व्‍यंग्‍य/ मसखरे नेताजी, पोल पोलिंग की भाग-1 चुनाव से जुड़ी रोचक बातें, क्‍या वाकई जीता हुआ उम्‍मीदवार जनप्रतिनिधि होता है


व्‍यंग्‍य/ चुनाव से जुड़ी रोचक बातें, क्‍या वाकई जीता हुआ उम्‍मीदवार जनप्रतिनिधि होता है

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ”आनन्‍द”

मसखरे नेताजी, पोल पोलिंग की भाग-1

विशेष टीप-  गणित की 7 प्रमेय विशेष प्रसिद्ध रहीं हैं, जिन्‍हें विश्‍व में कभी कोई गणितज्ञ हल नहीं कर पाया । इन प्रमेयों को भारत के रेल्‍वे के एक मामूली और नाकारा समझे जाने वाले रोजाना बेइज्‍जत किये छोटे से क्‍लर्क रामानुजम ने हल करके रद्दी के यानि कचरे के डिब्‍बे में फेंक दिया था । जो कि विश्‍व प्रसिद्ध गणितज्ञ को नजर आयीं तों उसने रामानुजम को विश्‍व का महान गणितज्ञ नवाजा । स्‍वामी विवेकानन्‍द की कहानी भी कोई भिन्‍न नहीं हैं । उन महान विद्वानों को नतमस्‍तक होते हुये मैं भी ऐसी अबूझ 7 चुनावी प्रमेय अर्थात समस्‍यायें यानि पहेलियॉं प्रस्‍तुत करने की धृष्‍टता कर रहा हूँ जो अभी तक अनसुलझीं हैं, जो इन्‍हें सुलझायेगा निसंदेह भारत के इन दोनों रत्‍नों यानि भारत रत्‍न (अभी तक ये महान भारतीय भारत रत्‍न से नहीं नवाजे गये हैं क्‍योंकि ये राजनीतिज्ञ नहीं थे, न इनका कोई रिश्‍तेदार कभी विधायक या सांसद ही बन पाया) की टक्‍कर का मेरी नजर में महान भारतीय, पूज्‍य भारतीय होगा ।     

क्‍या आपने कभी ध्‍यान दिया है कि आपके यहॉं के निर्वाचन क्षेत्र से कुल कितने उम्‍मीदवार चुनाव में खड़े हुये और उनमें से हरेक को कितने कितने वोट मिले ।

आईये भारतीय लोकतंत्र की कुछ मजेदार रोचक बातों पर मुलाहिजा गौर फरमायें ।

मान लीजिये कि एक विधानसभा या एक लोकसभा चुनाव सम्‍पन्‍न हुआ और चुनाव में कुल 16 प्रत्‍याशी खड़े हुये जिसमें इस क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्‍या 500 है । जब चुनाव हुआ तो कुल 480 लोगों ने वोट डाले ।

चुनाव में हर मतदाता ने अपनी अपनी पसन्‍द का वोट डाला यानि अपने मनपसन्‍द प्रत्‍याशी को वोट किया ।

मतगणना हुयी और चुनाव परिणाम मान लीजिये कि निम्‍न प्रकार रहा %

 

क्रमांक

प्रत्‍याशी

प्राप्‍त मत    

1.     

रामलाल

212

2

मनोहर सिंह

37

3

रामकली

10

4

लालूराम

5

5

करियाचन्‍द

50

6

रामनिवास

30

7

छिद्दी लाल

21

8

ओमवीर सिंह

11

9

रामबेटी

9

10    

राजकुमारी

4

11    

धनियाराम

3

12    

सेठ गिरधारी लाल

5

13    

केशव चन्‍द्र

16

14    

गिरवरलाल

18

15    

धनुई

40

16

करोड़ीमल

9     

कुल वोट

 

480

 

अब ऊपर की सारणी के मुताबिक सर्वाधिक 212 वोट पाने वाला प्रत्‍याशी रामलाल है ।

कुल वोट चूंकि 480 पड़े हैं जिसका आधा यानि 50 फीसदी 240 होता है अर्थात क्षेत्र के आधे से अधिक मतदाताओं ने रामलाल को वोट नहीं दिया । केवल 212 लोगों ने रामलाल को वोट दिया है । इस प्रकार रामलाल केवल 212 लोगों का प्रतिनिधि सिद्ध हुआ । और 480 में से 212 घटाईये तो प्राप्‍त संख्‍या 268 होती है । अत: सिद्ध हुआ कि विजयी प्रत्‍याशी रामलाल 268 लोगों यानि मतदाताओं का प्रतिनिधि नहीं हैं ।

अब जिन 268 लोगों ने रामलाल को वोट नहीं दिया उनका रामलाल किस हिसाब से प्रतिनिधि कहलायेगा । क्‍या रामलाल उनका प्रतिनिधि माना जाना चाहिये । क्‍या वे 268 मतदाता जिन्‍होंने रामलाल को वोट नहीं दिया, रामलाल को अपना प्रतिनिधि मानेंगें । या रामलाल के पास अपनी समस्‍या लेकर जायेंगें ।

नहीं कदापि नहीं, वे कतई रामलाल को अपना प्रतिनिधि नहीं मानते इसलिये उन्‍होंने रामलाल को वोट नहीं दिया । अब इन 268 लोगों पर भी रामलाल को उनका जनप्रतिनिधि कह कर थोपा जाना क्‍या उचित है । क्‍या वे 268 मतदाता अगले 5 वर्ष तक बिना प्रतिनिधि के भारत के लोकतंत्र में रहेंगे । (वर्तमान व्‍यवस्‍था में तो रह रहे ही हैं) क्‍या रामलाल के खिलाफ आये 268 वोट उसके मिले 212 वोटों से अधिक नहीं हैं । क्‍या वाकई इस तरह रामलाल जीता या हारा । फिर रामलाल को समूचे क्षेत्र का जनप्रतिनिधि कैसे माना जाये । ये 268 लोग तो 5 साल तक रामलाल से मिलने तक नहीं जायेंगें, और रामलाल भी हरेक को इन 268 में ही गिनेगा और अधिकतर (चेले चमचों को छोड़ कर ) लोगों को सुनेगा ही नहीं । देश में यही चल रहा है कि नहीं ।    

चलिये आप इस पहेली को सुलझाईये, मैं दूसरी पहेली तब तक आपको देता हूँ । और विचार करिये कि कितना निर्दोष और निष्‍पक्ष है हमारा निर्वाचन और कितनी वोट पावर से समृद्ध या कमजोर (ऋणात्‍मक)होता है हमारा जनप्रतिनिधि । इस पहेली को बूझें तो जानें । या फिर वर्तमान या पूर्व विधायक या सांसद या चुनाव लड़ने के इच्‍छुक भावी सांसद या विधायक से इसका समाधान अवश्‍य पूछें । और मुझे अवश्‍य बतायें, मैं इसका समाधान अवश्‍य प्रकाशित करूंगा ।  

 

क्रमश: जारी….

कॉग्रेस के 12 प्रदेशों के लोकसभा प्रत्‍याशीयों की घोषणा, म.प्र. से 12 प्रत्‍याशी घोषित


कॉग्रेस के 12 प्रदेशों के लोकसभा प्रत्‍याशीयों की घोषणा, म.प्र. से 12 प्रत्‍याशी घोषित

मुरैना, गुना, छिन्‍दवाड़ा और खण्‍डवा में सीधे मुकाबले के आसार, ग्‍वालियर पर तिकोना संघर्ष

नरेन्‍द्र सिंह तोमर आनन्‍द

लम्‍बे समय से प्रतीक्षित कॉंग्रेस प्रत्‍याशीयों की सूची की घोषणा के साथ ही मध्‍यप्रदेश की चुनावी तस्‍वीर लगभग साफ होती जा रही है और आने वाले चुनाव में ऊँट किस करवट बैठेगा यह परिदृश्‍य लगभग दृष्टिगोचर सा होता जा रहा है ।

मध्‍यप्रदेश के सन्‍दर्भ में अभी तक घोषित प्रत्‍याशीयों की सूची के तले ग्‍वालियर त्रिकोणीय संघर्ष में और मुरैना, गुना, छिन्‍दवाड़ा ओर खण्‍डवा में सीधे मुकाबले के आसार है यद्यपि इन सभी सीधे मुकाबलों में अधिक दम नहीं जान पड़ रही किन्‍तु मुकाबला तो होगा ही, देखना यह है कि रिकार्ड मत से इनमें से कौन विजयी होगा ।

मुरैना में अब तक बहुजन समाज पार्टी, माकपा, कांग्रेस, भाजपा, गोंगपा, और समाजवादी पार्टी अपने अधिकृत प्रत्‍याशी घोषित कर चुके हैं, केवल राष्‍ट्रीय जनता दल, भाजशपा, लोजशपा, और राकांपा जैसे दलों के प्रत्‍याशीयों की घोषणा शेष है ।

अभी तक के परिदृश्‍य में मुरैना में सीधा मुकाबला बहुजन समाज पार्टी और भाजपा के बीच होना तय है । जिसमें अभी तक की आनुमानिक विश्‍लेषण से भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष नरेन्‍द्र सिंह तोमर की जीत लगभग सुनिश्चित है यदि अन्‍य बकाया दल किसी ताकतवर राजपूत प्रत्‍याशी को नहीं लड़ाते तो संभव है कि तोमर की रिकार्ड जीत हो । माकपा और सपा प्रत्‍याशीयों की बदौलत नरेन्‍द्र सिंह तोमर की राह और अधिक आसान हो गयी है, माकपा और सपा प्रत्‍याशी बहुजन समाज पार्टी को खासी क्षति पहुँचायेंगे ।

ग्‍वालियर में जैसा कि सुनने में आया है कि फूल सिंह बरैया भी चुनाव लड़ने जा रहे हैं, ऐसी सूरत में ग्‍वालियर मे गंभीर त्रिकोणीय संघर्ष संभव होगा और चुनाव परिणाम अनिश्चित होगा ।

गुना, छिन्‍दवाड़ा में हालांकि सीधे मुकाबले भाजपा और कॉंग्रेस के बीच होंगें किन्‍तु यहॉं लगभग एकपक्षीय परिणाम कॉंग्रेस के पक्ष में होंगे ।

खण्‍डवा में भाजपा के नन्‍द कुमार सिंह चौहान का कॉंग्रेस के अरूण यादव से सीधा संघर्ष संभव है जिसमें अभी स्‍पष्‍ट नहीं है कि परिणाम किसके पक्ष में जायेगा ।

चम्‍बल की दूसरी सीट भिण्‍ड दतिया लोकसभा सीट पर अभी दोनों ही प्रमुख दलों ने अपने प्रत्‍याशी घोषित नहीं किये हैं किन्‍तु जैसा कि कयास है यह सीट कॉंग्रेस के पक्ष में एक प्रत्‍याशी विशेष के आने पर एकपक्षीय होकर आ सकती है अन्‍यथा इस सीट पर भी सीधा या त्रिकोणीय मुकाबला होगा । ग्‍वालियर भिण्‍ड सीटों के त्रिकोणीय मुकाबले बहुजन समाज पार्टी और फूल सिंह बरैया की मैदानी स्थितियों पर आधारित होंगे ।           

 

नई दिल्‍ली 12 मार्च 09, आगामी लोकसभा चुनाव के लिये कांग्रेस इ ने 12 प्रदेशों के प्रत्‍याशीयों की घोषणा कर दी है । अधिकृत घोषित प्रत्‍याशीयों की प्रदेशवार सूची आज शाम 5 बजे तक निम्‍न प्रकार है,

 

MADHYA PRADESH

The candidates selected by the CEC for the ensuing Elections to the Lok Sabha from Madhya Pradesh.

Sl.No.

No & name of Constituency

Selected Candidate

1

1 MORENA

RAM NIWAS RAWAT

2

3 GWALIOR

ASHOK SINGH

3

4 GUNA

JYOTIRADITYA SCINDIA

4

6 TIKAMGARH (SC)

VRINDHAWAN AHIRWAR

5

7 DAMOH

CHANDRABHAN SINGH

6

10 REWA

SUNDARLAL TIWARI

7

15 BALAGHAT

VISHVESHWAR BHAGAT

8

16 CHHINDWARA

KAMALNATH

9

24 RATLAM (ST)

KANTILAL BHURIA

10

25 DHAR-(ST)

GAJENDRA SINGH RAJUKHEDI

11

28 KHANDWA

ARUN YADAV

12

29 BETUL . ST

OZA RAM

 

हायरसेकण्ड्री परीक्षायें शुरू, रात भर कटी बिजली


हायरसेकण्ड्री परीक्षायें शुरू, रात भर कटी बिजली

मुरैना 2 मार्च 09, आज से म.प्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हायर सेकण्ड्री परीक्षायें प्रारंभ हो गयी  हैं ! परीक्षाओं के दरम्‍यान भारत का भविष्‍य जहॉं कई जगह टाट पट्ट‍ियों पर तो कई जगह नंगी जमीन पर बैठ कर अपनी किस्‍मत को रोता रहा । उल्लेखनीय है कि इस बार दिन और रात लगातार बिजली कटौती के कारण छात्र अध्ययन नहीं कर पाये हैं और अपनी परीक्षाओं व तैयारी को लेकर भारी तनाव में हैं ! भारी बिजली कटौती के चलते छात्रों में घबराहट और फोबिया हो गया है जिसके कारण बच्चे एक तरफ जनरल प्रमोशन मांगते रहे वहीं दूसरी ओर परीक्षायें स्थगित किये जाने की भी माँग करते रहे !

बच्चों की समस्याओं और परेशानी को दर किनार कर सरकार ने उनकी बात सुन कर भी अनसुनी कर दी और अपनी राजनीतिबाजी में लगी रही ! बच्चों को न कोयला काण्ड से मतलब है न मामा की राजनीति से ! बच्चों को पढृने के लिये बिजली चाहिये थी लेकिन मामा ने उन्हें सिर्फ अंधकार दिया और राजनीति की फर्जी नौटंकीबाजी ! बच्चे परीक्षा से पूर्व भारी दुखी और हताश नजर आ रहे थे ! कई बच्चों ने ग्वालियर टाइम्स से चर्चा करते हुये कहा कि अगर उनका रिजल्ट बिगड़ा तो या तो घर से भाग जायेंगें या फिर अप्रिय कदम ? उठायेंगे !

हद तो तब हुयी जब परीक्षा की रात भी शाम 7 बजे से 8 बजे की कटौती के बाद रात साढ़े दस बजे से राज साढ़े 11 बजे तक चम्बल संभाग के संभागीय मुख्यालय पर बिजली गुल रही इससे पहले सुबह पाँच बजे से दोपहर साढे 11 बजे तक फिर उसके बाद शाम 7 बजे से आठ बजे तक चम्बल संभाग के सम्भागीय मुख्यालय पर बिजली कटौती नियमित रूप से चल ही रही है ! जिला मुख्यालयों, तहसीलों और गाँवों की दशा तो और भी अधिक बदतर है ! वहाँ तो कतई बिजली है ही नहीं ! यह बताना समीचीन होगा कि अभी चन्द रोज पहले ही चार बच्चे बिजली कटौती के चलते रात में मोमबत्ती से पढ़ते वक्त जिन्दा जल कर मर गये लेकिन उनके तथाकथित मामा ने संवेदन शीलता से कोसों परे रहकर स्थिति और ज्यादा खराब कर हजारों बच्चों को मोमबत्ती से पढ़कर जिन्दा जलने के लिये राम भरोसे छोड़ दिया ! मामा ने साइकिल बंटाई के मंजीरे बहुत पीटे लेकिन बच्चों को इमरजेन्सी लाइट एक भी नहीं बांटी ! बच्चों की हितैषी बनने का स्वांग भरने वाली सरकार के पास लाड़ली लक्ष्मीयों को मोमबत्ती से जलने का उपहार देने के सिवा अब कुछ शेष नहीं है !

खैर बच्चों का तो जो होगा सो होगा, इतना तो तय ही है कि आडवाणी जी प्राइम मिनिस्टिर नहीं बनने वाले, न तो कोई कोयला वाली बात सुनने मानने को तैयार है और न ढपोरशंखी बतोलेबाजी !

 

 

%d bloggers like this: