बिजली कटौती रोजाना दस से चौदह घंटे , फिर भी बिल हर महीने दस से बारह गुने बढ़ाकर दे रही कंपनी


  • ऊर्जा मंत्री ग्वालियर के लेकिन केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और फग्गन सिंह कुलस्ते सहित सी एम शिवराज के दौरों के वक्त बढ़ा दी जाती है बिजली कटौती
  •  साजिश राजनीति की , उपचुनावों में इस तरह रूकवाये जाते और विलंबकत कराये जाते हैं भ्रष्ट और राजनैतिक आकाओं की चमचागिरी में लिप्त बिजली कंपनी के अधिकारी कर्मचारीयों  द्वारा
  • कंपनी में जातिवाद का बोलबाला , भर्ती से लेकर बिल जारी करने तक और बिजली कटौती तक बाकायदा जातियों और राजनैतिक पार्टी के प्रभाव क्षेत्रों और घरों के हिसाब से किया जाता है सभी कुछ

विशेष समाचार आलेख – नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन्द’’ , एडवोकेट , प्रधान संपादक एवं सी ई ओ ग्वालियर टाइम्स समूह

चंबल अंचल में मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अंधाधुध अघोषित बिजली कटौती करना और अर्जी फर्जी बिल जारी करना उपभोक्ताओं को धमकाना , शिकायतें न कर देना , एम पी आनलाइन सेंटरों के फर्जीवाड़े के जरिये सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों को फर्जी तरीके से बंद कराना , सिमों की नकली सिमें निकलवाना और आरिजनल सिमो पर एस एम एस और ओटीपी बंद कराना जैसे जालसाली और सायबर क्राइमों में लिप्त मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी निजी जीवन में बेहद भ्रष्ट , अय्याश और जालसाज तथा फर्जीवाड़े और उच्च स्तरीय सेटिंगों में एग लैग पैग सप्लाई करने के अलावा हर हफ्ते और हर महीने अनाप शनाप लाखों रूपये ऊपर तक पहुंचाने वाले भ्रष्ट सफेदपोश नेताओं और अधिकारीयों की दुधारू और कामधेनु हैं ।

पहले तो इन्फ्रास्ट्रक्चर में करोड़ों रूपयों का घोटाला कर दिया , राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन के अरबों रूपये , फीडर सेपरेशन योजना के करोड़ों रूपये हड़प और हाऊहजम करने तथा  उसके बाद अब रोजाना अंधाधुंध व अघोषित बिजली कटौती करने के पीछे ग्वालियर टाइम्स की इनवेस्टिंग टीम के सामने तमाम रहस्य पर्दाफाश हुये हैं , हम इस समसामायिक समाचार आलेख में आपको क्रमश: बतायेंगें कि उपचुनावों से लेकर स्थानीय निकाय चुनावों में किस कदर बिजली कंपनी जातिवाद और भ्रष्टाचार के आंकड़े फिट करने के लिये बिजली कटौती के हथियार का ही केवल इस्तेमाल नहीं करती बल्कि उलटे सीधे अर्जी फर्जी बिल भी बिजली कंपनी में बैठे लोकल अधिकारी कर्म चारी  किस तरह अंजाम देते हैं ….. क्रमश: जारी अगले अंक में  

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आदिम जाति कल्याण विभाग सहरिया जनजाति के लोंगो से जीवन संपर्क बनायें – जिला सीईओ


मुरैना जिले में 8 सहरिया परिवारों को वनाधिकार हक प्रमाण-पत्र वितरित



मुरैना 19 सितंबर 2020 ग्वालियर टाइम्स मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तरूण भटनागर ने कहा कि प्रदेश सरकार सहरिया जनजाति लोंगो के लिये कृत संकल्पित है। उन्हें हर हाल में खुश देखना चाहती है। इसके लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के 22 हजार सहरिया परिवारों को शनिवार को वनाधिकार हक प्रमाणपत्र (पट्टे) वितरित किये गये है। जिसमें मुरैना जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट सभागार में 8 सहरिया परिवारों को वनाधिकार हक प्रमाणपत्र जिला सीईओ द्वारा प्रदान किये गये है। इस अवसर पर ट्रायवल, वन विभाग के प्रभारी अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला सीईओ श्री तरूण भटनागर ने कहा कि प्रदेश के साथ-साथ आज मुरैना जिले में भी सहरिया परिवारों को पट्टे प्रदान किये गये है। अब इन परिवारों को इन पट्टो पर खेती करना है। इसलिये खेती की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये सिंचाई के संसाधन भी करने होंगे। इसके लिये कुआ, तालाव जैसे आदि स्त्रोत स्वीकृत कर लाभान्वित कराया जावेगा। उन्होंने कहा कि सहरिया जनजगत समुदाय के सदस्य है। उनके जीवन जंगल पर निर्धारित है। उनको जो जमीन दी जा रही है, वह उनका अधिकार रहेगा। वन क्षेत्र में रहना है, वन संपदा पर आश्रित थे। वन से जो भी प्राप्त होता है, उस पर निर्भर रहते है। जंगल पर पशु चाराना, औषधी, महुआ, शहद इकट्ठा कर अपनी जीविको को उपार्जन करते है। जंगल का विस्तार विद्यार्थी समुदाय के लोग कर रहे थे। सहरिया जनजाति के लोंगो को ट्रायवल विभाग को इतना ही नहीं उन्हें छात्रवृत्ति जैसी सुविधायें प्रदान करना ही सीमित नहीं है। इसके साथ यह भी सोचना है कि उन्हें विभिन्न विभागों द्वारा संचालित प्रदेश की कल्याणकारी योजनाआंे से भी लाभान्वित कराना है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रायवल विभाग को यह भी निर्देश दिये कि सहरिया परिवारों को पीएचई विभाग के माध्यम से स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य विभाग से समुचित स्वास्थ्य प्रबंधन एवं सामाजिक न्याय विभाग से सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं से लाभान्वित किया जाये। उन्हें किसी भी योजना से वंचित नहीं रखा जाये। उनकी देखभाल, योजनाओं का लाभ दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सहरिया जनजाति के लोंगो से ट्रायवल विभाग का जीवन संपर्क होना चाहिये।
जिला सीईओ श्री तरूण भटनागर ने कहा कि मुरैना जिले में 1193 तालाव, अर्वन डैम बनाये गये है, इससे पानी रूकेगा और लोंगो को रोजगार से संसाधन मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सहरिया परिवारों को आवास मिले, जो छूट गये है, उनका सूची में नाम चयनित हो। इसके साथ ही उनको जीविको उपार्जन के लिये जनजाति की महिलाओं का समूह बनाकर मुर्गी, बकरी जैसे पालन से जोड़ा जावे। इस अवसर पर उन्होंने पहाडगढ़ विकासखण्ड के ग्राम खड़रिया पुरा के सीताराम, सोवरन, श्रीमती मीरा, शिवचरन, रामनिवास, महाराज सिंह, बनवारी और श्रीपति को वनाधिकार हक प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इसके बाद प्रदेश स्तर से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन को एलईडी के माध्यम से सुना एवं देखा गया।

जिन अधिकारियों, कर्मचारियों के स्थानांतरण हो चुके है वे कलेक्टर की बिना अनुमति के कार्य मुक्त न करें


भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उप निर्वाचन 2020 की घोषणा अतिशीघ्र की जाना संभावित है। उप निर्वाचन 2020 मुरैना जिले की 5 विधानसभा क्षेत्र में संपन्न कराना है। उप निर्वाचन 2020 संपन्न कराने के लिये मतदान दलों के लिये आयोग के निर्देशानुसार लगभग 5 हजार कर्मियों की कमी है। जिन पूर्ति हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने आयुक्त चंबल संभाग से मांग की है। इस संबंध में जिले से कई अधिकारी, कर्मचारियों के स्थान्तरण हुये है उन्हें बिना कलेक्टर की अनुमति के कोई भी जिलाधिकारी कार्य मुक्त न करें। इससे मतदान दल गठन की कार्रवाही प्रभावित हो सकती है। कलेक्टर ने सभी अधिकारी, कर्मचारियों को जिले से बाहर बिना कार्यालय की अनुमति के कार्यमुक्त न हो। यदि कोई दूसरे जिले से अधिकारी, कर्मचारी स्थान्तरण होकर इस जिले में आया है तो उसकी जानकारी निर्वाचन कार्यालय को तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

अपनी राजनैतिक जमीन खो चुकी है कांग्रेस- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने आज उज्जैन में प्रेस से कहा


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने आज उज्जैैैन में पत्रकारों से चर्चा की

उज्जैन 19 सितंबर 2020 ( ग्वालियर टाइम्स )  प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश को बिकाऊ मध्यप्रदेश कहकर  इस प्रदेश  की साढ़े सात करोड़ जनता का अपमान किया है  जिसका जवाब इस प्रदेश की जनता कांग्रेस को जल्द देगी  , वैसे भी कांग्रेस अपनी जमीन खो चुकी है ! ये बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने उज्जैन में मीडिया से चर्चा के दौरान कही !                मीडिया प्रभारी सचिन सक्सेना के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा अल्प प्रवास पर उज्जैन पधारे सर्वप्रथम श्री शर्मा ने बाबा महाकाल के दर्शन कर प्रदेश की जनता के लिये सुख शांति और स्वास्थ्य की कामना की ततपश्चात श्री शर्मा भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पहुंचे यहां पर सेवा सप्ताह के अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया ! यहां पर श्री शर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को बिकाऊ प्रदेश बोलकर प्रदेश के नेताओं का नहीं अपितु प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता का अपमान किया है  कमलनाथ जी अगर आप मे मध्यप्रदेश का एक अंश भी होता तो  आप इस प्रकार की भाषा का प्रयोग नहीं करते शायद आप भूल गए हैं हैं ये वही मध्यप्रदेश है जिसके आप मुख्यमंत्री थे ये वही प्रदेश है जिसने आपको कई बार सांसद बनाया है और याद रखियेगा ये मध्यप्रदेश की जनता है ये अपने अपमान का जवाब देना जानती है सिर्फ इन 28 सीटों पर नहीं अपितु जनता पूरे प्रदेश में कांग्रेस का सफाया कर के इसका जवाब देगी ! श्री विष्णुदत्त शर्मा ने सतना वाली घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा की सरकार ने पूर्व में ही ऐसे लोगों के लिए फांसी का नियम बनाया है और वो लोग जो इस प्रकार का घृणित कृत्य करते हैं उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा !हमेशा चुनावी मोड में रहता है भाजपा कार्यकर्ता                श्री शर्मा ने उपचुनाव की तैयारी को लेकर कहा कि प्रदेश की सभी 28 सीटों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारी पूर्ण कर ली है ये भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता है इसको तैयारी के लिए किसी चुनाव की आवश्यकता नहीं होती  है हमारा कार्यकर्ता हमेशा चुनावी मोड में रहता है और निश्चित रूप से प्रदेश में होने वाले उपचुनावों में पिछले 15 वर्षों के कार्य एवम इन 5 महीनों के कार्य के बूते 28 सीटों पर ही प्रचंड बहुमत से हम विजय श्री हासिल करेंगे !उज्जैन को धरती पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की जननी है 

             प्रदेशाध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि अगर में उज्जैन में कार्य नहीं करता तो शायद पूर्णकालिक नहीं बन पाता ये उज्जैन की ही धरती है जिसने अनेकों अनेक पूर्णकालिक कार्यकर्ता संगठन को दिए हैं ! श्री शर्मा ने कहा कि ये विश्व का एक मात्र ऐसा संगठन है जिसका कार्यकर्ता राजनैतिक भूमिका के साथ साथ सामाजिक भूमिका का निर्वहन भी उतनी ही लगन और तत्परता के साथ करता है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण कोरोना काल मे पूरे विश्व ने देखा है !  इस दौरान श्री शर्मा का भाजपा कार्यालय पर भव्य स्वागत भी किया गया भारतीय जनता पार्टी कार्यलय पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष श्री विवेक जोशी ने स्वागत भाषण दिया कार्यक्रम का सञ्चालन श्री सुरेश गिरी ने किया एवं आभार श्री ओम अग्रवाल ने माना !इसके पूर्व सर्किट हाउस पर प्रदेशाध्यक्ष का भव्य स्वागत किया गया जिसमें प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला , विधायक श्री पारस जैन , श्रीमती मीना जोनवाल , श्री अनिल जैन कलुहेड़ा , श्री वीरेंदर कावड़िया ,श्री ओम जैन , श्री श्याम बंसल , श्री रूप पमनानी , श्री सोनू गेहलोद , श्री सुरेंद्र सांखला , श्री सनवर पटेल , श्री रामेश्वर दुबे , श्री के पी झाला , श्री विशाल राजोरिया , श्री दिनेश जाटवा , श्री धनञ्जय शर्मा , श्री अमय आप्टे , सहित अनेकों कार्यकर्ताओं ने श्री विष्णुदत्त जी शर्मा का स्वागत किया !

कांग्रेस ने म प्र विधानसभा उपचुनाव के 15 टिकट घोषित किये, नहीं दे पाई जीतने वाले प्रत्याशी


कांग्रेस प्रत्याशीयों की 15 विधानसभा क्षेत्रों के लिये उपचुनाव हेतु सूची जारी , 3 सामान्य तो शेष 12 आरक्षित सीटों हेतु प्रत्याशी घोषित हुये , दिमनी सै रवीन्द्र सिंह तोमर , अंबाह से सत्यप्रकाश शेकरवार (गलत सरनेम लिख कर आया है सूची मैं एस सी सीट पर राजपूतों का सरनेम लिख दिया गया है ) जौरा सीट पर इस सरनेम का असर पडेगा , ग्वालियर सीट से प्रद्युम्न सिंह तोमर के मुकाबले में कांग्रेस ने किसी सुनील शर्मा को टिकिट दिया है , कांग्रेस प्रत्याशीयों की पहली सूची आते ही , उपचुनावों के परिणाम करीब करीब साफ हो गये , और आने वाले उपचुनावों के बाद किसकी सरकार म प्र में 2023 तक रहेगी इस पर से कुहासा हट गया । कांग्रेस की पहली सूची में सिंधिया समर्थकों और दिनेश गुर्जर के लेन देन और सिफारिश‌ वालों को ही टिकिट दिये गये हैं ।

साइबर क्राइम से बचने के तरीके तथा आपको इंटरनेट या आनलाइन या सोशल मीडिया पर हतोत्साहित करने वालों को , कार्यवाही न करने वाले पुलिस वालों को कैसे जेल भिजवायें


सायबर क्राइम और हेकिंग कैसे पहचानें और क्या कानूनी कार्यवाही करें कि हैकर्स और आनलाइन आपको सोशल मीडिया तथा अन्य जगह हतोत्साहित करने वाले क्रिमिनल्स को सजा दिलाकर जेल भिजवायें
‘ नरेन्द्र सिंह तोमर ” आनंद” एडवोकेट , सायबर क्राइम स्पेशलिस्ट एडवोकेट
बहुत खतरनाक है माइक्रोसाफ्ट का एज क्रोमियम ब्राउजर ….. हेकर्स के लिये बेहद आसान और प्राक्सी वेबसाइट … नकली वेबसाइटों की ओर रीडायरेक्ट करना …. नये एज क्रोमियम वेब ब्राउजर की विशेषता है , सेव्ड पासवर्ड का हैकर्स के लिये आसानी से इस्तेमाल करना तथा मनमाने नकली प्रदर्शन करना आदि नये एज क्रोमियम ब्राउजर की खासियतें हैं , बच कर रहिये , इसे एंटीवायरस भी सिक्यारिटी प्रदान नहीं करता है , इसमें व्हाटस वेब भी नहीं चलता है और इस एज क्रोमियम ब्राउजर को डिनाई कर देता है ,जबकि इसके उलट इंटरनेट एक्सप्लोरर , गूगल क्रोम ब्राउजर सही काम करते हैं , जबकि फायर फॉक्स को एंटीवायरस सिक्योरिटी प्रदान नहीं करता , हालांकि इसमें व्हाटस एप्प वेब सही चलता है …. अत: इंटरनेट इस्तेमाल करते समय या सर्फिंग करते समय ब्राउजर का चयन काफी सोच समझ कर करें और सिस्टम के सेव पासवर्डों को हर 36 र्घंटे पर बदलते रहें , हालांकि मात्र अकेला माइक्रोसाफ्ट अपने ई मेल में हर 72 घंटे पर पासवर्ड बदलने की सुविधा देता है लेकिन अन्य कोई नहीं , लिहाजा आप कोई सा अकाउंट इस्तेमाल करें दो चरणीय सत्यापन अवश्य लागू करें । हैकर इसके बाद अपने आपकी मोबाइल सिम को कनेक्ट करने/ हैक करने का प्रयास करेगा , आप बड़ी आसानी से पकड़ सकेंगें कि हैकर अगल बगल में है या दूर से रिमोट कंट्रोल किया जा रहा है , दूर से कंट्रोल करने वाला मोबाइल सिम कंट्रोल नहीं कर पायेगा और लोकल में ही अगर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी का एजेंट या मांबाइल सिम बेचने वाले कारिंदे या इंटरनेट सामान रूटर या वायरलेस डिवाइसेज , कैमरे वाइफाइ या वेबकैम बेचने या इस्तेमाल करने वाले किसी के द्वारा गड़बड़ी की जा रही होगी तो आसानी से पकड़ में आ जायेगी , यह गड़बड़ी ट्रांसमिशन टावर से भी की जा रही होगी तो आसानी से पकड़ में लाने के लिये अपने मोबाइल फोन को एक टावर से दूसरे स्थान की ओर ले जाते वक्त स्विच आफ करके ले जाइये , दूसरे तीसरे चौथे टावर लोकेशन पर इसी तरह अलग अलग चेक कर लीजिये , गड़बड़ी वाला टावर आसानी से पकड़ में आ जायेगा , आपको आई टी एक्ट 2000 के संशोधित अधिनियम व सभी संशोधित प्रावधानों का बेहतर ज्ञान किसी अच्छे सायबर क्राइम स्पेशलिस्ट एडवोकेट से पाना चाहिये , उसके उपरांत ललिता कुमारी बनाम बिहार राज्य में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये आदेश और दिशा निर्देशों के अनुसार पुलिस को एफ आई आर देना चाहिये , सबूत इकठ्ठे करना पुलिस का काम है , यदि फॅिर भी पुलिस कार्यवाही न करे तो ललिता कुमारी बनाम बिहार राज्य के अनुसार आप पुलिस को केस देने के 15 दिन गुजरने ( 15 दिन गुजरने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने सन 2019 में जारी किया है ) के बाद कभी भी आप जिला अदालत में धारा 200 का परिवाद लायें और जिला अदालत उसे रिजेक्ट करे या न सुने तो हाईकोर्ट में धारा 482 की पिटीशन लायें हाईकोर्ट एफ आई आर दर्ज करने और विवेचना करने व उसका धारा 173 के तहत रिपोर्ट यानि कि चालान पेश करने का आदेश जारी करेगा । इसमें खास ख्याल रखने वाली बात यह होगी कि आपने खुद ने जो भी जानकारी या साक्ष्य या सबूत इकठ्ठे करें हैं उन्हें बाकायदा किसी तकनीकी स्पेश्लिस्ट या किसी ऐसे एडवोकेट की मदद से जिसने कि बी एस सी गणित से या इंजीनियरिंग करने के बाद एल एल बी की हो , उसकी सहायता से एक डायरी में सारे ब्यौरे कलमबद्ध कर लेने चाहिये , यह न केवल हाईकोर्ट में काम देंगें बल्कि बाद में एफ आई आर के अदालत में मुकदमें में यानि क्रिमिनल केस के रूप में चलने में मुलजिमों को सजा दिलाने में काम आयेंगेंं , क्योंकि इलेक्ट्रानिक एविडेसेज और इलेक्ट्रानिक रिकार्डस कितने भी बार डिलीट करने के बावजूद कभी ख्त्त्म नहीं होते , ये डिलीट हो जाने के बाद भी बड़ी आसानी से रिकवर हो जाते हैं । चूंकि इन मामलों में एफ आई आर दर्ज न करने वाले या इससे जिम्मेवार सभी पुलिस कर्मी भी इस अपराध में मुलजिम बनते हैं और उनकी नौकरी तो जाती ही है , वेतन पेंशन तो जप्त होते ही हैं , जेल भी तुरंत ही जाना पड़ता है , लिहाजा वे आखरी दम तक साक्ष्य सबूत नष्ट करेंगें और आपको अदालतों तक जाने से रोकेंगें ही , क्योंकि उन्हें अपनी हर चीज जाजी और सीधे सीधे सजा और जेल नजर आती है , इसलिये इस प्रकार के मामले में जिला स्तर पर भी और हाई कोर्ट के स्तर पर भी एडवोकेट सही सोचसमझ कर चयन करें , जिसे पुलिस के खिलाफ और सायबर क्राइमों का लड़ने का बेहतरीन ज्ञान और तजुर्बा हो । …….. नरेन्द्र सिंह तोमर ,एडवोकेट , म. प्र. उच्च न्यायालय , खंडपीठ ग्वालियर एवं समस्त अधीनस्थ जिला एवं सत्र न्यायालय ।

राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षण अकादमी की बेंगलुरु में ई-आधारशिला रखी गई


04 SEP 2020 Gwalior Times

आर.यू.डी.एस.ई.टी.आई. (एनएआर) की राष्ट्रीय अकादमी के नए प्रशिक्षण संस्थान भवन की कल ई-आधारशिला रखने का समारोह आयोजित किया गया। एनएआर ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों (585 आर.एस.ई.टी.आई. देश के 566 जिलों में स्थित हैं), राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश, ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारियों और संबंधित बैंक अधिकारियों की ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से निगरानी, ​​सलाह और क्षमता निर्माण का कार्य करता है।

    प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सचिव, ग्रामीण विकास, भारत सरकार, श्री नागेंद्र नाथ सिन्हा ने जोर देकर कहा कि आर.एस.ई.टी.आई. एक अनूठी पहल है जिसमें राज्य सरकारें, केन्‍द्र सरकार और वाणिज्यिक बैंक, ग्रामीण गरीबी के मुद्दे से निटपने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने देश में बेरोजगारी की समस्या को कम करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने में आर.एस.ई.टी.आई. के महत्व का भी उल्लेख किया। आर.एस.ई.टी.आई. की गतिविधियों के मानकीकरण में एन.ए.आर. की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्होंने एन.ए.आर. को इस दिशा में अपने प्रयास तेज करने की सलाह दी और ये अनुभव किया कि एन.ए.आर. के नए परिसरों की स्थापना से इस बारे में अच्छी सहायता मिलेगी।

     वर्तमान में ये प्रशिक्षण बेंगलुरु या राज्य/ केन्‍द्रशासित प्रदेशों में किराए के विभिन्न परिसरों में आयोजित किए जाते हैं। इस प्रस्‍तावित परिसर का विकास सुंदर बागों के शहर बेंगलुरु में 25 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परिसर क्षमता निर्माण की एक प्रमुख समस्‍या का समाधान करेगा। इस कार्यक्रम में एन.ए.आर. के अध्‍यक्ष पद्मविभूषण डॉ. डी. वीरेंद्र हेगड़े और केनरा बैंक की कार्यकारी निदेशक सुश्री ए. मणिमेखलाई की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    एन.ए.आर. के अध्‍यक्ष डॉ. डी वीरेंद्र हेगड़े ने सफल रुडसेटी मॉडल को अपनाने के लिए सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए यह स्‍मरण किया कि किस प्रकार यह अच्‍छी प्रतिकृति आर.एस.ई.टी.आई. के रूप में लाखों ग्रामीण बेरोजगार युवाओं के जीवन को संवार रही है। उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्रालय की आर.एस.ई.टी.आई. मॉडल स्‍वीकार करने के लिए सभी बैंकों को सुनिश्चित करने में निभाई गई महत्‍वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। इसी के परिणामस्‍वरूप देश में उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के बड़े नेटवर्क की स्थापना हुई है।

    केनरा बैंक की कार्यकारी निदेशक, सुश्री ए मणिमेखलाई  ने वर्षों से एनएआर की भूमिका की प्रशंसा करते हुए यह आश्वासन दिया कि कैनरा बैंक भविष्य के प्रयासों में भी पूरा सहयोग देगा। उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्रालय, डॉ. हेगड़े और आर.एस.ई.टी.आई. को प्रायोजित करने वाले बैंकों को धन्यवाद दिया। उन्‍होंने एन.ए.आर. को आर.ए.एसटीआई के इस आंदोलन में सभी हितधारकों की एकता का प्रतीक बताया। सभी गणमान्य व्यक्तियों ने एनएआर के लिए एक नए युग को चिह्नित करते हुए आधारशिला का वर्चुअल अनावरण किया।

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भारत सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में भरपूर अवसरों वाला देश हैं : पीएम


04 SEP 2020 ग्वालियर टाइम्स

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अमेरिका-भारत 2020 शिखर सम्मेलन में विशेष संबोधन दिया।

यूएस-इंडिया स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएस-आईएसपीएफ) एक गैर लाभकारी संगठन है, जो भारत और अमेरिका के बीच भागीदारी के लिए काम करता है।

31 अगस्त से शुरू हुए इस 5 दिवसीय सम्मेलन की थीम “अमेरिका-भारत के सामने मौजूद नई चुनौतियां” है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वैश्विक महामारी का हर किसी पर असर पड़ा है और यह हमारी दृढ़ता, हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था, हमारी अर्थव्यवस्था की परीक्षा ले रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात एक नई सोच की मांग करते हैं। ऐसी सोच जहां विकास की रणनीति मानव केन्द्रित हो। जहां हर किसी के बीच सहयोग की भावना हो।

आगे की रणनीति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश क्षमताओं के विस्तार, गरीबों की सुरक्षा और हमारे नागरिकों के भविष्य को बचाने पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है।

कोविड के खिलाफ लड़ाई के लिए सुविधाएं बढ़ाने और नागरिकों के बीच जागरूकता के प्रसार की दिशा में उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, त्वरित रूप से कदम उठाए जाने से सुनिश्चित हुआ कि 1.3 अरब जनसंख्या और सीमित संसाधनों वाले देश में प्रति मिलियन आबादी पर मृत्यु दर दुनिया में सबसे कम बनी हुई है।

उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि भारत का कारोबारी समुदाय, विशेष रूप से छोटे उपक्रम ज्यादा सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा, लगभग शून्य से शुरुआत करते हुए उन्होंने हमें दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा पीपीई किट विनिर्माता बना दिया है।

विभिन्न सुधारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी 1.3 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं को प्रभावित करने में नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि हाल के दौर में देश में दूरगामी सुधार हुए हैं, जिससे कारोबार करना आसान हुआ है और लालफीताशाही कम हुई है।

श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े आवासीय कार्यक्रम पर सक्रिय रूप से काम चल रहा है और अक्षय ऊर्जा का विस्तार किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने रेल, सड़क और वायु संपर्क-मार्ग को मजबूत बनाने का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत एक राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के निर्माण के लिए एक विशेष डिजिटल मॉडल तैयार कर रहा है।

उन्होंने कहा, हम करोड़ों लोगों को बैंकिंग, कर्ज, डिजिटल भुगतान और बीमा उपलब्ध कराने के लिए सर्वश्रेष्ठ फिन-टेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) का उपयोग कर रहे हैं। इन सभी पहलों में विश्व स्तरीय तकनीक और वैश्विक स्तर की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं का उपयोग किया जा रहा है।

श्री मोदी ने कहा, महामारी ने दुनिया को दिखाया है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के विकास का फैसला सिर्फ लागत के आधार पर नहीं लिया जाना चाहिए। वे भरोसे पर भी आधारित होने चाहिए। कंपनियां अब भौगोलिक क्षेत्र की सामर्थ्य के साथ ही विश्वसनीयता और नीतिगत स्थायित्व पर भी विचार कर रही हैं। भारत ऐसी जगह है, जहां ये सभी विशेषताएं हैं। उन्होंने कहा, इन्हें देखते हुए भारत विदेशी निवेश के लिए अनुकूल स्थलों में से एक के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा, चाहे यह अमेरिका हो या खाड़ी देश, चाहे यूरोप हो या आस्ट्रेलिया- दुनिया हम पर विश्वास करती है। इस साल हमें 20 अरब डॉलर का विदेशी निवेश प्रवाह हासिल हुआ है। गूगल, अमेजन और मुबाडाला इन्वेस्टमेंट्स ने भारत के लिए दीर्घकालिक योजनाओं का ऐलान किया है।

प्रधानमंत्री ने उस पारदर्शी और पूर्व अनुमानित कर व्यवस्था का संदर्भ दिया जिसे भारत पेश करता है और कैसे ये कर व्यवस्था ईमानदार करदाताओं को समर्थन देती है और उन्हें प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि भारत का जीएसटी एकीकृत है और पूरी तरह से अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है।

श्री मोदी ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता का उल्लेख किया जो पूरी वित्तीय प्रणाली के लिए जोखिम को कम करती है। उन्होंने व्यापक श्रम सुधारों पर भी बात की जो नियोक्ताओं के लिए अनुपालन का बोझ कम करते हैं और किस प्रकार ये कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।

प्रधानमंत्री ने विकास को गति देने में निवेश के महत्व पर चर्चा की, और कहा कि भारत इसके मांग और आपूर्ति पक्ष दोनों पर किस प्रकार नज़र बनाए हुए है।

उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया के सबसे कम कर देने वाले देशों में से एक बनाकर और नई विनिर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन देकर ऐसा किया जा रहा है। 

प्रधानमंत्री ने अनिवार्य ई-प्लेटफॉर्म आधारित ‘फेसलेस असेसमेंट’ का उल्लेख किया और कहा कि ये करदाताओं के चार्टर के साथ-साथ नागरिकों की मदद करने में भी एक लंबी दूरी तय करेगा। बॉन्ड बाजार में जारी नियामकीय सुधारों से निवेशकों के लिए पहुंच में सुधार सुनिश्चित होगा।

उन्होंने कहा कि भारत में एफडीआई 2019 में 20 प्रतिशत बढ़ा है, वो भी तब जब वैश्विक एफडीआई में 1 प्रतिशत की गिरावट आई है और ये हमारी एफडीआई व्यवस्था की सफलता को दिखाता है।

श्री मोदी ने कहा कि उपरोक्त सभी कदम एक उज्ज्वल और ज्यादा समृद्ध भविष्य को सुनिश्चित करेंगे। ये एक मजबूत वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी योगदान देंगे।

एक आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 1.3 अरब भारतीयों द्वारा अपनाए गए इस मिशन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ स्थानीय (लोकल) को वैश्विक (ग्लोबल) के साथ मिलाता है और इससे एक ग्लोबल फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में भारत की ताकत सुनिश्चित होती है।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारत का कायापलट करते हुए उसे महज एक निष्क्रिय बाजार रहने देने के बजाय ग्लोबल वैल्यू चेन्स के बीचोंबीच एक सक्रिय विनिर्माण हब में बदलना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लिए आगे की राह अवसरों से भरी हुई है। खासतौर पर निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में। उन्होंने कोयला, खनन, रेलवे, रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को खोले जाने का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कृषि में सुधारों के साथ-साथ मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरणों, फार्मा क्षेत्रों के लिए शुरू की गई उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन योजनाओं का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने इस शिखर सम्मेलन को बताया कि भारत में चुनौतियों का सामना करने के लिए एक ऐसी सरकार मौजूद है जो नतीजे देने में विश्वास करती है, एक ऐसी सरकार जिसके लिए ईज़ ऑफ लिविंग (सुगम जीवनशैली) उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (कारोबारी सुगमता)।

उन्होंने भारत का वर्णन एक ऐसे युवा देश के तौर पर किया जिसकी 65 प्रतिशत जनसंख्या की उम्र 35 वर्ष से कम है, जो आकांक्षाओं से भरा है और जिसने खुद को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां राजनीतिक स्थायित्व और नीतिगत निरंतरता है और जो लोकतंत्र और विविधता के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी भारतीय पुलिस सेवा के प्रोबेशनरों के साथ बातचीत करेंगे


ग्वालियर टाइम्स 04 SEP 2020

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी शुक्रवार, 04 सितंबर, 2020 को सुबह 11 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) में आयोजित दीक्षांत परेड कार्यक्रम के दौरान भारतीय पुलिस सेवा के प्रोबेशनरों के साथ वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत करेंगे।

इन 131 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के प्रोबेशनरों में 28 महिला प्रोबेशनर शामिल हैं, जिन्‍होंनेइस अकादमी में बुनियादी पाठ्यक्रम चरण-1 के 42 सप्ताह पूरे कर लिए हैं।

इन प्रोबेशनरों ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी और डॉ. मैरी चन्‍ना रेड्डी मानव संसाधन विकास संस्‍थान तेलंगाना, हैदराबाद में आईएएस, आईएफएस जैसी अन्‍य सेवाओं के प्रोबेशनरों के साथ अपना फाउंडेशन कोर्स पूरा करने के बाद 17 दिसंबर 2018 को इस अकादमी में प्रवेश किया था।

सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) में बेसिक कोर्स प्रशिक्षण के दौरान प्रोबेशनरों को कानून, जांच-पड़ताल, फोरेंसिक, नेतृत्व एवं प्रबंधन, अपराध विज्ञान, सार्वजनिक व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा, नैतिकता और मानवाधिकार, आधुनिक भारतीय पुलिस व्‍यवस्‍था, फील्ड क्राफ्ट और युक्तियां, हथियार प्रशिक्षण और गोलाबारी जैसे विभिन्‍न इंडोर और आउटडोर विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में आगामी 3 वर्षों में स्थापित होंगे 5 अत्याधुनिक कलस्टर


मप्र में उद्यानिकी मिशन का केन्द्रीय कार्यालय शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा : केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर
शिवराज जी आपने गेहूँ उत्पादन में हमारे पंजाब को पीछे छोड़ दिया – श्रीमती हरसिमरत कौर बादल

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए आगामी 3 वर्षों में 5 अत्याधुनिक कलस्टर स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एक कलस्टर विश्व स्तर का होगा। मध्यप्रदेश में परम्परागत फसलों की तरह ही उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। कोल्ड चैन, वैल्यू एडिशन एवं फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों की आमदनी दोगुना करने की पूरे प्रयास किए जाएंगे। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का सपना किसान कल्याण से ही पूरा होगा। हम किसानों को ‘इन्कम सिक्योरिटी’ देंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मध्यप्रदेश में ‘उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण : भविष्य की रणनीति’ विषय पर आयोजित वेबिनार के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल, केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण और उद्योग राज्यमंत्री श्री रामेश्वर तेली, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के राज्य प्रमुख श्री कुमार साकेत ने किया।

वेबिनार में केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में बागवानी के क्षेत्र में गंभीर चिंतन हो रहा है। इसके निष्कर्षों के आधार पर केन्द्र और राज्य सरकार‍ मिलकर मध्यप्रदेश को कृषि की ही तरह बागवानी के क्षेत्र में ऊचाईयों पर ले जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान की किसानों के प्रति संवेदना तथा किसान हितैषी नीतियां अद्भुत हैं। बागवानी से किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में उद्यानिकी मिशन का केन्द्रीय कार्यालय शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। केन्द्र एवं राज्य सरकार मिलकर किसानों की तस्वीर और तकदीर बदलेंगे।

वेबिनार में केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि ‘शिवराज जी आपने गेहूँ उत्पादन में हमारे पंजाब को पीछे छोड़ दिया है’। इसके साथ ही जैविक कृषि में भी मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है। प्रदेश में दो मेगा फूड पार्क (खरगौन और देवास) तथा आठ कोल्ड चैन पर कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 800 करोड़ रूपए के कुल 30 प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है। इसमें 250 करोड़ का अनुदान, 24 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा तथा 01 लाख किसानों को फायदा होगा। साथ ही प्रतिवर्ष 15 हजार करोड़ रूपए की ‘एग्रो प्रोसेसिंग’ हो सकेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश के ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे मध्यप्रदेश के उत्पाद विदेशों में भी लोकप्रिय होंगे। केन्द्र सरकार की ‘ऑपरेशन ग्रीन’ योजना के अंतर्गत कम से कम 100 किलोमीटर की दूरी तक किसानों द्वारा फल एवं सब्जियों का परिवहन करने पर 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। किसानों द्वारा कोल्ड स्टोरेज में अपनी उपज रखे जाने पर आगामी तीन महीनों में 50 प्रतिशत की सब्सिडी भी मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान से आग्रह किया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए बिजली को कृषि दर पर प्रदान किया जाए।

उत्पादन और प्रसंस्करण दोनों में मध्यप्रदेश आगे बढ़ेगा

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्यानिकी फसलों के उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में जो मध्यप्रदेश से अपेक्षाएं की हैं, उनको मध्यप्रदेश अवश्य पूरी करेगा।

खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन महत्वपूर्ण

केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण और उद्योग राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमें इन क्षेत्रों में आगे बढ़ना होगा। देश में किसानों एवं उद्यमियों के लाभ के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना’ प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में 08 मेगा/मिनी फूड पार्क, कोल्ड चैन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट आदि पर कार्य चल रहा है। ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी होगी।

पंजाब हमारा आदर्श भी और प्रेरणा भी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में पंजाब हमारा आदर्श भी है और प्रेरणा भी। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, श्रीमती हरसिमरत कौर एवं श्री रामेश्वर तेली द्वारा मध्यप्रदेश को निरंतर दिए जा रहे सहयोग की सराहना की।

वेबिनार के निष्कर्षों पर तैयार करेंगे रोडमैप

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया‍वेबिनार के निष्कर्षों के आधार पर मध्यप्रदेश में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगामी 03 वर्षों में किए जाने वाले कार्यों का रोडमैप तैयार‍किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 308 लाख मीट्रिक टन से भी अधिक उद्यानिकी फसलें होती हैं। मध्यप्रदेश का संतरा, धनिया, अंगूर, मिर्ची, मटर, आलू देश-दुनिया में प्रसिद्ध है।

केन्द्रीय दल से शीघ्र सर्वे का अनुरोध

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस बार बाढ़ से किसानों की फसलों को अत्यधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने अनुरोध किया कि केन्द्रीय दल शीघ्र मध्यप्रदेश आकर किसानों की फसलों का सर्वे करे जिससे कि किसानों को जल्दी से जल्दी केन्द्र की राहत भी मिल सके।

प्रथम सत्र : उत्पादन व उत्पादकता को बढ़ाना (फार्म गेट मैनेजमेंट) के प्रमुख निष्कर्ष

(टीम लीडर और मॉडरेटर, श्री पुष्कर सिंह, आयुक्त, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग)

  • उद्यानिकी में मशीनीकरण को बढ़ावा देना।
  • एकीकृत कीट प्रबंधन तथा एकीकृत पौध संरक्षक कौशल को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता।
  • सौर आधारित सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना।
  • कृषि में प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप को बढ़ाना।
  • एफपीओ के लिए गारंटी फंड/रिजर्व फंड की स्थापना।
  • उद्यानिकी उत्पादों के ग्रेडिंग, सोर्टिंग की ट्रेनिंग देकर गुणवत्ता युक्त मार्केट तैयार किया जाना।
  • सेटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल, (अभी इसराइल इस तकनीक का प्रयोग करता है)।

द्वितीय सत्र खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यानिकी के प्रमुख निष्कर्ष

(टीम लीडर और मॉडरेटर, श्रीकांत बनोठ (IAS) प्रबंध निदेशक, मध्यप्रदेश स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज एवं

  • श्री कुमार साकेत, राज्य कार्यालय प्रमुख, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम, मध्यप्रदेश)
  • एकीकृत कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण प्रोत्साहन पॉलिसी की जरूरत।
  • ‘एक जिला एक उत्पाद’ को अपनाते हुए वैल्यू चेन का विकास करना।
  • प्रसंस्करण व मार्केट योग्य किस्मों को बढ़ावा देना।
  • शूक्ष्म इकाइयों को ब्याज दर में छूट एंव बैंकों से जोड़ना।
  • शूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए कृषि की तरह कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना।
  • बागवानी उत्पादों की गुणवत्ता प्रमाणन/जैविक प्रमाणीकरण को बढ़ावा देना।
  • भण्डारण क्षमता में 25 प्रतिशत वद्धि।
  • फलों और सब्जियों के लंबे भंडारण और परिवहन के लिए संशोधित वातावरण तैयार करना, किसानों को छोटी भण्डारण क्षमता के लिए गाँव में ही उन्हें अच्छी पैकेजिंग के लिए ट्रेनिंग देना।
  • भंडारण की सुविधा/मूल्यवर्धन/अनुबंध खेती को बढ़ावा।
  • अगले 5 वर्षों में 10000 शूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का उन्नयन।
  • वर्तमान में खाद्य प्रसंस्करण 2 से 3 प्रतिशत है अगले 3 वर्षों में खाद्य प्रसंस्करण में 8 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि करना।
  • भंडारण सुविधाओं में सुधार।
  • कृषि को सेवा मॉडल के रूप में बढ़ावा देते हुए 100 किसान स्टार्ट-अप्स व उद्यानिकी उद्यमियों को प्रोत्साहित करना।
  • बाजार लिंकेज, सलाहकार सेवाएं।
  • फार्म टू फोर्क – बाजार लिंकेज को प्रोत्साहित करना।

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