बार काउंसिल के विवादित नियमों व फैसलों पर हाई कोर्ट का स्टे , हाईकोर्ट ने कहा नॉन प्रेक्ट‍िशनर्स एडवोकेटस भी बार के चुनावों में मतदाता हैं


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सबई भूमि गोपाल जी की, भारत पाकिस्तान का बंटवारा अवैध व फर्जी , स्वामित्वहीन सरकार


भारत पाकिस्तान का बंटवारी फर्जी और अवैध , किसी भी सरकार के पास आज तक नहीं है भारत का या अन्य किसी देश का स्वामित्व
केवल कब्जा ही कब्जा है , इन मिसाइलों में केवल धुंआ ही धुंआ बचा है , फयूज कण्डक्टर तो आज तक किसी और के पास हैं
नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” , एडवोकेट , मुरैना , म.प्र.
एक शानदार जानदार व रोचक जानकारी – भारत के आज के संविधान और आज प्रचलित कानून के मुताबिक भी , भारत सरकार और पाकिस्तान , बर्मा, बंगलादेश सहित तमाम देशों सरकारों के पास इन देशों की किसी भी सम्पत्ति‍ , भूमि या अन्य किसी भी भौतिक वस्तु व मानव मात्र पर स्वामित्व नहीं है , महज मात्र एक कब्जाधारी के रूप में अतिक्रामक व केवल कब्जाधारी सरकारें हैं , इनमें से स्वामित्व किसी के पास भी नहीं हैं ।
इसे कुछ यूं समझें , कानून में ( अंग्रेजों का बनाया हुआ जो आज तक देश में चिथड़े लग लग कर चल रहा है) किसी भी संपत्त‍ि , का स्वामित्व एक अलग बात है , एक अलग विषय व तथ्य है, तथा संपत्त‍ि पर स्वामी के बजाय किसी अन्य का कब्जा या अवैध कब्जा होना दूसरी बात है , जिसे कानून नहीं मानता और ऐसे फर्जी व अवैध कब्जाधारी को अवैध व उसके विरूद्ध आपराधि‍क एवं सिविल कार्यवाही की जाती है । यानि स्वामी और अवैध कब्जाधारी , या संपत्त‍ि के स्वामी से भि‍न्न किसी अन्य का कब्जा , एक अतिक्रमण एवं दंडनीय अपराध व सिविल कार्यवाही दोनों ही प्रकार का मामला है ।
अब आते हैं असल बात पर , चलिये जरा पीछे चलें , सन 1947 में 14 अगस्त और 15 अगस्त को , अंग्रेजों ने भारत व पाकिस्तान को सत्ता का हस्तांतरण किया , अब सवाल ये है कि , अंग्रेज सत्ता हस्तांतरण करने वाले कौन , क्या वे इसके लिये अधि‍कृत थे , जी नहीं बिल्कुल नहीं कतई नहीं, अंग्रेज भारत पाकिस्तान की किसी भी संपत्त‍ि या मानव मात्र के स्वामी नहीं थे , उनके पास स्वामित्व नहीं था , में महज जबरन अवैध कब्जा करने वाले मात्र अतिक्रामक थे , मुगल भी महज अवैध कब्जाधारी अतिक्रामक अपराधी थे , कुल मिलाकर भारत या अन्य देशों का स्वामित्व अंग्रेजों या मुगलों के पास नहीं था , उनका किसी ने या भारत या अन्य देश के स्वामित्व धारीयों द्वारा राजतिलक या राज्याभि‍षेक नहीं किया , न उनके गुलाम व नियंत्रणाधीन उनके गुलाम राजाओं व चमचों , व फर्जी राजाओं को इन देशों का असली स्वामित्व धारी कभी स्वामित्व का हस्तांतरण किया गया ।
एक फर्जी व अवैध कब्जाधारी अतिक्रामक अपराधी कभी भी जो कि स्वयं ही स्वामित्व नहीं रखता , किसी को भी स्वामित्व का या सत्ता का हस्तांतरण या कब्जा नहीं दे सकता या कर सकता ।
भारत सहित अन्य देशों को आज तक इन देशों की सरकारों को , इन देशों के असली स्वामी द्वारा आज दिनांक तक स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं किया गया ।
केवल फर्जी व अवैध कब्जाधारीयों द्वारा , एक अन्य को कब्जा हस्तांतरण मात्र हुआ , यानि घर में घुस बैठे गुंडों द्वारा किसी घर पर कब्जा किया गया और दूसरे गुण्डों को कब्जा सौंपकर आगे निकल गये , संपत्त‍ि का स्वामी बेचारा शान्त अलग बैठा , गुण्डों द्वारा उसकी संपत्त‍ि व घर से बेदखल किया गया , मजदूरी , खेती किसानी कर रहा है । उसने तो स्वामित्व आज तक किसी को कभी दिया ही नहीं ।
कुल मिलाकर निष्कर्ष यह निकला कि भारत सहित अन्य देशों की सरकारों ने एक अवैध कब्जाधारी जबरन घर में आ घुसे गुण्डे से , दूसरे गुण्डे की तरह कब्जा मात्र हस्तांतरित किया है , इनमें से किसी के पास स्वामित्व आज तक नहीं है , न असल स्वामी द्वारा इन्हें स्वामित्व हस्तांरित किया गया ।
इस बिना पर और इस ठोस तर्क के आधार पर एक अवैध कब्जाधारी चाहे वह ( आज पुकारी जाने वाली सो कॉल्ड सरकार ही क्यों न हो) स्वामित्वहीन महज एक अवैध कब्जाधारी है , उसे न संविधान बनाने के , न कानून बनाने के और न देश चलाने के अख्त्यारात हासिल हैं । अवैध कब्जाधारीयों को किसी भी प्रकार के अख्त्यारात हासिल नहीं होते, इसी तर्क व आधार के प्रकाश में एकदम साफ व स्पष्ट है कि भारत के संविधान की धारा 370 अवैध व फर्जी है, इसके अलावा बल्लभभाई पटेल द्वारा जितनी भी अंग्रेजों की गुलाम व चमचों की सो कॉल्ड रियासतों या अंग्रेजों के गुलाम राजाओं से किये गये भारत संघ में विलय संबंधी सारे मर्जर एग्रीमेण्ट फर्जी व जाली हैं , और ये सभी अवैध कब्जाधारी थे न कि असल स्वामी, और अवैध कब्जाधारी किसी प्रकार का मर्जर एग्रीमेण्ट या स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं कर सकते , केवल गुण्डा अपना अवैध कब्जा , दूसरे गुण्डे को कब्जा हस्तांतरण कर सकता है , और सारे के सारे मर्जर एग्रीमेण्ट स्वामित्व विहीन , केवल कब्जा का हस्तांतरण मात्र हैं ।
पाकिस्तान का स्वामित्व भारत के पास था , पाकिस्तान का कब्जा किसी को भी न तो अंग्रेज दे सकते थे न कोई और , क्योंकि दरअसल सन 1947 में स्वामित्व का हस्तातरण हुआ ही नहीं था , अंग्रेज भारत के स्वामी नहीं थे , इसलिये स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं कर सकते थे , केवल कब्जा हस्तातंरण कर सकते थे , सो किया , न भारत का स्वामित्व आज तक और न पाकिस्तान का या अन्य किसी भी देश का स्वामित्व इनमें से किसी भी सरकार के पास है और न कब्जे के कानूनी अधि‍कार हासिल हैं ,न सरकार चलाने के, और न किसी सम्पत्त‍ि या देश या भूमि का बंटवारा आदि करने के ।
नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” , एडवोकेट , मुरैना , म.प्र.

हरियाणा का सपना चौधरी कांड, तोमर राजवंश हरकत में आया , सतपाल तंवर को तुरंत व तत्काल अरेस्ट करने हेतु तोमर राजवंश के अध‍िकृत लेटरहेड पर जारी होगा पत्र , आवश्यकतानुसार राजाज्ञा जारी कराई जा सकती है – नरेन्द्र सिंह तोमर , मुरैना , म.प्र.


हरियाणा का सपना चौधरी कांड, तोमर राजवंश हरकत में आया , सतपाल तंवर को तुरंत व तत्काल अरेस्ट करने हेतु तोमर राजवंश के अध‍िकृत लेटरहेड पर जारी होगा पत्र , आवश्यकतानुसार राजाज्ञा जारी कराई जा सकती है – नरेन्द्र सिंह तोमर , मुरैना , म.प्र.
”तंवर” सरनेम, क्षत्रिय राजपूतों का है, और महाभारत सम्राट के कुल चन्द्रवंशीय क्षत्रिय राजपूतों की क्षत्तीस कुली के ”तोमर ” कुल द्वारा यह आदिकाल से प्रयोग किया जाता रहा है, इसे यदि किसी एस.सी. एस. टी. द्वारा या पिछडे वर्ग द्वारा प्रयोग किया गया है, या किया जा रहा है,तो यह भारतीय दण्ड संहिता के तहत गंभीर आपराधि‍क षडयंत्र व जालसाजी व कूटरचना व फर्जीवाड़े का कृत्य है तोमर क्षत्रिय राजपूत राजवंश इस संबंध में सभी संबंध‍ित लोगों के विरूद्ध जिन्होंनें यह सरनेम किसी भी ओ.बी.सी. या एस.सी. एस. टी; में शामिल किया है कि विरूद्ध जालसाजी, कूटरचना करने, फर्जीवाड़ा करने, अशुद्ध दस्तावेज रचने, मिथ्या साक्ष्य गढ़ने , व उसका उपयोग करने, इस सरनेम को किसी भी अन्य जाति को प्रदत्त करने, या तंवर सरनेम धारी को किसी भी आरक्ष‍ित वर्ग में घांष‍ित करने, शामिल करने के सम्बन्ध में आपराध‍िक प्रकरण दर्ज करने हेतु आई.पी.सी. की संबंध‍ित धाराओं में तथा 120 बी एवं 34 सहित , आपराध‍िक भ्रष्टाचार करने, एवं अनु. जाति पर इस आराधि‍क साजिश रच कर उनका हक हरण करने , हक छीनने , के सम्बंध में एस.टी. एक्ट के तहत भी एवं भ्रष्टाचार निवारण ( उन्मूलन ) अध‍िनियम के तहत भी मामला पंजीबद्ध करने तथा यह कब से चल रहा है , और किस किसने यह साजिश रची व अपराध किया , कौन कौन लोग इस साजिश में शामिल हैं, एवं इसका अनुचित व नाहक व गैर वाजिब व गैर कानूनी लाभ उठाया , इसकी उच्च स्तरीय जांच करा कर जब से भी यह फर्जीवाड़ा शुरू हुआ , जिसने भी ”तंवर” सरनेम को किसी आरक्ष‍ित या संश्रय प्राप्त संरक्ष‍ित वर्ग में शामिल किया है , उन्हें तुरन्त प्रकरण दर्ज कर दाखि‍ल ए हवालात किया जाये , एवं ऐसे किसी व्यक्त‍ि द्वारा यदि आरक्षण का या किसी अन्य प्रकार का कोई लाभ प्राप्त किया गया है या किसी भी प्रकार से इस सरनेम ”तंवर” का दुरूपयोग किया गया है , तो उनकी समस्त वंशावली की पुष्टि की जाये व उसे जप्त किया जाये , बिना वंशावली का कोई भी व्यक्त‍ि क्षत्तीस कुली के किसी भी कुल का कोई सरनेम उपयोग या प्रयोग नहीं कर सकता , और यदि किसी के द्वारा फर्जी तौर पर इनमें से किसी सरनेम का प्रयोग या उपयोग किया जाता है तो वह जालसाजी, कूटरचना व धोखाधड़ी व आपराध‍िक षडयंत्र रचे जाने का खुद ब खुद स्वत: ही स्पष्ट सिद्ध दोष अपराधी है , यह पत्र अत्यंत शीघ्र ही ”तोमर क्षत्रिय राजपूत राजवंश” महाभारत सम्राट एवं महाभारत योद्धा अर्जुन के वंशज व महाभारत के अंतिम समाट दिल्लीपति महाराजा अनंगपाल सिंह तोमर की 23 वीं पीढ़ी द्वारा जल्द जारी किया जायेगा , उल्लेखनीय है कि , हरियाणा में किसी सतपाल तंवर नामक व्यक्त‍ि द्वारा एक गायिका के जहर खाने के प्रकरण में खुद का सरनेम ”तंवर” लिख कर , एस. सी. एस.टी. एक्ट एक्सरसाइज किया , जिसे देख सुन कर तोमर क्षत्रिय एवं सभी तंवर क्षत्रिय राजपूत व राजवंश एवं राजपरिवार चौंक गया व भौंचक्क रह गया , राजवंश द्वारा जारी किये जा रहे पत्र में तथा कथ‍ित सतपाल नामक व्यक्त‍ि को ”तंवर” सरनेम के साथ एस.सी. एस.टी कहने व इस अध‍िनियम को एक्सरसाइज करने के मामले में तुरन्त व तत्काल अरेस्ट कर पता लगा जाये कि यह फर्जी सरनेम इस्तेमाल करने वाला जालसाज रैकेट और कहॉं कहॉं तक इस संपूर्ण भारत देश में फैला है ।

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क्या ऊना और क्या पूना जलजला आना है , ज्वालामुखी तो फटना है, महाभारत तो होना है


क्या ऊना और क्या पूना , ज्वालामुखी तो फटना है , अभी महाभारत तो होना है
– नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”
दलित, शूद्र , पिछड़ा , दर असल किसी जाति का नाम नहीं , न किसी भी भारतीय ग्रंथ में या शास्त्र में इनकी कोई जाति दी हुई है , सबसे बड़ा सबूत है इसका महाभारत , जिसमें न कोई दलित मरा, न शूद्र न पिछड़ा , भारत के इतिहास में कभी ये नहीं मरे ।
हम नरेन्द्र मोदी की तथा कथ‍ित गौ रक्षकों के बारे में कही गई बात को सही मानते हैं व उससे सहमत हैं ।
ये जातियां किसने बनाईं , इन जातियों को जातिगत नाम व जन्म किसने दिया , कौन इन नामों की जातियों को अब तक जिन्दा रखे है , भाारत की आजादी के 70 साल गुजरने के बाद भी यह जातियां मुकम्मल कायम व दलित व पिछड़ी हैं, जबकि इस कालांतर में ही नहीं विगत हजारों वर्षो के कालांतर में भी यह शासक रहीं हैं यह शोध का विषय है , वस्तुत: 98 प्रतिशत तथाकथ‍ित दलित एवं पिछड़ी जातियां फर्जी हैं , और इस पर बाकायदा एक बहुत बड़ा अभ‍ियान चला कर इनकी मूल से आज तक वास्तविक सूची बनाई जानी चाहिये , इस फर्जी दलित व पिछड़ा जाति की असलियत सामने लाने का वक्त आ चुका है ।
जब दयाशंकर सिंह की मॉं बहिन बेटी को गरियाया व अपमानित किया जा रहा था तब इनके होठों पर मेंहदी लगी थी या जुबानों पर ताले लगे थे , या कि इनके मोबाइल व कम्प्यूटर के की बोडों में पानी भर गया था । जो दुर्योधन की सभा में द्रोपदी का चीर हरण होते देख , दुर्योधन द्वारा द्रोपदी को अपनी जंघा पर बैठने का आदेश देते देख मौन थे , वे कितने बड़े , बेशक बहुत बड़े महारथी थे , मगर बहुत बुरी भयावह व दर्दनाक मौत मारे गये । उनके सम्पूर्ण कुल व वंशों के विनाश हो गये ।
इसके बाद भी यदि इतने भीषण महाभारत जिसमें अठारह अहौक्षणी सेना व समस्त कौरव वंश का समूल सर्वनाश हो गया था , उस देश में आप क्या उम्मीद करते हैं , आप अपना असत्य, फर्जीवाड़ा , मिथ्यावाद, झूठा तमगीकरण, अपने पापों और अपराधों को छिपाने के लिये दूसरों पर आरोप जड़ते रहने का खेल कब तक … कितने वक्त तक खेल सकते हैं , और प्रतिकार की , बदले की या दण्ड की अपेक्षा नहीं करते । यदि आप किसी मुगालते में हैं वह भी भारत जैसे देश में , जहॉं महाभारत जैसा युद्ध हुआ , सीता की इज्जत पर ऑंच आने से रावण के सम्पूर्ण कुल का सर्वनाश हुआ । वहॉं आप क्या अपेक्षा व उम्मीद करते हैं । ऊना हो या पूना या हो जूना गढ़, यह तो बहुत ही हल्की सी बहुत छोटी सी प्रतिक्रिया है , एक बगावत , एक आक्रोश के दबे हुये बलबले दार ज्वालामुखी का महज कहीं जरा सी गिरी चिंगारी है , ज्वालामुखी तो फटना है , तय है , कब फटेगा कितना व किस हद तक फटेगा , आप जितना कुचल सकते हैं भारत को , भारतवासियों को , समझ लीजिये कुचल चुके दबा चुके , राजनीति बहुत हो गई , बहुत कूटनीति व नेतागिरी कर ली ।
लोगों का अब पुलिस पर , कानून पर , राजनेताओं व सरकार पर, अदालतों पर भरोसा व यकीन नहीं रहा ।
एक बगावत , आक्रोश समूचे भारत में समाई है , भगोड़े टिक कहॉं पाये हैं , जब जंग छिड़ती है और वह जंग जब हक के लिये , न्याय के लिये होती है तो धर्मयुद्ध कहलाती है । महाभारत कहलाती है , इसलिये श्रीमद भगवद गीता पहला श्लोक है ” धर्म क्षेत्रे कुरू क्षेत्रे … ”
और महाभारत का अर्थ है भारत का महान होना .. विस्तृत व विशाल होकर चारों ओर फैलना , बहुतों को मिटा कर और बहुतों को मिला कर भारत बनाना , ऐसा भारत ही महाभारत कहलाया था जिसकी सत्ता 5500 वर्ष तक सम्पूर्ण विश्व भूमि पर रही ।
अब ये फैसला तो श्री कृष्ण ने काफी प्रयास करके पहले उन्हीं लोगों पर छोड़ दिया था जिनके बीच महाभारत का युद्ध हुआ कि ” तुम्हें मिटना है या मिलना है ” और सारी जातियां, धर्म , संप्रदाय , संस्कृतियां , भाषायें , सारे विश्व के लोग …. मिट गये और मिल कर एक हो गये …. और बन गया भारत का महाभारत …
अब आप तय कर लें कि ” भारत की जनता जो कि एक अभ‍िमन्यु है , कब तक निआप सातों महारथ‍ियों ( सरकार, नेता, पुलिस, अदालत, सिस्टम, भ्रष्ट , जनता को अपना गुलाम व खुद को राजा माानने वाले लोग ) हत्थे लाचार इस बालक को चक्रव्यूह में घेर फंसा कर रखना है और कब तक इसे जूझना और संघर्ष कराना है , और कब मार देना है ”
बेशक सातों महारथ‍ियों का खौफनाक व भयावह अंत तय है , महाभारत का मैदान सज रहा है , नया कुरूक्षेत्र बन चुका है , श्री कृष्ण हार चुका है , वह दुर्योधन के छप्पन भोग ठुकरा कर विदुर के घर साग रोटी खा रहा है ।
चिल्लाओ मत , तब चुप थे तो अब भी चुप रहो, बोलने का हक खो खुके हो , जीने का हक खो चुके हो , बोलोगे तो जुबान खुद ही टपक कर नीचे गिर जायेगी , जिन्दगी का अहसास व आस रखोगे तो मौत सुनिश्चत हो खुद ब खुद आ जायेगी ।
क्या ऊना और क्या पूना …. अंधा भी केवल कॉमनसेन्स के आधार पर बता देगा , जुल्म की इन्त‍िहा गुजर चुकी है , अब तो बस आक्रोश व बदले का ज्वालामुखी फटना है , महाभारत के युद्ध का बिगुल बजना है , अर्जुन को रथ पर चढ़ना है , श्री कृष्ण को अपना पांचजन्य शंख फूंकना है ….. बस उसके बाद किसी को मिटना है और किसी को मिलना है , बेशक फिर एक महाभारत बनना है – नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”

ग्वालियर टाइम्स के सी. ई. ओ. नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” को गूगल इंकारपोरेशन ने गूगल मैप के लिये अपना लोकल गाइड नियुक्त किया


देवपुत्र पायवेट लिमिटेड ग्रुप ऑफ कम्पनीज के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं लीगल एडवाइजर, चम्बल की आवाज तथा ग्वालियर टाइम्स के सी. ई. ओ. नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” को गूगल मैप्स इंकारपोरेशन ने गूगल मैप के लिये अपना लोकल गाइड बनाया

नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” को गूगल ( इन्कार्पोरेशन ) कम्पनी ने स्थानीय गाइड नियुक्त किया , सभी स्थानीय फोटो , थ्री डी फोटो , वीडियो सहित , उसका नाम , इतिहास , और पृष्ठभूमि , विचार, सतर्कता , सावधानियां सहित सभी प्रकार के व्यू और रिव्यू लिखने के सर्वाध‍िकार कम्पनी ने तोमर को सौंपें
ग्वालियर / मुरैना 19 जुलाई 2016 । गूगल कम्पनी ने अपने बहुत बड़े व संपूर्ण विश्व तक फैले महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ” गूगल मैप ” के लिय मुरैना के गांधी कालोनी के विख्यात व प्रसिद्ध समाजसेवी एवं पुराने अति अनुभवी नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”’ को अपना लोकल गाइड नियुक्त किया है ।
नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” को गूगल की ओर से नियुक्त‍ि पत्र प्राप्त हो गया है , साथ ही गूगल ने बहुत बड़ा काम करने जा रहे श्री तोमर को बहुत बड़ा अवार्ड देने की भी घोषणा की है ।
नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” अब न केवल किसी व्यक्त‍ि विशेष पर बल्क‍ि स्थल विशेष पर भी गूगल की ओर से काम करेंगें , किसी स्थल विशेष या व्यक्त‍ि विशेष को गूगल मैप में जोड़ सकेंगें, फर्जी या असत्य को हटा व डिलीट कर सकेंगें , लापता भवनों को तलाश सकेंगें, ऐतिहासिक स्थलों , किसी भी औद्योगिक प्रतिष्ठान, व्यवसाय , होटल , खानपान, लॉजिंग , मंदिर , मस्जिद , चर्च , ढाबा अदि को चिह्न‍ित कर सकेंगें , उस पर ब्यौरा दजकर सकेंगें , उसे गेड दे सकंगें , डी ग्रेड कर सकेंगें ।
इसके अलावा किसी भी फोटो , वीडियो , थ्री डी वीड‍ियो या थ्री डी फोटो को गूगल मैप पर अपलोड कर सकेंगें , सभी ऐतिहासिक प्रृष्ठभूमि के स्थल अपलोड कर सकेंगें उनके इतिहास व ब्यौरे लिखें सकेंगें , स्थानीय स्कूलों , कालोजों के, चिकित्सा सुविधाओं, पेट्रोल पम्पों , सार्वजनिक सुविधाओं, होटलों आदि के नाम , चित्र वीडियो ब्यौरे ग्रेड , डीग्रेड , व्यू , रिव्यू लिख सकेंगें , जोड सकेंगें , हटा सकेंगें , किसी हस्ती विशेष , व्यक्त‍ि विशेष , युग पुरूष व ऐतिहासिक व्यक्तित्व पर ब्यौरा चित्र वीडियो आदि जोड़ या हटा या बदल सकेंगें ।
असली सड़कों के , असली भवनों की व असल अधोसंरचना की , नगर के स्तरीय हालात व असल नगरीय हालात व स्थ‍िति के चित्र व वीडियो अपलोड कर सकेंगें , या हटा सकेंगें , संपादन व क्रियेशन , डिलीशन आदि सभी कार्य नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” गूगल मैप की ओर से तथा गूगल कम्पनी की ओर से करेंगें ।
नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द ” ने ग्वालियर चम्बल सहित राजस्थान के लोगों से कहा है कि वे अपने सड़को , बिजली संरचना , अन्य अधोसंरचना आदि के चित्र व वीडियो  आदि भेजते समय अपने कैमरे का जी.पी.एस. इन्फो ऑन रखें और , सारे जी.पी.एस. सूचनाओं की रिकार्डिंग कैमरे को ही करने दें , जिससे आपका फोटो या वीडियो स्वत: आटोमेटिक रूप से जियो टेग हो जायेगा और खुद ब खुद सही जगह गुगल मैप में स्वत: सेट हो जायेगा । अपने चित्र या वीडियो के साथ संपूर्ण ब्यौरा अवश्य भेंजें , उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभ्ज्ञूमि अवश्य भेजें , यदि किसी ऐतिहासिक स्थल से संबंधी वीडियो या चित्र भेज रहे हैं तो उसका संदर्भ ग्रंथ , प्रमाण‍िकता सहित संपूर्ण अतिहास व वंशावली आदि अवश्य भेजें ।
चम्बल के लोगों से बिजली , सडक व खेतों की हालत तथा अन्य इन्फ्रा स्ट्रक्चर संबधी वीडियो व चित्र भेजने की अपेक्षा की गयी है , जो गुगल के लोकल गाइड नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” द्वारा गुगल मैप में दर्ज किया गया जायेगा , केवल वही चित्र , वीडियो व ब्यौरा ही संपूर्ण विश्व में दिखेगा ।

फिल्म – योगेश्वरी ( भाग – 4) काला जादू , तंत्र मंत्र की काट


BHARAT FILM ( PART -2) भारत फिल्म (भाग-2)


भारत फिल्म ( भाग - 2)

भारत फिल्म भाग -2  का विश्वस्तरीय प्रसारण हुआ
बहुप्रतीक्ष‍ित फिल्म भारत भाग – 2 का आज देवपुत्र फिल्मस , मीडिया एवं एडवर्टाइजर्स प्रायवेट लिमिटेड द्वारा प्रसारण कर दिया गया , इस फिल्म को नीचे दी गयी लिंक पर क्ल‍िक करके सीधे यू ट्यूब , फेसबुक , ट्व‍िटर सहित 16 सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है , विज्ञापन अनुबंधों के कारण ग्वालियर टाइम्स के निजी वेबलाग्स और निजी इंटरनेट प्लेटफार्म पर यह फिल्म इसी हफ्ते बाद में प्रसारित की जायेगी ।
हल्दीघाटी का युद्ध, ग्वालियर के राजा रामशाह सिंह तोमर की और उनकी तीन पीढ़ीयों की वीरगति , चम्बल के 423 तोमर राजपूतों की वीरगति, महाभारत की महारानी कुन्ती का कुन्तलपुर ( अर्जुन की ननसार) , मुनि दुर्वासा की तपस्थली व आश्रम, महारानी कुन्ती का शि‍व लिंग और शि‍व मंदिर, कर्णखार जहॉं सूर्य का रथ आसन नदी में उतरा , जहॉं कर्ण का जन्म हुआ, कर्णखाार आसन नदी जहॉं स्वर्ण मंजूषा में रख कर कर्ण को आसन नदी में प्रवाहित किया गया , देखि‍ये सारे भौतिक स्थलों के चित्र व वीडियो इस फिल्म में
Presented By Gwalior Times
सीधे डायरेक्ट यू ट्यूब पर निम्न लिंक पर पूरी फिल्म देखें

भारत फिल्म ( भाग - 2)

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Islaami Tantra इस्लामी तंत्र व नक्श सुलेमानी

भारत ( फिल्म भाग -2 ) प्रोमो ट्रेलर


Film – Yogeshwari ( Part- 2) फिल्म योगेश्वरी ( भाग – 2)


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