मुख्यमंत्री ने उपचार हेतु दी 15 हजार रूपये की स्वैच्छानुदान राशि


मुख्यमंत्री ने उपचार हेतु दी 15 हजार रूपये की स्वैच्छानुदान राशि

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पन्ना 30 जनवरी- प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अजयगढ एवं पन्ना जनपद के दो व्यक्तियों को उपचार के लिए 15 हजार रूपये की स्वैच्छानुदान राशि स्वीकृत की है। स्वीकृत राशि में अजयगढ जनपद के ग्राम मझगांय निवासी श्री देवीदयाल सिंह को कैंसर रोग उपचार के लिए 10 हजार रूपये एवं पन्ना जनपद के रानीगंज पन्ना के श्री भरत मिश्रा को उनकी पुत्री के चर्मरोग के इलाज हेतु 5 हजार रूपये शामिल हैं। कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने संबंधित तहसीलदार को शीघ्र यह राशि आहरित कर संबंधित को वितरित करने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय संकट स्थिति समूह की बैठक 6 फरवरी को


स्थानीय संकट स्थिति समूह की बैठक 6 फरवरी को

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पन्ना 30 जनवरी- औद्योगिक क्षेत्र पुरैना में रासायनिक दुर्घटनाओं के प्रबंधन हेतु स्थानीय संकट स्थिति समूह की बैठक 6 फरवरी 2008 को प्रात: 11 बजे कटनी मिनरल्स प्रा0लि0 पुरैना में आयोजित की जाएगी। बैठक के पश्चात कारखाना शिवटेक इण्डस्ट्रीज पुरैना में आफ साइट इमरजेंसी प्लान की माक ड्रिल भी आयोजित की गई है।                       

रोगायो में पंचायतों को एक करोड से अधिक राशि जारी


रोगायो में पंचायतों को एक करोड से अधिक राशि जारी

पन्ना 30 जनवरी- कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने पन्ना, अजयगढ, गुनौर और पवई जनपद पंचायतों को उनकी ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य कराए जाने हेतु एक करोड 19 लाख रूपये की राशि इन ग्राम पंचायतों को जारी की है।

इनमे से पन्ना जनपद की अनुशंसा पर ग्राम पंचायत बरहे मुदकपुर को 2 लाख, बिलखुरा को 4 लाख रूपये तथा इटवाकला, कृष्ण कल्याणपुर, सुनहरा और जिगदहा ग्राम पंचायत को 3 लाख रूपये की राशि जारी की गई है। पवई जनपद की ग्राम पंचायत हीरापुर, कुन्दपुर, बडखेराकला, बुधेंडा, मुराछ, शिकारपुरा, जगदीशपुरा, छिर्रहा, कल्दा, पुरैना, कढना, हडा, कृष्णगढ, चिखला, विरासन, बछौन और मोहली धरमपुर को 4-4 लाख रूपये की राशि, अजयगढ जनपद की प्रतापपुर, नन्दनपुर, हनुमतपुर, सिन्हाई, बहादुरगंज, सानगुरैया और नबस्ता को 3-3 लाख रूपये की राशि तथा गुनौर जनपद की ग्राम पंचायत कमताना, घटारी, जिजगंवा और भटिया में योजनान्तर्गत कार्य कराए जाने हेतु 3-3 लाख रूपये की राशि जारी की गई है। श्रीमती रस्तोगी ने संबंधित जनपदों की ग्राम पंचायतों के सरपंचों से राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत श्रमिकों की मांग अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

उमा भारती चम्‍बल के दौरे पर, आज भिण्‍ड में तो कल मुरैना में आमसभा


उमा भारती चम्‍बल के दौरे पर, आज भिण्‍ड में तो कल मुरैना में आमसभा

शिवराज मुख्‍यमंत्री नहीं केवल इंचार्ज हैं उमा भारती

भिण्‍ड/मुरैना 30 जनवरी । भारतीय जनशक्ति पार्टी की नेता सुश्री उमा भारती आते चुनावों की आहट के चलते मध्‍यप्रदेश के चुनावी दौरे पर हैं । इस दौरे के चलते वे आज भिण्‍ड में शास. उत्‍कृष्‍ट उ.मा.वि. के प्रांगण में एक जनसभा को संबोधित करेंगीं, वहीं कल 31 जनवरी को मुरैना में अम्‍बाह पोरसा मार्ग से होते हुये भिण्‍ड से प्रवेश करेंगीं और बसैया क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करेंगीं ।

शिवराज इंचार्ज मुख्‍यमंत्री

शिवपुरी में कल आयोजित एक सभा में प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि शिवराज सिंह केवल इंचार्ज मुख्‍यमंत्री हैं, असल नहीं । सी.एम. की कुर्सी तो अभी खाली है ।  

 

शिवराज मुख्‍यमंत्री नहीं केवल इंचार्ज हैं –उमा भारती


उमा भारती चम्‍बल के दौरे पर, आज भिण्‍ड में तो कल मुरैना में आमसभा

शिवराज मुख्‍यमंत्री नहीं केवल इंचार्ज हैं उमा भारती

भिण्‍ड/मुरैना 30 जनवरी । भारतीय जनशक्ति पार्टी की नेता सुश्री उमा भारती आते चुनावों की आहट के चलते मध्‍यप्रदेश के चुनावी दौरे पर हैं । इस दौरे के चलते वे आज भिण्‍ड में शास. उत्‍कृष्‍ट उ.मा.वि. के प्रांगण में एक जनसभा को संबोधित करेंगीं, वहीं कल 31 जनवरी को मुरैना में अम्‍बाह पोरसा मार्ग से होते हुये भिण्‍ड से प्रवेश करेंगीं और बसैया क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करेंगीं ।

शिवराज इंचार्ज मुख्‍यमंत्री

शिवपुरी में कल आयोजित एक सभा में प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि शिवराज सिंह केवल इंचार्ज मुख्‍यमंत्री हैं, असल नहीं । सी.एम. की कुर्सी तो अभी खाली है ।  

 

कड़ाके की सर्दी में पूरे पूरे दिन बिजली गायब


कड़ाके की सर्दी में पूरे पूरे दिन बिजली गायब

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा …..ग्‍वालियर तरसा दो बूंद जिन्‍दगी की के लिये  

मुरैना /भिण्‍ड/ श्‍योपुर । 30 जनवरी । अंचल में पिछले कई दिनों से जहॉं भारी शीत लहर और सर्दी के चलते पारा गिरकर जहॉं शून्‍य से पीछे खिसक कर चल रहा है । वहीं दिन दिन भर बिजली गुल रहने से आम जन जीवन काफी संकटमय व कष्‍टमय हो गया है । स्थिति इतनी बदतर हो गयी है कि सुबह कटौती वाली बिजली जाने के बाद फिर एक मुश्‍त या यू कहिये कि थोकबन्‍द बिजली कटौती शाम चार पॉंच बजे तक रहती है ।

नजदीकी ग्‍वालियर शहर पर तो इन दिनों एक और विकट संकट टूट पड़ा है, जहॉं बिजली कटौती से ग्‍वालियर वासी पहले से तंग व त्रस्‍त हैं वहीं अब वहॉं कई कालोनी मोहल्‍लों में पीने का पानी आना बन्‍द हो गया है । लोग जहॉं कई किलोमीटर दूर से या अपने मित्रों रिश्‍तेदारों के यहॉं से पानी ढो ढो कर ला रहे हैं वही इन दिनों ग्‍वालियर ग्‍वालियर नहीं बल्कि अठारहवीं सदी के किसी छोटे से कस्‍बे में तब्‍दील हो जाता है । आप वहॉं जाकर ग्‍वायिर वालों को इस समय अंधेरे और पानी के बीच संघर्ष में झूलते देख सकते हैं । बिना टिकिट का यह मजेदार दृश्‍य इन दिनों ग्‍वालियर में आम है । शायद पर्यटन विकास के लिये ग्रामीण भारत की झलकीयां दिखाने के लिये कुछेक मोहल्‍लों को इस परिवेश में तब्‍दील किया गया है ।

ग्‍वालियर टाइम्‍स से ग्‍वालियर वासीयों ने चर्चा करते हुये कहा कि, लगता है हम आदमयुग में आ पहुँचे है और हमें लगता ही नहीं कि हम 21वीं सदी के सायबर युग में है, न तो नगर निगम में हमारी सुनवायी है न प्रशासन में । हम बकाया शहर के लिये प्रदर्शनी जैसी बन गये हैं , हमें बोतलों, पाउचों और डिब्‍बों में पानी भर कर और ढो कर लाना पड़ रहा है, मित्रों और रिश्‍तेदारों से भी कब तक मांगेगे । अनुपम नगर (सिटी सेण्‍टर की एक कालोनी) निवासी एक और नागरिक ने बताया कि वह या तो कालोनी बदल लेगा या ग्‍वालियर से अपना तबादला कहीं और करवा लेगा । उसने कहा कि वह एक याचिका उच्‍च न्‍यायालय में लगेगा कि या पानी बिजली दो वरना तबादला करो । वह कहता है कि बिजली पानी के बगैर जहॉं वह पिडले तीन महीने से नहाया नहीं है वहीं उसके बच्‍चे भी पढ़ लिख नहीं पा रहे हैं, सो उनकी भी जिन्‍दगी बर्बाद हो रही है । केन्‍द्र सरकार के इस कर्मचारी ने एक मार्मिक पत्र एक केन्‍द्रीय मंत्री को अपनी दुखद व्‍यथा वर्णन करते हुये भेजा है ।

कड़ाके की सर्दी में पूरे पूरे दिन बिजली गायब


कड़ाके की सर्दी में पूरे पूरे दिन बिजली गायब

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा …..ग्‍वालियर तरसा दो बूंद जिन्‍दगी की के लिये  

मुरैना /भिण्‍ड/ श्‍योपुर । 30 जनवरी । अंचल में पिछले कई दिनों से जहॉं भारी शीत लहर और सर्दी के चलते पारा गिरकर जहॉं शून्‍य से पीछे खिसक कर चल रहा है । वहीं दिन दिन भर बिजली गुल रहने से आम जन जीवन काफी संकटमय व कष्‍टमय हो गया है । स्थिति इतनी बदतर हो गयी है कि सुबह कटौती वाली बिजली जाने के बाद फिर एक मुश्‍त या यू कहिये कि थोकबन्‍द बिजली कटौती शाम चार पॉंच बजे तक रहती है ।

नजदीकी ग्‍वालियर शहर पर तो इन दिनों एक और विकट संकट टूट पड़ा है, जहॉं बिजली कटौती से ग्‍वालियर वासी पहले से तंग व त्रस्‍त हैं वहीं अब वहॉं कई कालोनी मोहल्‍लों में पीने का पानी आना बन्‍द हो गया है । लोग जहॉं कई किलोमीटर दूर से या अपने मित्रों रिश्‍तेदारों के यहॉं से पानी ढो ढो कर ला रहे हैं वही इन दिनों ग्‍वालियर ग्‍वालियर नहीं बल्कि अठारहवीं सदी के किसी छोटे से कस्‍बे में तब्‍दील हो जाता है । आप वहॉं जाकर ग्‍वायिर वालों को इस समय अंधेरे और पानी के बीच संघर्ष में झूलते देख सकते हैं । बिना टिकिट का यह मजेदार दृश्‍य इन दिनों ग्‍वालियर में आम है । शायद पर्यटन विकास के लिये ग्रामीण भारत की झलकीयां दिखाने के लिये कुछेक मोहल्‍लों को इस परिवेश में तब्‍दील किया गया है ।

ग्‍वालियर टाइम्‍स से ग्‍वालियर वासीयों ने चर्चा करते हुये कहा कि, लगता है हम आदमयुग में आ पहुँचे है और हमें लगता ही नहीं कि हम 21वीं सदी के सायबर युग में है, न तो नगर निगम में हमारी सुनवायी है न प्रशासन में । हम बकाया शहर के लिये प्रदर्शनी जैसी बन गये हैं , हमें बोतलों, पाउचों और डिब्‍बों में पानी भर कर और ढो कर लाना पड़ रहा है, मित्रों और रिश्‍तेदारों से भी कब तक मांगेगे । अनुपम नगर (सिटी सेण्‍टर की एक कालोनी) निवासी एक और नागरिक ने बताया कि वह या तो कालोनी बदल लेगा या ग्‍वालियर से अपना तबादला कहीं और करवा लेगा । उसने कहा कि वह एक याचिका उच्‍च न्‍यायालय में लगेगा कि या पानी बिजली दो वरना तबादला करो । वह कहता है कि बिजली पानी के बगैर जहॉं वह पिडले तीन महीने से नहाया नहीं है वहीं उसके बच्‍चे भी पढ़ लिख नहीं पा रहे हैं, सो उनकी भी जिन्‍दगी बर्बाद हो रही है । केन्‍द्र सरकार के इस कर्मचारी ने एक मार्मिक पत्र एक केन्‍द्रीय मंत्री को अपनी दुखद व्‍यथा वर्णन करते हुये भेजा है ।

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा …..ग्‍वालियर तरसा दो बूंद जिन्‍दगी की के लिये


कड़ाके की सर्दी में पूरे पूरे दिन बिजली गायब

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा …..ग्‍वालियर तरसा दो बूंद जिन्‍दगी की के लिये  

मुरैना /भिण्‍ड/ श्‍योपुर । 30 जनवरी । अंचल में पिछले कई दिनों से जहॉं भारी शीत लहर और सर्दी के चलते पारा गिरकर जहॉं शून्‍य से पीछे खिसक कर चल रहा है । वहीं दिन दिन भर बिजली गुल रहने से आम जन जीवन काफी संकटमय व कष्‍टमय हो गया है । स्थिति इतनी बदतर हो गयी है कि सुबह कटौती वाली बिजली जाने के बाद फिर एक मुश्‍त या यू कहिये कि थोकबन्‍द बिजली कटौती शाम चार पॉंच बजे तक रहती है ।

नजदीकी ग्‍वालियर शहर पर तो इन दिनों एक और विकट संकट टूट पड़ा है, जहॉं बिजली कटौती से ग्‍वालियर वासी पहले से तंग व त्रस्‍त हैं वहीं अब वहॉं कई कालोनी मोहल्‍लों में पीने का पानी आना बन्‍द हो गया है । लोग जहॉं कई किलोमीटर दूर से या अपने मित्रों रिश्‍तेदारों के यहॉं से पानी ढो ढो कर ला रहे हैं वही इन दिनों ग्‍वालियर ग्‍वालियर नहीं बल्कि अठारहवीं सदी के किसी छोटे से कस्‍बे में तब्‍दील हो जाता है । आप वहॉं जाकर ग्‍वायिर वालों को इस समय अंधेरे और पानी के बीच संघर्ष में झूलते देख सकते हैं । बिना टिकिट का यह मजेदार दृश्‍य इन दिनों ग्‍वालियर में आम है । शायद पर्यटन विकास के लिये ग्रामीण भारत की झलकीयां दिखाने के लिये कुछेक मोहल्‍लों को इस परिवेश में तब्‍दील किया गया है ।

ग्‍वालियर टाइम्‍स से ग्‍वालियर वासीयों ने चर्चा करते हुये कहा कि, लगता है हम आदमयुग में आ पहुँचे है और हमें लगता ही नहीं कि हम 21वीं सदी के सायबर युग में है, न तो नगर निगम में हमारी सुनवायी है न प्रशासन में । हम बकाया शहर के लिये प्रदर्शनी जैसी बन गये हैं , हमें बोतलों, पाउचों और डिब्‍बों में पानी भर कर और ढो कर लाना पड़ रहा है, मित्रों और रिश्‍तेदारों से भी कब तक मांगेगे । अनुपम नगर (सिटी सेण्‍टर की एक कालोनी) निवासी एक और नागरिक ने बताया कि वह या तो कालोनी बदल लेगा या ग्‍वालियर से अपना तबादला कहीं और करवा लेगा । उसने कहा कि वह एक याचिका उच्‍च न्‍यायालय में लगेगा कि या पानी बिजली दो वरना तबादला करो । वह कहता है कि बिजली पानी के बगैर जहॉं वह पिडले तीन महीने से नहाया नहीं है वहीं उसके बच्‍चे भी पढ़ लिख नहीं पा रहे हैं, सो उनकी भी जिन्‍दगी बर्बाद हो रही है । केन्‍द्र सरकार के इस कर्मचारी ने एक मार्मिक पत्र एक केन्‍द्रीय मंत्री को अपनी दुखद व्‍यथा वर्णन करते हुये भेजा है ।

मध्‍यप्रदेश कांग्रेस में भारी फेरबदल के आसार, चुनावी तैयारीयों का आगाज़


मध्‍यप्रदेश कांग्रेस में भारी फेरबदल के आसार, चुनावी तैयारीयों का आगाज़

ग्‍वालियर/मुरैना 30 जनवरी । मध्‍यप्रदेश कांग्रेस संगठन में भारी फेरबदल के आसार ही नहीं बल्कि अब यह लगभग तय है । सूत्रों से प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक प्रदेश अध्‍यक्ष बदले जाने से लेकर कई पदाधिकारी भी बदले जाने संभव हैं ।

प्रदेश अध्‍यक्ष की बागडोर के लिये जिन लोगों के नामों की सुगबुगाहट है उनमें पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया, और कमलनाथ के नामों की चर्चा है ।

उल्‍लेखनीय है कि म.प्र. में इस साल नवम्‍बर में विधानसभा के चुनाव तथा अगले साल लोकसभा के चुनाव होने हैं । और कांग्रेस को मध्‍यप्रदेश में पुन: सत्‍ता वापसी न केवल अपरिहार्य है बल्कि आगामी केन्‍द्र सरकार के गठन में भी अबकी बार मध्‍यप्रदेश की प्रमुख भूमिका रहने के आसारों के चलते, संभवत: मध्‍यप्रदेश कांग्रेस संगठन के मरम्‍मत की कवायद प्रारंभ हो गयी है ।

उधर प्रमुख द्वितीय शक्तिशाली राजनीतिक संगठन भाजपा द्वारा अपने प्रधानमंत्री और मुख्‍यमंत्री घोषित व प्रोजेक्‍शनल लांचिंग के चलते कोग्रेस को भी अपनी रणनीति परिवर्तन व प्रोजेक्‍शनल लांचिंग अनिवार्य हो गयी थी । संभवत: पार्टी के इसी नजरिये के तहत जल्‍द ही प्रदेश कांग्रेस में जहॉं भारी फेरबदल होगा वहीं पुराने लोगों के साथ युवा और नये चेहरों को खास तव्‍वजो मिलने की भी उम्‍मीद की जा रही है । संगठन में फेरबदल के बाद आने वाले दिनों में शायद कांग्रेस अपने भावी मुख्‍यमंत्री का नाम भी लांच कर देगी ।

 

बकरियों की क्षति के लिए 32 हजार रूपये मंजूर


बकरियों की क्षति के लिए 32 हजार रूपये मंजूर

मुरैना 29 जनवरी 2008 // कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने ग्राम भर्राड मजरा हरिमोहन का पुरा तहसील मुरैना निवासी श्री बेताल सिंह गुर्जर को 32 हजार 200 रूपये की तात्कालिक आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की है । श्री गुर्जर को यह सहायता राशि गत 15दिसम्बर को पशुकर में अचानक आग लग जाने से 38 बकरियां और 4 बकरियों के बच्चों की मृत्यु हो जाने के कारण मंजूर की गई ।

       अनुविभागीय अधिकारी राजस्वमुरैना और तहसीलदार की अनुशंसा के आधार पर राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के अन्तर्गत 800 रूपये प्रति बकरी के मान से 39 बकरियों की क्षति पूर्ति के लिए 31 हजार 200 रूपये तथाचार बकरियों के बच्चों के लिए प्रति बच्चे 250 रूपये के मान से एक हजार रूपये की सहायता कुल 32 हजार 200रूपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है । तहसीलदार मुरैना को स्वीकृत राशि का आहरण कर संबंधित को वितरित करने के निर्देश दिए गये है ।

 

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