत ”जल यात्राओं” का आयोजन

जलाभिषेक सम्मेलनों के तहत जल यात्राओंका आयोजन

ग्वालियर 17 अप्रैल 08 । जल संरक्षण और जल संवर्धन के लिये जिले में ग्राम स्तर पर जलाभिषेक सम्मेलनों के तहत जल यात्राओंका आयोजन किया जायेगा। इन सम्मेलनों की तैयारियों के लिये विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया जायेगा । ग्रामसभा आयोजनों के लिये तिथि, ग्रामसभा प्रभारी तथा सहयोगी दल का गठन किया गया है । ग्राम स्तरीय जलाभिषेक सम्मेलन के सहयोगी दल प्रभारी अपने सहयोग दल के सदस्यों के साथ अनिवार्य रूप से ग्राम स्तरीय जलाभिषेक सम्मेलन के उपरांत आगामी ग्राम स्तरीय जलाभिषेक सम्मेलन आयोजित होने वाले ग्राम तक जलयात्रामें उपस्थित रहेंगे । जलयात्रा के पश्चात ग्रामवासियों को जल संर्वधन एवं जल संरक्षण संकल्प करायेंगे । इसके उपरांत कार्य क्रियान्वयन प्रारंभ कर जलाभिषेक अभियान का ग्राम सभापति सरपंच द्वारा घोषित करायेंगे ।

 

पटवारी एवं ग्राम सचिव नोडल अधिकारी घोषित

पटवारी एवं ग्राम सचिव नोडल अधिकारी घोषित

ग्वालियर 17 अप्रैल 08 । कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव ने ग्राम के पटवारी एवं ग्राम पंचायत के सचिव को संबंधित ग्राम का नोडल अधिकारी घोषित किया है । जो उचित मूल्य दुकानों पर खाद्यान्न, कैरोसिन तथा शक्कर का स्टॉक अपने समक्ष खाली तथा भंडारण कराकर स्टॉक का सत्यापन करके समक्ष में उपभोक्ताओं को राशन कार्डों का वितरण भी सुनिश्चित करेंगे । गौरतलब है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित उचित मूल्य दुकानों पर उपभोक्ताओं को अपने समक्ष खाद्यान्न तथा कैरोसिन के वितरण हेतु ग्राम के पटवारी एवं पंचायत सचिवों की डयूटी लगाई गई है ।

 

सिंधिया स्कूल की प्रवेश परीक्षा अब 23 अप्रैल को

सिंधिया स्कूल की प्रवेश परीक्षा अब 23 अप्रैल को

ग्वालियर 17 अप्रैल 08 । अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों को सिंधिया स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2008-09 में प्रवेश हेतु 19 अप्रैल 08 को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा अब 23 अप्रैल 08 को प्रात: 10 बजे से प्राचार्य सिंधिया स्कूल बालक फोर्ट ग्वालियर में आयोजित होगी । परीक्षा में भाग लेने वाले परीक्षार्थियों को 21 अप्रैल 08 तक जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग ग्वालियर में प्रवेश पत्र प्रदाय किये जायेंगे ।

 

मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना के तहत संभाग में 68 हजार 500 से अधिक खेतीहर मजदूरों को मिले परिचय पत्र

मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना के तहत संभाग में 68 हजार 500 से अधिक खेतीहर मजदूरों को मिले परिचय पत्र

ग्वालियर 17 अप्रैल 08 । खेतीहर मजदूरों के संपूर्ण परिवार के समग्र कल्याण के लिये प्रदेश सरकार ने प्रभावी कदम उठाये हैं । सरकार ने इस दिशा में मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजनाशुरू की है । योजना के तहत पंजीकृत भूमिहीन मजदूरों को सरकार द्वारा विभिन्न सुविधायें प्रदान की जाती है । ग्वालियर संभाग में इस योजना का क्रियान्वयन सुनियोजित ढंग से किया जा रहा है । संभाग में योजना के तहत चलाये गये अभियान के माध्यम से अब तक 68 हजार 569 खेतीहर मजदूरों को पंजीकृत कर परिचय पत्र प्रदाय किये गये ।

       ग्वालियर संभाग के ग्वालियर जिले में मार्च माह के अंत तक 18 हजार 405 भूमिहीन मजदूरों को परिचय पत्रों का वितरण किया गया है। इसी प्रकार शिवपुरी जिले में करीबन 19 हजार, गुना जिले में 15 हजार 796, दतिया जिले में 5 हजार 338 एवं अशोकनगर जिले में 10 हजार 93 भूमिहीन मजदूरों को परिचय पत्र प्रदाय किये गये है । संभागायुक्त डॉ. कोमल सिंह ने सभी जिलों की जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे मैदानी अमले के माध्यम से यह सुनिश्चित करें कि मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना में पंजीकृत मजदूरों को योजना का लाभ प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो । योजना से अधिकाधिक खेतीहर मजदूर लाभान्वित हो सकें, इसके लिये इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये गये हैं।

 

संभाग में 3 हजार 867 बालिकायें बनेंगी लखपति

संभाग में 3 हजार 867 बालिकायें बनेंगी लखपति

ग्वालियर 17 अप्रैल 2008 । बेटियां अब समाज पर बोझ नहीं है बल्कि जन्म लेते ही प्रदेश सरकार ने उन्हें लखपति बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है । सरकार द्वारा इसके लिये शुरू की गई लाडली लक्ष्मीयोजना से ग्वालियर संभाग में वर्ष 2007-08 में 3 हजार 867 बालिकायें लाभान्वित हो चुकी हैं ।

       संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि संभाग में 3 हजार 867 बालिकाओं को भविष्य लक्षीय प्रभाव से लखपति बनाया गया है। उन्होंने बताया कि लाडली लक्ष्मी योजना के तहत संभाग के ग्वालियर जिले में एक हजार 74 बालिकायें लाभान्वित कराई गई हैं । इसी प्रकार शिवपुरी जिले में एक हजार 60, गुना जिले में 697, अशोकनगर जिले में 583 और दतिया जिले में 453 बालिकायें लाभान्वित कराई गईं ।

प्रदेश सरकार ने इस बात को गहराई से समझा है और महिलाओं के हित में तमाम निर्णय लिये हैं । इस दिशा में सरकार ने लाडली लक्ष्मीजैसी महत्वाकांक्षी योजना संचालित की जा रही है । जिसमें बालिका की शिक्षा से लेकर उसे आर्थिक सुरक्षा देने तक की पुख्ता व्यवस्था है । प्रदेश सरकार ने एक जनवरी 2006 से जन्म लेने वाली सभी बेटियों को गोद ले लिया है । बालिकाओं की उचित परिवरिश और उनका समग्र विकास करना लाडली लक्ष्मी योजना का प्रमुख मकसद तो है ही, साथ ही महिला-पुरूष अनुपात की विषमता को कम करना भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है ।

 

बिजली कनेक्शन अपने नाम ट्रांसफर करायें

बिजली कनेक्शन अपने नाम ट्रांसफर करायें

ग्वालियर 17 अप्रैल 08 । मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने कार्य क्षेत्र के उन सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि जो परिसर में बिजली का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन उनके नाम से कनेक्शन न होकर अन्य व्यक्ति के नाम से कनेक्शन चल रहे हैं ऐसे व्यक्तियों से कंपनी ने कहा है कि वे जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन को अपने नाम पर ट्रांसफर करा लें । गौरतलब है कि प्राय: ऐसा देखने में आया है कि काफी संख्या में उपभोक्ता मकान अथवा संपत्ति खरीदने के पश्चात भी बिजली कनेक्शन पूर्व मकान मालिक के नाम से ही उपयोग करते रहते हैं । कुछ अन्य मामलों में घर के सदस्य की मृत्यु उपरांत भी बिजली कनेक्शन परिवार के अन्य सदस्य के नाम ट्रांसफर नहीं कराया जाता है ।

       मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को अप्रिय स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है । वैसे भी विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालयीन पत्र व्यवहार एवं शिकायत आदि के अवसर पर ऐसे लोगों को परेशानी का सामना करना पडता है, जो कि बिजली उपभोक्ता के रूप में कंपनी में दर्ज नहीं है । अतएव आम लोगों से अपील है कि बिजली कनेक्शन वास्तविक उपभोक्ता के नाम से ही होना चाहिये जो कि उस परिसर में स्थाई रूप से निवास कर रहा है चाहे वह किरायेदार ही क्यों न हो ।

 

ए.सी. उपभोक्ताओं से अपील : लोड के अनुसार संयोजित भार स्वीकृत करायें

ए.सी. उपभोक्ताओं से अपील : लोड के अनुसार संयोजित भार स्वीकृत करायें

ग्वालियर 17 अप्रैल 08 । मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने कार्यक्षेत्र के तहत बिजली उपभोक्ताओं के परिसर में स्थापित एयर-कंडीशनरों (ए.सी.) का सर्वे कार्य शुरू किया है । इस अभियान में घरों एवं व्यवसायिक संस्थाओं में ए.सी. का सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है । इस तारतम्य में बिजली उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि ए.सी. का उपयोग करने की स्थिति में संबंधित जोन कार्यालय में इसकी जानकारी दर्ज करा लें एवं उसी अनुरूप अपने बिजली कनेक्शन का संयोजित लोड स्वीकृत भी करायें । कम्पनी ने कहा है कि संयोजित लोड से ज्यादा उपयोग करने की स्थिति में उपभोक्ता को नियमानुसार जुर्माना भरना पड़ सकता है । उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे बिजली का उपयोग मितव्ययिता के साथ करें ।

 

संभाग में 582 राहत के प्रकरणों में एक करोड़ 15 लाख से अधिक की राशि प्रदाय

संभाग में 582 राहत के प्रकरणों में एक करोड़ 15 लाख से अधिक की राशि प्रदाय

ग्वालियर 17 अप्रैल 08 । अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत वित्तीय वर्ष 2007-08 में ग्वालियर संभाग में 582 राहत के प्रकरणों में एक करोड़ 15 लाख 48 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई।

       आदिवासी तथा अनुसूचित जाति विकास ग्वालियर के उपायुक्त श्री के.डी. त्रिपाठी ने बताया कि ग्वालियर संभाग में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचारण निवारण अधिनियम के तहत वित्तीय वर्ष 2007-08 में स्वीकृत 582 राहत के प्रकरणों में एक करोड़ 15 लाख 48 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई है । जिसमें अनुसूचित जाति के 476 प्रकरणों में 94 लाख 73 हजार तथा अनुसूचित जनजाति के 106 प्रकरणों में 20 लाख 75 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई है। अधिनियम के तहत संभाग के विभिन्न जिलों में प्रदाय राशि की स्थिति इस प्रकार है । ग्वालियर जिले में अनुसूचित जाति के स्वीकृत 177 प्रकरणों में 29 लाख 27 हजार तथा अनुसूचित जनजाति के 7 प्रकरणों में एक लाख 10 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई है । शिवपुरी जिले में अनुसूचित जाति के 97 प्रकरणों में 25 लाख 45 हजार तथा अनुसूचित जनजाति के 36 प्रकरणों में 8 लाख 54 हजार रूपये की राशि प्रदाय की की गई । गुना जिले में अनुसूचित जाति के 59 प्रकरणों में 8 लाख 41 हजार एवं अनुसूचित जनजाति के 12 प्रकरणों में 2 लाख 14 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई । अशोक नगर जिले में अनुसूचित जाति के 82 प्रकरणों में 15 लाख 18 हजार एवं अनुसूचित जनजाति के 45 प्रकरणों में 7 लाख 93 हजार तथा दतिया जिले में अनुसूचित जाति के 61 प्रकरणों में 16 लाख 42 हजार व अनुसूचित जनजाति के 6 प्रकरणों में एक लाख 4 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई ।

 

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