मुरैना और जौरा में संविदा शाला शिक्षकों की अंतिम चयन सूची जारी


मुरैना और जौरा में संविदा शाला शिक्षकों की अंतिम चयन सूची जारी

मुरैना 6 अक्टूबर 2007 // जनपद पंचायत मुरैना और जौरा में संविदा शाला शिक्षक वर्ग- 2 और 3 की अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है । सूची का अवलोकन संबंधित जनपद पंचायतों के सूचना पटल पर किया जा सकता है । चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय में 15 अक्टूबर को आयोजित की गई है ।

       मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मुरैना के अनुसार संविदा शाला शिक्षक वर्ग 2 में गणित विषय के लिए अनारक्षित प्रवर्ग से राकेश कुमार शर्मा , प्रमोद कुमार शर्मा और अंजना तोमर, तथा अनुसूचित जाति प्रवर्ग से बीरपाल सिंह, प्रताप सिंह विसारिया, मुरारी लाल शाक्य और अशोक कुमार अहिरवार का चयन किया गया है । इसी प्रकार विज्ञान विषय के लिए अनारक्षित प्रवर्ग से गोरेलाल शर्मा और सपना गांगिल, सामान्य विज्ञान विषय के लिए अनारक्षित प्रवर्ग से घनश्याम कुशवाह, लखपति सिंह कुशवाह और प्रीती सक्सैना, अनुसूचित जाति प्रवर्ग से दीपक सैमिल और अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग से विजय टोप्पो चयनित हुए हैं ।

       संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 में अनारक्षित महिला वर्ग से ममता दीक्षित, कल्पना उपाध्याय, सुरूचि शर्मा, सुमन जादौन, संतोष पाठक, नीतू कुशवाह, विमलेश धाकड़, प्रवीण उपाध्याय, संदीप वाजपेयी शुक्ला, पंकज श्रीवास्तव, लता रावत, सरिता उपाध्याय , मंदाकिनी शर्मा , कुसुम परमार, नीलम बुधोलिया और नीतू शर्मा तथा अनारक्षित पुरूष वर्ग से शिवदयाल सिंह जादौन, अनिल कुमार, सुरेश पाठक, धर्मेन्द त्यागी, द्वारिका प्रसाद कुशवाह, सूरज कांत शर्मा , हरिओम शर्मा , कुअर पाल सिंह , महेश कुमार, राजवल सिंह ,ओम प्रकाश शर्मा, कमल किशोर, रामनिवास शर्मा , शिवदत्त सिंह, सतेन्द्र सिंह धाकड़, रमाकांत शर्मा ,शत्रुधन सिंह तोमर, खेमराज तिवारी, लोकेन्द्र कुमार शर्मा और कृष्ण मुरारी नगाईज चयनित किये गये हैं ।

       इसी प्रकार पुरूष पिछडा वर्ग से भूषण सिंह रावत, महेन्द्र सिंह धाकड़, धनश्याम रावत, सुरेश कुमार शिवहरे, मुकेश सिंह कुशवाह, मनोज कुमार गौड़, गौरी शंकर, अमर सिंह कुशवाह, धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह और बीरवल धाकड़, महिला पिछड़ा वर्ग से मिथलेश मीणा, कविता धाकड़, रेनू राजपूत, लक्ष्मी गौड़, दीपा यादव, बबीता वर्मा, स्मृति रेखा और बबली राठौर, पुरूष अनुसूचित जाति वर्ग से राजकुमार गोयल, राकेश कुमार आर्य, जय प्रकाश शाक्य, मनोज कुमार पाण्डे, रामदास माहौर, अमित कुमार मोरोलिया और भावसिंह गौतम, महिला अनुसूचित जाति वर्ग से कल्पना सोलंकी, माया शाक्य, रेखा इन्दौलिया, सुनीता पचेखिया, सरिता पचेखिया और अर्चना नरवरिया तथा अनुसूचित जन जाति वर्ग से मुकेश कुमार, महेश मीणा और रमेश चन्द्र गरवाल का चयन संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 के पद के लिए किया गया है ।

       मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जौरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार संविदा शाला शिक्षक वर्ग –2 में गणित विषय के लिए अनुसूचित जाति वर्ग से विनोद का चयन हुआ है और राजेश प्रतीक्षा सूची में रखें गये हैं ।

       संविदा शाला शिक्षक वर्ग –3 के पद पर अनारक्षित पुरूष वर्ग से शिवदयाल, अशोक विकास, ब्रजकुमार, धर्मेन्द्र, कुंअरपाल, राजवल और संतोष का चयन किया गया है तथा खेमराज तिवारी और पवन को प्रतीक्षा सूची में स्थान मिला है । अनारक्षित महिला वर्ग से संदीप गिरि, ममता दीक्षित, कल्पना, सुरूचि, सुमन, संतोष और विमलेश चयनित की गई हैं तथा कल्पना गोयल और नीतू शर्मा को प्रतीक्षारत सूची में रखा गया है।

       पुरूष पिछडा वर्ग से सतेन्द्र, महेन्द्र, और धनश्याम का चयन किया गया है और मनोज प्रतीक्षा सूची में है । महिला पिछडा वर्ग से मिथलेश और कविता चयनित हुई हैं और रैनू राजपूत प्रतीक्षा सूची में रखी गई हैं । पुरूष अनुसूचित जाति वर्ग से कमल किशोर, रामसिंह, जयप्रकाश , रामदास और परमाल का चयन किया गया है और रामसुमेर को प्रतीक्षा सूची में स्थान मिला है । महिला अनुसूचित जाति वर्ग से माया, रेखा, सुनीता और सरिता चयनित हुई है  और सरिता पचेखिया प्रतीक्षा सूची में रखी गई है । पुरूष अनुसूचित जनजाति वर्ग से विश्वनाथ चयनित और जोनमेदर खलखो प्रतीक्षा सूची में तथा महिला अनुसूचित जन जाति वर्ग से माया देवी का चयन किया गया है ।

       इसी प्रकार पुरूष विकलांग वर्ग से चन्द्र प्रकाश चयनित और लोकेन्द्र प्रतीक्षा सूची तथा महिला विकलांग वर्ग से विजेता चयनित तथा सपना गौड प्रतीक्षा सूची में रखी गई है ।

 

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उपचार हेतु चार हजार रूपये की सहायता


उपचार हेतु चार हजार रूपये की सहायता

मुरैना6अक्टूबर 2007 // कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से मनोहर नगर मुरैना निवासी श्रीमती रामबेटी जाटव को स्वयं के उपचार हेतु चार हजार रूपये की सहायता स्वीकृत की है ।

 

मलेरिया,और डेंगू से बचायेगा कालमेघ


मलेरिया,और डेंगू से बचायेगा कालमेघ

मुरैना 6 अक्टूबर 2007// मलेरिया, टाइफाईड, डेंगू व अन्य प्रकार के बुखार से पीड़ित ग्रामीण प्राय: गांव के झोलाछाप डाक्टरो के चंगुल में फंस जाते है उन्हें दो तरफा नुकसान उठाना पड़ता है । बीमारी के इलाज के लिए पैसे खर्च करने के साथ ही वे जब तक बिस्तार पड़े रहते है उतने दिनों तक उन्हें मजदूरी का नुकसान भी होता है । यदि ग्रामीण सस्ती और कारगर वनौषधि कालमेघ का काढ़ा पीने लगे तो उन्हें मलेरिया, टाइफाईड, चिगुनगुनिया डेंगू व अन्य प्रकार के बुखार से छुटकारा मिल जायेगा और वे झोलाछाप डाक्टरों के चंगुल में नहीं फंस पायेंगे । पन्द्रह दिनों तक कालमेघ का काढ़ा पीने वाला व्यक्ति एक साल तक बुखार से बच सकेगा।

       कालमेघ मलेरिया, टाईफाईड, चिकुनगुनिया, डेंगू व अन्य बुखार के वायरस के लिए काल के समान है । जंगलों में पाई जाने वाली यह वनौषधि गांवों के झोला छाप डाक्टरों का विकल्प बनने की क्षमता रखती है । कालमेघ जंगलों में पाई जाने वाली एक बनौषधि है । आयुर्वेद में भी इसका उल्लेख किया गया है । बुखार आदि से बचने के लिए पुरातन समय से इसका उपयोग किया जाता है । यह भुई नीम के नाम से भी जाना जाता है । इसका बाटनिकल नाम एंड्रोग्राफिस पेनीकुलाटा है । इंडियन ड्रग इंस्ट्रीटयूट की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि कालमेघ में रोग प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है और यह मलेरिया व अन्य प्रकार के बुखार के लिए रामबाण दवा है । इसके नियमित सेवन से रक्त शुध्द होता है तथा पेट की बीमारियां नहीं होती है। यह पेट के लीवर के लिए एक तरह से शक्तिवर्धक का कार्य करता है । इसका सेवन करने से एसिडिटी, वात रोग व चर्मरोग नहीं होता है ।

       पचास ग्राम कालमेघ पंचाग को एक लीटर पानी में एक चौथाई पानी बचने तक उवालना चाहिए । इस प्रकार तैयार काढ़े का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। व्यस्क व्यक्ति को प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक कप और बच्चों को एक चौथाई कप काढ़ा पीना चाहिए । यदि कोई भी व्यक्ति लगातार 15 दिनों तक कालमेघ पंचांग के काढ़े का सेवन करेगा तो उसके शरीर में इतनी प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जायेगी, कि उसे एक साल तक टाईफाईड, चिकुनगुनिया, ढेंगू व अन्य प्रकार के बुखार नहीं आयेंगे । यदि व्यक्ति या बच्चा टाईफाईड, चिकुनगुनिया, डेंगू व अन्य प्रकार के बुखार से पीड़ित हो तो दिन में दो बार काढ़ा पिलाना चाहिए । इसके सेवन से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है ।

 

पंचायत चुनाव मतदाता सूची तैयार करने के लिए सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त


पंचायत चुनाव

मतदाता सूची तैयार करने के लिए सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त

मुरैना 6 अक्टूबर 2007 // कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आकाश त्रिपाठी ने ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियां तैयार करने के लिए सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं । नियुक्त अधिकारी रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री उपेन्द्रनाथ शर्मा के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे ।

विकास खंड पोरसा की ग्राम पंचायत बुधारा और रजौधा के लिए तहसीलदार श्री एस.एस.दोहरे, मुरैना की ग्राम पंचायत जारह, जेवराखेड़ा और एेंती के लिए अपर तहसीलदार श्री एम.एस.कुर्रेशी, जौरा की ग्राम पंचायत सिंघोरा, हथरिया , जाफरावाद और चैना के लिए तहसीलदार श्री के.के. गौर, पहाढगढ़ की ग्राम पंचायत हुसैनपुर, नरहोली और चिन्नोनी चम्बल के लिए नायब तहसीलदार श्री जे.के.एस.गुर्जर, कैलारस की ग्राम पंचायत पचेखा और लहर्रा के लिए तहसीलदार श्री बी.आर.माहौर तथा सबलगढ़ की ग्राम पंचायत बकसपुर, रामपहाड़ी, रूनघान खालसा और लकेंजरा के लिए तहसीलदार श्री जे.एन.पालीवाल को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाया गया है 

 

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सबंध में बैठक आज


सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सबंध में बैठक आज

मुरैना 5 अक्टूबर 2007// सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उचित मूल्यों / सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खाद्यान्न एवं कैरोसिन वितरण के संबंध में 6 अक्टूबर को अपरान्ह 3 बजे कलेक्ट्रेट के सभागार में बैठक आयोजित की गई है । बैठक में अनुविभाग मुरैना से संबंधित सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे ।

 

जैव विविधता प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न


जैव विविधता प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न

 

मुरैना 5 अक्टूबर 2007 // जैव विविधता प्रबंधन समिति की बैठक गत दिवस श्रीमती रतना रावत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । बैठक में समिति के सदस्यगण उपस्थित थे ।

       बैठक में बताया गया कि जिला स्तर पर जिले में औषधि पार्क विकसित करने के लिए 50 हजार रूपये की राशि प्राप्त हुई है, जिससे देवरी में औषधि पार्क निर्मित कराया गया । इस पार्क में 22 प्रजाति के पौधे अभी तक रोपित किये जा चुके हैं । इस पार्क में दुर्लभ प्रजाति के औषधि पौधे बाहर से मंगाकर विकसित करने का निर्णय लिया गया । जनपद पंचायत, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर भी बैठकें आयोजित कर जैव विविधता के कार्य को गति देने का निर्णय लिया गया । मत्स्य विभाग द्वारा मछली की दुर्लभ प्रजाति के संरक्षण संबर्धन हेतु देवरी पर निर्मित पार्क में पूल बनाकर मछली पालन की प्रक्रिया के सम्बध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया ।

 

वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन


वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन

मुरैना 5 अक्टूबर 2007 // वन मंडल मुरैना के अंतर्गत एक अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह मनाया जा रहा है । वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के अन्तर्गत मुरैना के विभिन्न विद्यालयों में वन्य प्राणी चित्रकला और वन्य प्राणी ज्ञान परीक्षा का आयोजन कराया जा रहा है । जिससे भविष्य के निर्माता बालकों में वन्य प्राणियों के प्रति असीम प्रेम स्थापित बना रहे ।

       वन मंडलाधिकारी के अनुसार जिले के मुख्य स्थलों पर वन्य प्राणियों के पोस्टर / बेनर लगाये जा कर प्रचार प्रसार कराया जा रहा है । इसके साथ घड़ियाल पुनर्वास केन्द्र पर आने वाले स्कूली बच्चों को शुल्क से मुक्त रखा गया है, तथा उन्हें जलीय जीवों (घड़ियाल, मगर और कछुएें) के प्रजनन एवं संरक्षण के संबंध में विशेष जानकारियां दी जा रही है तथा तदाशय के पैम्पलेट्स भी वितरित किये जा रहे हैं ।

       इस वर्ष वन्य प्राणी सप्ताह के अन्तर्गत मोटरवोट से प्रचार प्रसार करते हुए राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण्य से लगे गांवों में बच्चों एवं ग्रामीणो को एकत्रित कर स्कूलों में वन्य प्राणी सप्ताह के अवसर पर विशेष कार्यकम आयोजित किये जा रहे है । वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न बैठकों एवं ग्राम वन समितियों की बैठकों में वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं जैव विविधता के संबंध में विशेष व्याख्यान देकर जागरूक किये जाने की कार्यवाही की जा रही है ।

       वन्य प्राणी सप्ताह के अवसर पर आम जनता से अपील की गई है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में वन्य प्राणियों एवं जैव विविधता के संरक्षण एवं संबर्धन में सहयोग देकर राष्ट्र की उन्नति एवं समृध्दि कायम रखें।

 

शिक्षकों का प्रशिक्षण 7 अक्टूबर को


शिक्षकों का प्रशिक्षण 7 अक्टूबर को

मुरैना 5 अक्टूबर2007 // जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार शिक्षकों को कक्षा 9 वीं और 11 वीं के नवीन पाठयक्रम का प्रशिक्षण 7 अक्टूबर को दिया जायेगा । कक्षा 9 वीं में गणित , विज्ञान, सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों का शासकीय उत्कृष्ट उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय मुरैना में तथा कक्षा 11 वीं में गणित, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र , राजनीतिशास्त्र, इतिहास, बुक कीपिंग आदि का अध्यापन कराने वाले व्याख्याताओं को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 मुरैना में 7 अक्टूबर को प्रात: 11 बजे से सांय 5 बजे तक प्रशिक्षण दिया जायेगा ।

 

ग्यारह हितग्राहियों को एक लाख रूपये की सहायता


ग्यारह हितग्राहियों को एक लाख रूपये की सहायता

मुरैना 5 अक्टूबर 2007//कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रूस्तम सिंह के स्वेच्छानुदान मद से 11 हितग्राहियों को एक लाख रूपये की सहायता स्वीकृत की है । 

       ग्राम पिपरसेवा निवासी कुमारी पूजा और श्री दिलीप सिंह कशवाह तथा ग्राम चुगनगर चौखोटी निवासी श्री वृन्दावन सिंह को 20-20 हजार रूपये की आर्थिक सहायता , ग्राम सांगोली निवासी श्रीमती मुन्नी वाई, शिवनगर मुरैना  निवासी श्री अजय दुवे और गणेशपुरा निवासी श्री अशोक बंसल को इलाज हेतु 10-10 हजार रूपये की आर्थिक सहायता तथा सुभाष कालोनी नूरावाद निवासी कु. प्रीति, कु.गीता, कु. अल्पना , कु.पार्वती और कु. ज्योति को शिक्षा हेतु 2-2 हजार रूपये की सहायता मंजूर की गई है ।

 

रवी में 59 हजार हेक्टर में सिंचाई का ऐलान


रवी में 59 हजार हेक्टर में सिंचाई का ऐलान

मुरैना 5 अक्टूबर 2007// मुरैना जिले में रबी मौसम में पार्वती एक्वाडेक्ट पर पर्याप्त पानी की उपलब्धता होने पर चम्बल नहरों से 59 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जायेगी । यह निर्णय जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में सम्पन्न जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिया गया । इसके अनुसार जल संसाधन संभाग मुरैना में 18 हजार, जौरा में 16 हजार और सबलगढ़ में 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जायेगी । बैठक में कार्य पालन यंत्री जल संसाधन मुरैना, जौरा और सबलगढ़ संभाग, उप संचालक कृषक कल्याण तथा कृषि विकास प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।

       कलेक्टर श्री त्रिपाठी ने कहा कि पार्वती एक्वाडेक्ट से तीन हजार क्यूसेक पानी चम्बल नहरों में चलाने का आग्रह कमिश्नर कोटा से किया जा रहा है । विभागीय स्तर से भी इस दिशा में कार्रवाई की जायेगी। पार्वती एक्वाडेक्ट पर तीन हजार क्यूसेक पानी मिलने की स्थिति पर ऐलान अनुसार सिंचाई हेतु पानी दिया जायेगा । उन्होंने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन की यह जिम्मेदारी रहेगी कि नहरों का पानी अंतिम छोर तक के किसानों तक पहुंचे । उन्होंने कार्यपालन यंत्रियों को पहले से ही निरीक्षण कर नहरों के मरम्मत योग्य स्थलों को चिन्हित कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की ताकीद की । उन्होंने नहरों में पानी चलते समय नियमित पैट्रोलिंग पर जोर दिया और इसके लिए दल बनाने के निर्देश दिए । उन्होंने बताया कि इन दलों के साथ कानून व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारी भी तैनात रहेंगे।

       उल्लेखित है कि राजस्थान के कोटा बैराज से निकली दांई मुख्य नहर(आर.एम.सी.) 124 कि.मी. राजस्थान के क्षेत्र में सिंचाई करती हुई पार्वती एक्वाडेक्ट से म.प्र. के श्योपुर जिले में प्रवेश करती है । पार्वती एक्वाडेक्ट से 169 कि.मी. चलकर यह नहर सुनहरा हेड पर दो भागों में बंट जाती है । निचली मुख्य नहर एल.एम.सी. 53 कि.मी. चलकर 36 कि.मी. लम्बी मुरैना शाखा नहर (एम.वी.सी.) सुनहरा हेड से 143 कि.मी. चलकर भिण्ड जिले की सीमा में प्रवेश करती है ।इसकी कुल लम्बाई 171 कि.मी. है । गत वर्ष इन नहरों में 65 हजार हेक्टेयर सिंचाई के ऐलान की तुलना में 45 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो सकी थी ।

       जल संसाधन संभाग मुरैना का क्षेत्र टेल पोरसन में होने के कारण पीक डिमाण्ड के समय पानी की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता संभव नहीं हो पाती है । इसलिए समिति द्वारा कृषकों को पलेवा और एक पानी की ही फसलें बोने की सलाह दी गई है ।

 

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