शनि वृद्ध होकर अस्त हुये, शारदीय न वरात्रि 28 से प्रारंभ होंगी


हल्की गुलाबी सर्दी ने चंबल अंचल म ें दस्तक दी


भगत सिंह की जन्मतिथि पर व्याख्यान और परिचर्चा कल


भगत सिंह की जन्मतिथि पर व्याख्यान और परिचर्चाकल

शहर की सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था दखल विचार मंच कल २७ सितम्बर को शहीद ए आज़म भगत सिंह के १०५ वें जन्मदिवस के अवसर पर प्रतिवर्ष होने आयोजित होने वाली ‘भगत सिंह व्याख्यान माला’ के तहत ‘हाशिए का समाज और लोकतंत्र की सीमाएँ’ विषय पर एक व्याख्यान तथा परिचर्चा का आयोजन करेगी. पड़ाव स्थित कला वीथिका मेंशाम साढ़े पाँच बजे से होने वाले इस आयोजन में मुख्य वक्ता जाने-माने कवि, विचारक और पब्लिक एजेंडा पत्रिका के साहित्य संपादक श्री मदन कश्यप होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रेड युनियन नेता श्री राजेश शर्मा करेंगे. kaa पिछले सात वर्षों से नियमित आयोजित इस व्याख्यान माला में अब तक प्रो लाल बहादुरायेगी.i il विफलता है. आ. आखिर वर्मा, पंकज बिष्ट, सुभाष गाताड़े, प्रो संजय कुमार सहित अनेक विद्वान हिस्सेदारी कर चुके हैं.
यह जानकारी देते हुए संस्था के प्रवक्ताअमित शर्मा ने बताया कि इस वर्ष हम लोकतंत्र के पिछले छह दशक की यात्रा में दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, आदिवासी तथा उत्तर-पूर्व जैसे उन समाजों की स्थितियों पर विचार करेंगे जो विकास और प्रगति की दौड में पीछे छूट गए हैं. इरोम शर्मिला जैसे लोग बारह सालों तक के अनशन के बावजूद न्याय नहीं पा सके हैं. यह लोकतंत्र की विफलता है. हम यह विचार करना चाहते हैं कि इसकी क्या वजहें रहीं और इसे किस तरह दूर किया जा सकता है. इस अवसर पर प्रगतिशील साहित्य तथा पोस्टरों की एक प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी.
इस अवसर पर संस्था ने शहर के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, छात्रों तथा आम जनों से हिस्सेदारी की अपील की है.

मुरैना से लोकसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र सि ंह तोमर के पिता का निधन


मुरैना से लोकसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के पिता का निधन

भारतीय जनता पार्टी के मुरैना से लोकसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के पिता श्री मुंशी सिंह तोमर का आज निधन हो गया है ।

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के पिता श्री मुंशी सिंह तोमर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
श्री चौहान ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

जैसलमेर में नवजात लड़कियों की मौत के मामलों की दोबारा जांच का आदेश


जैसलमेर में नवजात लड़कियों की मौत के मामलों की दोबारा जांच का आदेश
महिला और बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने राजस्थान में जैसलमेर के जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह तीन नवजात लड़कियों की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की दोबारा जांच करे। नवजात शिशुओं की हत्या की शिकायतों की जांच के लिए एनसीपीसीआर के एक दल ने हाल ही में जैसलमेर का दौरा किया था। माना जा रहा है कि स्वास्थ्य केन्द्रों को छोड़ने के बाद उनके परिवार वालों ने इन शिशुओं की पिछले महीने हत्या कर दी थी। दल से कहा गया है कि वह आयोग को दस दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट दें।

शिशु हत्या और बाल अधिकारों के हनन से जुड़े अन्य मामलों की शिकायतों की जांच के लिए एनसीपीसीआर के सदस्य डॉ. दिनेश लारोइया, डॉ. योगेश दुबे, श्री विनोद कुमार, बाल अधिकारों के क्षेत्र में काम कर रहे जोधपुर के एक एनजीओ विकल्प के प्रतिनिधि श्री योगेश और एनसीपीसीआर की परामर्शदात्री शैफाली ने 15 से 17 सितंबर तक जैमलमेर और जोधपुर का दौरा किया।

हालांकि शिशु लड़कियों की हत्या के मामले की राज्य सरकार जांच करा चुकी है और पाया गया कि इनकी स्वाभाविक मौत हुई थी। दल को छोर, सीतादोई और देवड़ा गांव तथा देवीकोटी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की दाइयों और नर्सों के बयान में काफी अंतर देखने को मिला। दल ने पाया कि बच्चे के जन्म से पहले गर्भवती महिलाओं की देखभाल संबंधी रिकार्ड भी ठीक से नहीं रखे जाते।

जैसलमेर में नवजात लड़कियों की मौत के मामलों की दोबारा जांच का आदेश


जैसलमेर में नवजात लड़कियों की मौत के मामलों की दोबारा जांच का आदेश
महिला और बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने राजस्थान में जैसलमेर के जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह तीन नवजात लड़कियों की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की दोबारा जांच करे। नवजात शिशुओं की हत्या की शिकायतों की जांच के लिए एनसीपीसीआर के एक दल ने हाल ही में जैसलमेर का दौरा किया था। माना जा रहा है कि स्वास्थ्य केन्द्रों को छोड़ने के बाद उनके परिवार वालों ने इन शिशुओं की पिछले महीने हत्या कर दी थी। दल से कहा गया है कि वह आयोग को दस दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट दें।

शिशु हत्या और बाल अधिकारों के हनन से जुड़े अन्य मामलों की शिकायतों की जांच के लिए एनसीपीसीआर के सदस्य डॉ. दिनेश लारोइया, डॉ. योगेश दुबे, श्री विनोद कुमार, बाल अधिकारों के क्षेत्र में काम कर रहे जोधपुर के एक एनजीओ विकल्प के प्रतिनिधि श्री योगेश और एनसीपीसीआर की परामर्शदात्री शैफाली ने 15 से 17 सितंबर तक जैमलमेर और जोधपुर का दौरा किया।

हालांकि शिशु लड़कियों की हत्या के मामले की राज्य सरकार जांच करा चुकी है और पाया गया कि इनकी स्वाभाविक मौत हुई थी। दल को छोर, सीतादोई और देवड़ा गांव तथा देवीकोटी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की दाइयों और नर्सों के बयान में काफी अंतर देखने को मिला। दल ने पाया कि बच्चे के जन्म से पहले गर्भवती महिलाओं की देखभाल संबंधी रिकार्ड भी ठीक से नहीं रखे जाते।

कर्नाटक का असली नाटक (भाजपा का असल ी चेहरा)


AS RECEIVED……………

KAR – NATAK KA ASLI NATAK

गृह मंत्री श्री पी चिदंबरम का बयान – मैं चुप रहूंगा


गृह मंत्री श्री पी चिदंबरम का बयान – मैं चुप रहूंगा

केंद्रीय गृह मंत्री श्री पी चिदंबरम ने आज मीडिया को एक बयान जारी किया जिसका मूलपाठ इस प्रकार है-

‘मीडिया में मेरे मित्रों ने पूछा है कि मैं खामोश क्‍यों हूं।

जैसा कि मीडिया में कहा गया है, प्रधानमंत्री ने कल रात फ्रैंकफर्ट से मुझे फोन कर बात की। वित्‍त मंत्री ने भी वाशिंगटन से फोन कर मुझसे बात की। मैंने प्रधानमंत्री को आश्‍वासन दिया है कि वह जब तक स्‍वदेश नहीं लौटते हैं तब तक मैं कोई सार्वजनिक बयान नहीं दूंगा।‘

3 Judges appointed to the Rajasthan High Court


3 Judges appointed to the Rajasthan High Court

In exercise of the powers conferred by clause (1) of article 217 of the Constitution of India, the President is pleased to appoint (1) Shrimati Justice Meena V. Gomber, (2) Shri Justice Kailash Chandra Joshi, and (3) Shri Justice Sajjan Singh Kothari, to be Judges of the Rajasthan High Court, in that order of seniority with effect from the date they assume charge of their respective offices.

New Judge Appointed to the Uttarakhand High Court


New Judge Appointed to the Uttarakhand High Court

In exercise of the powers conferred by clause (1) of article 217 of the Constitution of India, the President is pleased to appoint Shri Umesh Chandra Dhyani, to be a Judge of the Uttarakhand High Court, with effect from the date he assumes charge of his office.

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