म प्र के किसानों से ज्वार बाजरा खरीदी 20 दिसंबर तक, पोर्टल पर पंजीयन व एस एम एस प्राप्ति 5 दिसंबर तक, अब दूसरा एस एम एस भी ले पायेंगें


शिवराज ने किसानों की सुनी , दूर की परेशानी और चिंता , शासन ने आज जारी किये आदेश , अब चिन्ता न करें किसान

ग्वालियर टाइम्स 03  दिसम्बर, आज जारी म प्र शासन के आदेश में किसानों को ज्वार व बाजरा खरीदी हेतु अब पहला एस एम एस खो जाने या उसकी अवधि समाप्त हो जाने पर एन आई सी के माध्यम से एक और दूसरा एस एम एस प्राप्त करने की सुविधा दी है ।

दी गयी सुविधा में यह भी कहा गया है कि पोर्टल पर पंजीकृत किसान 05 दिसंबर तक एस एम एस या दूसरा एस एम एस प्राप्त कर सकेंगें । तथा एस एम एस प्राप्त करने के 15 दिन तक वह एस एम एस या दूसरा एस एम एस मान्य और वैध रहेगा । और किसान एस एम एस प्राप्त करने से 15 दिन तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपना ज्वार बाजरा मंडी या उपार्जन केन्द्र को बेच सकेगा ।

दूसरी भाषा में कहें तो 04 तारीख को एस एम एस पाने वाला किसान 19 दिसम्बर तक और 05 दिसम्बर को एस एम एस पाने वाला किसान 20 दिसंबर तक अपनी फसल की उपज बेच सकेगा ।      

पेशकार ने ली 9 हजार रिश्वत, मेनका गांधी बोलीं- ‘1 घंटे में वापस करो, नहीं तो जेल में डाल दूंगी’


उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक देवमणि दुबे के विधानसभा क्षेत्र लंभुआ में एसडीएम के पेशकार ने एक व्यक्ति से 9 हजार रुपये रिश्वत में ले लिए। बुधवार को जब पीड़ित ने इसकी शिकायत पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सुलतानपुर सांसद मेनका गांधी ने से की तो उनका पारा गर्म हो गया। मेनका गांधी के प्रतिनिधि विजय सिंह रघुवंशी ने बताया कि सांसद ने पेशकार से कहा कि 9 हजार रुपये एक घंटे में वापस करो, मेरे क्षेत्र में रिश्वतखोरी नहीं चलेगी। मेनका गांधी ने आरोपी को जेल में डालने की धमकी भी दी।

एनबीटी ऑनलाइन के पास मौजूद वीडियो में मेनका गांधी सख्त लहजे में पेशकार से कह रही हैं, ‘मैं आपको जेल में डालने वाली हूं। आपके खिलाफ शिकायत मिली है। अभी एक घंटे के अंदर रिश्वत के 9 हजार रुपये वापस कीजिए। एक घंटे में आपने वापस नहीं किए तो एसडीएम और डीएम से बात करने वाली हूं।’

‘…मुझे सबूत चाहिए’

मेनका गांधी बोलीं, ‘मुझे एक घंटे में फोन आना चाहिए कि पैसे वापस पहुंच गए। तुम एक नंबर के चोर हो और बहुत बड़े रिश्वतखोर हो। वह पैसे आप वापस दोगे और आज के बाद कोई शिकायत मिली रिश्वत की तो बहुत बुरा होगा। मुझे एक घंटे में फोन आना चाहिए कि वह पैसे वापस पहुंच गए, मुझे सबूत चाहिए। समझ गए आप? इस पर दूसरी ओर से जवाब मिला उस पर सख्त लहजे में मेनका ने कहा अभी 9 हजार रुपये वापस करेंगे आप। मेरे क्षेत्र में रिश्वतखोरी नहीं चलेगी।’

ई आनलाइन डिजिटल साक्षरता आज की सबसे अहम जरूरत, हर आदमी है ई टेक्नालाजी के दायरे में – यशोधरा राजे सिंधिया


तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने मंगलवार को वर्चुअल एम्पलाईविलिटी कॉन्क्लेव-2020 का शुभारंभ करते हुए कहा कि डिजिटल साक्षरता आज की जरूरत है। कोविड ने हम सभी को डिजिटल होने के लिए मजबूर किया है। हमें तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बच्चों में ऐसी मानसिकता को विकसित करना होगा जहाँ वे सिर्फ इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों पर केन्द्रित न रहकर आधुनिकतम तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी से भी पूर्ण रूप से वाकिफ हो।

मंत्री श्रीमती सिंधिया ने कहा कि प्रौद्यागिकी जीवन के हर क्षेत्र में लागू होती है। शैक्षणिक संस्थानों में सैद्धांतिक ज्ञान से ज्यादा व्यवहारिक पढ़ाई पर जोर दिया जाना चाहिए। उद्योगों की जरूरत के हिसाब से विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए यह जरूरी है कि फैकल्टी को भी उसकी जानकारी हो। श्रीमती सिंधिया ने कहा कि भविष्य में उद्योगों के विशेषज्ञों को विजिटिंग फैकल्टी के रूप में जोड़ा जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा रोजगार कौशल और उद्यमिता में सुधार लाने के लिए आइटी क्षेत्र तथा विभिन्न उद्योगों के हितधारकों के साथ परस्पर बातचीत करने के मद्देनजर इण्डस्ट्री अकादमिया मीट आयोजित किया गया था। तकनीकी शिक्षा, सीआईआई यंग इंडियन्स और नैसकाम के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित वर्चुअल कॉन्क्लेव में विभिन्न प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

एम डी परसिसटेंट सिस्टम के डा.आनंद देशपाण्डे ने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता की ओर प्रोत्साहित करना चाहिए। उद्योगों के विशेषज्ञों को महाविद्यालयों में लेक्चर्स के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।

नैसकाम फ्यूचर स्किल की हेड सुश्री कीर्ति सेठ ने कहा कि टैलेन्ट गेप एक बड़ी समस्या है। बहुविषयक शिक्षा वर्तमान बाजार की माँग है।

कॉग्नेजेंट की सुश्री माया श्रीकुमार ने कहा कि सिर्फ स्नातक या स्नातकोत्तर के सर्टिफिकेट से काम नहीं चलेगा। विद्यार्थियों को तकनीक के माध्यम से समस्याओं को समझना और उनकी पहचान करना आना आवश्यक है। यह हुनर उन्हें भविष्य में सफलता दिलायेगा। पाठ्यक्रम में विषयों को कम कर कौशल व्यवहारिक ज्ञान में वृद्धि करें।

इनफोसिस के श्री सुधीर मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों को इनफोसिस के इनफि टी क्यू प्लेटफार्म से जुडना चाहिए।

टीसीएस के श्री गौरव ने तीन ए- एवेयरनेस, एग्रेसिव तथा एजीलिटी पर केन्द्रित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इच्छुक क्षेत्र में क्या चल रहा है उसकी जानकारी रखे, क्या सिखने की जिज्ञासा तथा नई तकनीक को अपनाने के लिए तैयार होना चाहिए।

कॉन्क्लेव में डॉ. क्रिस सोटिरोपॉल्स सीईओ मेलबर्न, सिस्को के श्री मुरूगन वासुदेवन, इनक्यूबेशन मास्टर्स के अध्यक्ष श्री सी.के. तिवारी, सेजग्रुप के सुश्री शिवानी अग्रवाल ने भी अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर आयुक्त तकनीकी शिक्षा श्री पी नरहरि, संचालक कौशल विकास श्री एस. धनराजू, सीआईआई यंग इंडियन्स के डा. अनुज गर्ग उपस्थित थे।

किसान आंदोलन से निबटने की सरकार ने की तैयारी , अब दिल्ली और आसपास सप्लाई करेंगें देश के अन्य किसान , रेलवे ने रद्द की ये ट्रेनें, कई के रूट डायवर्ट, देखें पूरी लिस्ट


नई दिल्ली , अपनी मोनोपॉली और एकक्षत्राधिकार छिनने से डरे हुये दिल्ली को मनमाने दामों पर दूध , फल , सब्जी , अनाज , दालें सप्लाई करने वाले दिल्ली के आसपास के पंजाब, हरियाणा और उ प्र के किसान इन दिनों मात्र इसलिये आंदोलन में हैं कि अब देश का कोई भी किसान दिल्ली वालों को नये कानूनों के चलते , उनसे भी सस्ते दाम पर और अच्छी चीज मुहैया करा सकेगा और घर बैठे मनचाहा मंहगा दाम भी पा लेगा । देश के दूसरे किसानों को मुनाफा शेयर न करने देने और फायदा न लेने देने के उद्देश्य से दिल्ली के आसपास के चीजें सप्लाई करने वाले किसान इन दिनों डेरा जमाये दिल्ली बार्डर पर डटे हैं । ज्ञातव्य है कि नये कृषि कानूनों से देश भर से कोई भी किसान कहीं भी , कभी भी , अपनी फसल , उपज , साग सब्जी , दूध , अंडा , देशी घी , दही, मक्खन , पनीर वगैरह बेच सकेगा और इससे देश भर का कोई भी किसान दिल्ली के दाम दूर बैठकर भी किसी आनलाइन प्लेटफार्म के जरिये , किसी समिति , सहकारी समिति , कृषि साख विपणन समिति या अन्य मार्केटिंग कंपनी के माध्यम से बिना एक भी पैसा खर्च किये बगैर बेच कर पा सकेगा । यही एक मोनोपाली नये कृषि कानूनों से खत्म होती देखकर दिल्ली में सप्लाई कर करोड़पति और अरबपति बने लोग इन दिनों किसान आंदोलन के नाम पर डेरा जमाये पड़े हैं ।

नयी व्यवस्था अस्तित्व में आये और देश भर का किसान दिल्ली में सप्लाई के लिये तैयार हो , उससे पहले ही उन किसानों को मिले अधिकार और आजादी को देने वाले कानूनों को खात्मा कराने के लिये एक सुनियोजित आंदोलन , किसानों के नाम पर अब तक अकेले दिल्ली लूट रहे लोगों का महज एक शिगूफा है , किसानों से बातचीत का कल कोई निष्कर्ष नहीं निकलते देख , केन्द्र सरकार को यह तो समझ आ गया कि ये किसान तो कतई है ही नहीं बल्कि किसानों की आजादी और भुखमरी व गरीबी , किसान आत्महत्याओं का जारी रहे , के लिये कुचक्र रचने का प्रयास कर रहे लुटेरों व षडयंत्रकारियों का एक समूह है । जो पूरे देश के किसानों का हक हड़प कर मालामाल हो रहा है और मंहगी कारों और मंहगे बंगलों में रहकर देश भर के किसानों को कर्ज में फंसा कर आत्महत्यायें करवा रहा है । उललेखनीय है कि पूरे देश में कर्ज और गरीबी , भुखमरी के चलते किसान आत्महत्यायें करते हैं , परंतु जहां के लोग इस वक्त आंदोलन कर रहे हैं वहां के लोग कर्ज , गरीबी और भुखमरी से आत्महत्यायें नहीं करते ।

केन्द्र सरकार ने सारा माजरा भांपकर अब इस चक्रव्यूह से देश को निकालने के लिये बनाये तीनों कृषि कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने और षडयंत्रकारी समूह से निबटने के लिये 3 दिसंबर तक सारी तैयारीयां करने और अमल में लाने के लिये , सबसे पहले ट्रेन रूट डायवर्ट करने और , षडयंत्रकारी समूह क्षेत्र की ट्रेनें रद्द करने का फैसला पहले चरण में किया है , अब देश भर के किसानों को दिल्ली में चीजें व अनाज सप्लाई कर उचित व मंहगे दाम पाने का सुनहरा मौका अपने आप ही रेलवे और सड़क मार्ग से मिलेगा । किसान कंपनियां , समितियां व सहकारी समितियां मालवाहक हवाई जहाजों और मालवाहक ड्रोनों के मार्फत दिल्ली में सामान सप्लाई कर सकेंगीं ।

पिछले 6 दिनों से पंजाब-हरियाणा से आए किसानों का दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन जारी है। किसानों के जारी प्रदर्शन को देखते हुए उत्तर रेलवे ने कुछ ट्रेनों के संचालन में कुछ बदलाव किया है। पंजाब के किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन का असर रेल यातायात पर भी देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह से उत्तर रेलवे ने कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया है, वहीं कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट, शॉर्ट ओरिजिनेट और कुछ को डायवर्ट किया गया है। 

किन-किन ट्रेनों को किया गया है कैंसिल
दो दिसंबर को खुलने वाली 09613 अजमेर-अमृतसर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। ठीक इसी तरह 3 दिसंबर को 09612 अजमेर-अमृतसर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन भी रद्द रहेगी। इसके अलावा, 3 दिसंबर से शुरू होने वाली 05211 डिब्रूगढ़-अमृतसर एक्सप्रेस विशेष ट्रेन रद्द रहेगी। इसी तरह, 3 दिसंबर को शुरू होने वाली 05212 अमृतसर- डिब्रूगढ़ स्पेशल ट्रेन भी रद्द रहेगी।

कौन ट्रेन शॉर्ट टर्मिनेटेड
वहीं, 04998/04997 भटिंडा-वाराणसी-भटिंडा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन अगले आदेश तक रद्द रहेगी। दो दिसंबर को 02715 नांदेड़-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन को नई दिल्ली में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। 02925 को आज खुलने वाली बांद्रा टर्मिनस-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन चंडीगढ़ में शॉर्ट टर्मिनेट होगी। 

ये ट्रेनें होंगी डायवर्ट
आज यानी दो दिसंबर को खुलने वाली 04650/74 अमृतसर-जयनगर एक्स्प्रेस को अमृतसर-तरनतारन-ब्यास के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। 08215 दुर्ग-जम्मू तवी एक्सप्रेस को लुधियाना जलंधर कैंट-पठानकोट छावनी के रास्ते चलाया जाएगा। वहीं, 4 दिसंबर को चलने वाली ट्रेन 08216 जम्मू तवी-दुर्ग एक्सप्रेस को पठानकोट कैंट-जालंधर कैंट-लुधियाना के रास्ते डायवर्ट किया गया है। 

किसान आंदोलन में सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी घज्जियां , दूरी भुला कर इकठ्ठे हुये लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा


दिल्ली , किसान आंदोलन में शामिल लोगों में कोरोना संक्रमण और वायरस वाहक का खतरा बढ़ गया है , दूध सब्जी की सप्लाई रोकेने की जाटों की धमकी के बाद दहशत में आये दिल्ली के लोग मजबूरी में भले ही किसान आंदोलन को समर्थन दे रहे हों , मगर कोरोना और उसकी गाइडलाइनों और खतरे को सर्वथा भुला बैठे हैं ।

जमा हुये किसान एक ही क्षेत्र व जगह में सोशल डिस्टेंसिंग के बगैर साथ साथ ही न केवल खान पान कर रहे हैं , न सेनेटाइजर इस्तेमाल कर रहे हैं और न खाने पीने रहने में किसी भी सावधानी और सतर्कता बरत रहे हैं ।

दिल्ली वासियों के लिये खतरे का अलार्म बज चुका है और दिल्ली में अचानक तेजी से हुई कोरोना संक्रमकत मरीजों के बीच , बताया जा रहा है कि दिल्ली में सप्लाई होने वाला दूध , फल और सब्जियां इसकी वाहक बनीं हैं और जिसे बंद करने की धमकी आंदोलनकारी दे रहे हैं , वही संक्रमण वाहक बन गईं हैं ।

आने वाले दिनों में कोरोना की विस्फोटक संख्या दिल्ली में देखने को मिल सकती है , सूत्र बताते हैं दिल्ली में बहुत जल्द कम्पलीट लाकडाउन की स्थिति आ सकती है । उधर अन्य प्रदेशों में दिल्ली , हरियाणा और पंजाब से आने वालों की सख्ती से कोरोना की जांच शुरू कर दी गई है ।

नई मुसीबत: कोरोना इलाज के साइड इफेक्ट सामने आने लगे मरीजों में ‘ब्रेन फॉग’, पासवर्ड,अपनों को और कपड़े भूलने लगे, जानें क्या है यह बला


कानपुर , उत्तर प्रदेश । किदवई नगर के बुजुर्ग को कोरोना हुआ। 20 दिन इलाज से निगेटिव होकर घर आ गए। अब वह बिलकुल बदल गए हैं। आंखें शून्य में देखती हैं। चाय-पानी देने पर चौंक पड़ते हैं। अक्सर नहाकर कपड़े पहनना भी भूल जाते हैं। इसी तरह लाजपत नगर के बैंक अफसर कोरोना संक्रमण में 16 दिन भर्ती रहे। निगेटिव हुए पर तेज सिरदर्द से परेशान थे। दोबारा चार दिन भर्ती रहे। डॉक्टरों ने ब्रेन में सूजन बताई। 15 दिन बाद जब बैंक पहुंचे तो कंप्यूटर से लेकर करेंसी चेस्ट लॉक तक सारे पासवर्ड भूल चुके थे। सब दोबारा रिसेट किए गए। अभी वह कम्प्यूटर के कई फंक्शन भूल रहे हैं। डॉक्टर इसे ‘ब्रेन फॉग’ बता रहे हैं। जिसका इलाज बड़ा जटिल है। कानपुर में ऐसे चार मरीजों का इलाज हो रहा है।

क्लॉटिंग से नसों में नुकसान
मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी हेड प्रो. आलोक वर्मा के मुताबिक कोरोना वायरस नसों में खून के थक्के बना देता है। उससे यह दिक्कत हो सकती है। लम्बे समय तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने वाले मरीजों की ब्रेन की नसें भी कमजोर होने लगती हैं। इससे न्यूरो समस्या पैदा होती है। ‘ब्रेन फाग’ के यह मरीज ज्यादातर बुजुर्ग हैं। कुछ मरीज एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम जैसे लक्षणों वाले भी मिल रहे हैं। जीबी सिंड्रोम से भी पीड़ित दो मरीज  मिले हैं। ब्रेन फॉग के लक्षण आने पर समय से इलाज हो तो महीने दो महीने में इलाज संभव है। फौरन न्यूरोफिजीशियन को दिखाना चाहिए।

क्या है ब्रेन फॉग
यह एक मानसिक बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त कमजोर हो जाती है। उसके सोचने, समझने और प्रतिक्रिया देने की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है। यह कंप्यूटर के हैंग होने जैसी स्थिति है। कई मामलों में मरीज क्या बोल रहा है, क्या कर रहा है, उसे खुद पता नहीं चलता। शुरुआत में ही इसका इलाज न हो तो यह बीमारी खतरनाक साबित हो सकती है।

मरीजों में यह लक्षण दिखे

  • घरवालों को पहचान पाने में मुश्किल
  • याददाश्त घटी, कपड़ा पहना भी भूलने लगे
  • फोकस कम हुआ, कन्फ्यूजन बढ़ा
  • कई बार बताने पर कुछ समझ पाना
  • सिर में हलके दर्द की शिकायत

 मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ एसके गौतम का कहना है कि जिन मरीजों में ऑक्सीजन की जबरदस्त कमी हुई, जो लम्बे समय तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे, उनमें न्यूरो प्राब्लम आना बहुत संभव है। याददाश्त पर असर पड़ता है। ब्रेन फाग ठीक होने वाली बीमारी है, बस समय ये इलाज जरूरी है।

मध्य प्रदेश का एक अनोखा कलेक्टर, जिसने खुद पर ही लगा दिया जुर्माना


मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक अलग ही मिसाल स्थानीय कलेक्टर द्वारा पेश की गई। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने लंबित प्रकरण मामले में खुद पर जुर्माना लगाया है। अपने आप पर जुर्माना लगाने वाले कलेक्टर के रूप में संभवत यह प्रदेश का पहला और अजीबोगरीब मामला है। सोमवार 1 दिसंबर को राजगढ़ कलेक्टर नीरज कुमार सिंह सीएम हेल्पलाइन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास आदि कई विभागों की समीक्षा कर रहे थे, जिनमें लंबित प्रकरणों की एक लंबी फेहरिस्त उन्हें देखने को मिली। जिस पर कार्यवाही करते हुए कलेक्टर महोदय ने अपने साथ-साथ विभाग से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी जुर्माना लगाया।

यह जुर्माना उन विभागों के कर्मचारी और अधिकारियों को लगाया गया था, जिनकी शिकायतें मिलने के बावजूद उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। लगभग 1140 शिकायतों के लंबित होने पर जुर्माने के रूप में 1लाख से भी अधिक जुर्माना लगाया गया। कलेक्टर ने प्रत्येक शिकायत पर 100 रुपये जुर्माना राशि दंड स्वरूप लगाया। इसी के साथ कलेक्टर महोदय ने सभी कर्मचारी और अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि 1 हफ्ते के भीतर जल्द से जल्द इन सभी लंबित शिकायतों का निराकरण एवं निवारण किया जाए।

कलेक्टर महोदय के अनुसार उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि सभी विभागों की समीक्षा उन्हीं के द्वारा की जानी होती है और लंबित प्रकरणों का निराकरण समय पर न होने पर अंततोगत्वा दायित्व उन्हीं पर बनता है तो सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ उनका भी दायित्व देखते हुए उन्होंने खुद पर भी हर्जाना लगाया।

म प्र के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रात में बिजलीघर पर मारा छापा , उपभोक्ताओं से घर जाकर मिले , पूछा बिजली के बिलों और कटौती तथा ट्रिपिंग के बारे में


बिजली ट्रिपिंग व कटौती अब हर हफ्ते अखबारों में छपवानी होगी , बतानी होगी जनता को कब कितनी गुल रही बिजली

ट्रिपिंग क्यों हुई और कितनी देर के लिए हुई ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह जानकारी रात 8:00 बजे विद्यानगर सब स्टेशन के औचक निरीक्षण के दौरान ली। उन्होंने विद्युत सब स्टेशन रेत घाट और लालघाटी का भी रात 9:00 बजे निरीक्षण किया।

श्री तोमर ने विद्युत सब स्टेशन में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सब स्टेशन में प्रकाश की समुचित व्यवस्था करने के साथ ही अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया जाए। श्री तोमर ने कहा कि अधिकारी सभी स्टेशनों का नियमित निरीक्षण करें। श्री तोमर ने विद्या नगर स्टेशन और रेत घाट स्टेशन में प्राप्त शिकायत और उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बिजली सुधारने के लिए उपयोग किए जा रहे वाहनों का भी निरीक्षण किया। श्री तोमर ने कहा कि इन वाहनों में मजबूत सीढ़ी के साथ दस्ताने और सुरक्षा के उपकरण होने चाहिए।

ऊर्जा मंत्री ने सब स्टेशन में पड़ी अनुपयोगी सामग्री को राईट ऑफ करने के निर्देश भी दिए। रेत घाट में एक खराब बाहन खड़ा है। श्री तोमर इसे हटाने के निर्देश दिये।

ऊर्जा मंत्री ने घर जाकर उपभोक्ताओं से की चर्चा

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने विद्या नगर में विद्युत उपभोक्ता श्री शर्मा के घर जाकर विद्युत सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। श्री शर्मा ने विद्युत सेवाओं पर संतुष्टि व्यक्त की। श्री तोमर ने विद्या मेडिकल स्टोर संचालक से भी चर्चा की। उन्होंने बिजली आपूर्ति और बिजली बिल के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चीफ इंजीनियर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सी.एम. हेल्पलाइन और समाधान आनलाइन फिर से शुरू, माफिया के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई, मारूंगा छापे, मुख्यमंत्री चौहान का प्रदेश की जनता के नाम संदेश


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सुशासन मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। सरकार सज्जनों के लिये फूल से अधिक कोमल और दुर्जनों के लिये वज्र से भी अधिक कठोर है। गरीब और किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। आमजन के हितों को संरक्षित रखा जायेगा। राज्य सरकार सी.एम. हेल्पलाइन और समाधान ऑनलाइन को पुन: प्रभावी ढंग से शुरू कर रही है। इससे जनता को सरकार के और करीब लाया जायेगा। देश की संसद ने किसानों के सर्वांगीण हित के लिये तीन कानून बनाये हैं। मध्यप्रदेश सरकार इन कानूनों का समर्थन करती है और किसानों के साथ हमेशा खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीब व्यक्ति का कल्याण हमारा लक्ष्य है। राज्य में किसी भी गरीब को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्हें योजनाओं का लाभ सहजता से मिले यह राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैदानी स्तर पर योजना का क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं से अवगत होने के लिये वे स्वयं औचक निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हर तरह के माफिया की कमर तोड़ने और उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकने के लिये संकल्पित है। सरकार ने जो कहा वो जमीन पर कर दिखाया है। प्रदेश में चौतरफा माफिया, तस्कर, गुंडों-बदमाशों के विरूद्ध कार्रवाई चल रही है। पिछले कुछ दिनों में इन्दौर, भोपाल, मंदसौर, आगर, नीमच, जबलपुर, सतना और उज्जैन में कड़ी और बड़ी कार्रवाई की गयी है। इसी तरह प्रदेश में मिलावटखोरों को सबक सिखानें के लिये मिलावट से मुक्ति अभियान प्रारम्भ किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बहन-बेटियों को डरा-धमका कर, बहला-फुसला कर शादी की जाती है और फिर धर्मान्तरण का कुचक्र चलता है। बेटी के जीवन को नरक बना दिया जाता है। राज्य सरकार इसे रोकने के लिये विधानसभा के अगले सत्र में विधेयक लाकर कानून बनायेगी। बहन-बेटियों के सम्मान की रक्षा हर कीमत पर की जाएगी। दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार का लक्ष्य है। हम इसे हासिल करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसान प्रदेश की आत्मा है। किसानों की चिंता करना मैंने अपना पहला कर्तव्य माना है। किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने देश की संसद में किसानों के लिये और कृषि की उन्नति के लिये तीन कानून बनाये, जो पूरी तरह से किसानों के हित में है। किसान को अपनी फसल बेचने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी। चाहे वह फसल मण्डी में बेचे या मण्डी के बाहर बेचे। उसे घर बैठे फसल के अच्छे दाम मिलेंगे। किसान को अनेक विकल्प मिलेंगे। किसान को बोनी के समय ही फसल की अच्छी कीमत मिल सकती है। विपरीत स्थितियों में किसान किसी भी कान्ट्रेक्ट से बाहर आ सकता है। समर्थन मूल्य पर फसल की खरीदी की व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। मण्डियां चालू रहेंगी। हम पूरी ताकत से किसानों का हित साधने वाले इन कानूनों के समर्थन में खड़े हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक कदम किसानों के हित में उठाये हैं। गेहूँ की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गयी है। इस समय धान, ज्वार और बाजरा का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जा रहा है। जो फसलें खराब हुयी हैं, उसके लिये किसानों को आर.बी.सी 6 (4) के तहत राहत सहायता और मुआवजा राशि किसान के बैंक खाते में डाली जाएगी। तीन दिसम्बर को प्रधानमंत्री किसान कल्याण‍-निधि के साथ जोड़कर बनायी गयी मुख्यमंत्री किसान कल्याण-‍निधि की राशि पाँच लाख किसानों के बैंक खाते में डाली जाएगी। चार हजार रूपये राज्य सरकार दो किस्तों में हर साल किसान को देगी। किसानों के हित में लगातार अनेक कदम सरकार आगे भी उठाती रहेगी। खेती को फायदे का धन्धा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में और प्रदेश के कुछ जिलों में कोरोना का संक्रमण फिर बढ़ा है। सर्दी में संक्रमण का खतरा बढ़ता है। इसलिये सावधान रहने की जरूरत है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, धार, विदिशा जिलों में अधिक सतर्कता बरतनें और ध्यान देने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये समाज के साथ मिलकर हर संभव उपाय किये जा रहे हैं। खुशी की बात है कि जल्दी वैक्सीन आने की संभावना भी बढ़ गयी है। लेकिन अभी जब-तक वैक्सीन नहीं आ जाये तब-तक किसी प्रकार की ढिलाई न बरतें। सावधान रहे, चेहरे पर मास्क लगाये, निश्चित दूरी बनाये रखे, बार-बार साबुन से हाथ धोयें। मास्क ही अभी वैक्सीन है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना के प्रति जहां सावधानी बरती गयी वहां परिणाम अच्छे आये हैं। इन्दौर और भोपाल के उदाहरण हमारे सामने हैं। जिन मोहल्लों में अधिक संक्रमण फैला था वे सावधानी बरतने की वजह से संक्रमण से मुक्त हैं। भोपाल और इन्दौर में कन्टेनमेंट एरिया बनाये गये। कन्टेनमेंट एरिया में जो परिवार हैं, उनसे आग्रह है कि वे इस क्षेत्र से बाहर नहीं निकलें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संक्रमित मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में भी हो रहा है। ऐसे संक्रमित मरीजों से आग्रह है कि वे स्वयं और समाज के हित में घर से बाहर नहीं निकलें। सरकार प्रत्येक कोरोना मरीज के समुचित इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। समाजसेवी संगठन और मीडिया का पूरा सहयोग मिल रहा है। जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मैं इन सबको धन्यवाद देता हूँ। सबसे ज्यादा स्वयं सावधान रहने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने का आव्हान किया। उन्होंने विकास की नयी यात्रा प्रारंभ करने, लोकल को वोकल बनाने, स्थानीय भाई-बहनों द्वारा बनायी वस्तु का उपयोग करने, खरीदने और स्व-सहायता समूहों द्वारा बनायी गयी वस्तुओं का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस तरह हम प्रदेश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

फिशिंग स्कैम में बी एस एन एल पर 30 करोड़ रू से ज्यादा और आइडिया वोडाफोन पर करीब 2 करोड, क्वड्रंट पर 1.5 करोड़ और एयरटेल पर 1.33 करोड़ रू का जुर्माना लगाया ट्राइ ने


सायबर क्रिमिनलों का साथ दे रहीं थीं चारों कंपनियां , फर्जी एस एम एस और नकली मैसेज को नहीं रोक पाईं चारों कंपनियां , पे टी एम तक के जाली मैसेज भेजते थे सायबर क्रिमिनल्स , मोबाइल नंबर के जरिये खाता हैक करातीं थीं कंपनियां , गायब हो जाते थे लोगों के आनलाइन ट्रांजेक्श्न बीच ही बीच में , रूपये गायब करातीं थीं ये कंपनियां

TRAI has imposed a penalty of INR 30.1 Cr on BSNL, as it failed to curb cybercriminals from issuing fake SMSes

A fine of INR 1.82 Cr has been imposed on Vodafone Idea, INR 1.41 Cr on Quadrant Teleservices and INR 1.33 Cr on Airtel

TRAI’s move comes even as Paytm is embroiled in a legal tussle with telcos, in an ongoing case in the Delhi HC

स्त्रोत : TRAI Fines Telcos INR 35 Cr For Failing To Clamp Down On Fake SMSes (inc42.com)

The Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) has imposed a penalty of INR 30.1 Cr on the state-run telecom company Bharat Sanchar Nigam Ltd, as it failed to curb cybercriminals from sending fake SMSes to dupe users of digital payments applications. BSNL had also failed to respond to TRAI’s show-cause notices and produce performance-monitoring reports.

Further, a fine of INR 1.82 Cr has been imposed on Vodafone Idea (Vi), INR 1.41 Cr on Quadrant Teleservices and INR 1.33 Cr on Airtel, as these telecom service providers (TSPs) had also failed to curb spam calls and text messages to their users.

In all, eight Indian telcos, which also include Reliance Jio, Mahanagar Telephone Nigam Ltd (MTNL), Videocon and Tata Teleservices, have been fined a collective amount of INR 35 Cr by TRAI.

TRAI’s move comes even as digital payments giant Paytm is embroiled in a legal tussle with the leading players of the Indian telecom industry, in an ongoing case in the Delhi High Court.

At a hearing in September, the court had asked TRAI to act against service providers violating regulations to curb spam calls and text messages.

Paytm’s contention was that telecom operators had been lax in monitoring the issuance of SMS headers — unique IDs through which commercial text messages are sent — to telemarketers. Hence, those wanting these SMS headers for fraud purposes had been able to get one, enabling them to send promotional SMSes to unsuspecting customers. A lot of these messages are disguised as coming from banks or payment executives, asking for the customer’s private details. Those who reply with their details, see their funds being siphoned off from their bank accounts or digital wallets.

According to the Economic Times, which first reported the development, TRAI’s penalties on telcos are on various counts of violation of the Telecom Commercial Communication Customer Preference Regulation (TCCCPR).

TRAI Says “No Information” About Number Of Fraud Telemarketers

Meanwhile, Inc42 had filed an RTI (right to information) request with TRAI, requesting the number of registered and unregistered telemarketers/senders of commercial text messages who’ve been penalised, off-boarded or blacklisted by TSPs, under the provisions of TCCCPR 2010, for the period for which TCCCPR 2010 and its amendments were in force.

The RTI had also requested TRAI to provide information about the complaints received regarding unsolicited commercial communication i.e. fake SMSes for fraud purposes, received from customers of TSPs from 2010-20.

In response to the RTI, TRAI said that there was no information available regarding the query.

In September, Inc42 reported that digital payments giants PhonePe, Mobikwik and Infibeam Avenues had backed Vijay Shekhar Sharma-led Paytm’s claims that telecom companies and the TRAI had been ineffective in handling the rising number of phishing cases in India.

In its original petition filed with the Delhi HC in July this year, Paytm had called out TRAI and telecom companies inaction in controlling phishing scams. It had also sought INR 100 Cr in compensation.

Paytm had explained that several scammers are registering themselves as telemarketers on these networks under headers similar to Paytm’s. Some examples are PYTM, PTM, IPAYTN, PYTKYC, BPaytm, FPaytm, PAYTMB, Ipaytm, mPaytm and other derivatives.

Once successful, these scammers send out malicious messages to Paytm customers, fooling them to reveal their personal and sensitive information including account details and passwords. Sometimes, these scammers also call customers to seek private information under the pretext of completing their know-your-customer (KYC) requirements to continue using their Paytm wallets.

However, the telecom giants Jio and Vi had, in turn, attacked Paytm for shifting the blame of its own lapses to evade legal liability of financial frauds and phishing scams that are occurring through its app. Jio had also highlighted that telecoms cannot be held liable for “unlawful activity” occurring over calls and messages under the Telecom Commercial Communication Customer Preference Regulation (TCCCPR), 2018. It is worth noting that the eight telcos penalised by TRAI, could yet challenge the penalties in court.

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