विवेकानंद समूह बीमा योजना का लाभ अनिवार्य रूप से पात्रों को मिले


विवेकानंद समूह बीमा योजना का लाभ अनिवार्य रूप से पात्रों को मिले

संजय गुप्‍ता (मांडिल) जिला संवाददाता

 

मुरैना 28 मई07गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के 18 से 65 वर्ष की आयु समूह के सभी महिला पुरूष विवेकानंद समूह बीमा योजना के तहत शासन द्वारा बीमित किये गये हैं । इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदा अथवा दुर्घटना में हुई शारीरिक क्षति में दावा राशि प्रदान की जाती है । योजना की पात्रता संबंधी शर्तों के तहत प्रकरण तैयार करने व क्रियान्वयन के संबंध में बैठक का आयोजन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में किया गया । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सभाजीत यादव ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में तत्काल प्रकरण तैयार कर बीमा कंपनी को भेजे जाये । बैठक में जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी श्री अमरेश श्रीवास्तव, उप संचालक पंचायत एवं सामाजिक न्याय श्री सुरेशबाबू कबीरपंथी व जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे ।

क्या है योजना विवेकानंद समूह बीमा योजना के तहत बी पी एल परिवारों के 18 से 65 वर्ष की आयु समूह के समस्त व्यक्तियों को बीमित किया गया है । सरकार ने पहल करते हुए इनका प्रीमियम जमा किया है । 31 मार्च 2007 मध्यरात्रि से 31 मार्च 2008 की मध्यरात्रि की अवधि के दुर्घटना प्रकरणों में  बीमा लाभ दिया जायेगा । शासन द्वारा रिलाइंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को यह बीमा कार्य सौंपा गया है । कंपनी के मुरैना जिला अभिकर्ता श्री शलक कुमार पाण्डेय है । इनका मोबा. क्रमांक 9329562839 है । कंपनी के कॉल सेंटर भोपाल का दूरभाष क्रमांक 30338282 है।

योजना के प्रावधान– योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने, स्थाई अशक्तता होने, दोनों आंख या दो अंग या एक आंख तथा एक अंग की क्षति होने पर 50 हजार रूपये, तथा एक आंख या एक अंग की क्षति होने पर 25 हजार रूपये की राशि प्रदाय करने का प्रावधान है । दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति के अस्पताल या नर्सिंग होम में इलाज कराने पर 1 हजार रूपये का प्रावधान किया गया है ।

कैसे तैयार होगा प्रकरणग्रामीण क्षेत्र के प्रकरणों हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं नगरीय क्षेत्रों के लिए परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण नोडल अधिकारी रहेंगे । नोडल अधिकारी द्वारा अग्रेषित एवं अनुशंसित दावा में गरीबी रेखा की सूची का अंकित सर्वे क्रमांक मान्य होगा । दावा प्रकरणों के साथ पुलिस थानों में दर्ज प्रथम सूचना प्रतिवेदन की प्रति, बीमित व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक विकलांगता का चिकित्सीय प्रमाण पत्र, शवपरीक्षण प्रतिवेदन, कलेक्टर अथवा नोडल अधिकारी द्वारा बीमित व्यक्ति की आयु एवं बी पी एल प्रमाणीकरण आदि संलग्न किये जाने होंगे ।

पर्याप्त दस्तावेज सर्पदंश अथवा जहरीले कीड़े से मृत्यु प्रकरण में नोडल अधिकारी द्वारा अनुसंशित पंचनामा प्रतिवेदन या स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन पर्याप्त होगा । रेल दुर्घटना, बस, ट्रक, ट्रेक्टर-ट्राली से दुर्घटना, खदान धसने, गिरने, छत या मकान गिरने, कुएं, तालाब, नदी या अन्य जलश्रोतों में डूबने से हुई दुर्घटना, बिजली कंरट आदि प्रकरणों में एफ आई आर, पुलिस पंचनामा तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर्याप्त दस्तावेज होंगे । सामान्य शारीरिक क्षति के प्रकरणों में एफ आई आर की प्रति तथा चिकित्सक का इलाज प्रमाण पत्र ही पर्याप्त होगा । नोडल अधिकारी से प्राप्त दावा प्रकरणों का निराकरण 3 माह के अन्दर करने का दायित्व बीमा कम्पनी का होगा ।

 

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