बदलाव तो आयेगा भारत में मगर ….. सियार नहीं ….. शेर लायेंगें वह क्रातिकारी बदलाव ….


बदलाव तो आयेगा भारत में मगर ….. सियार नहीं ….. शेर लायेंगें वह क्रातिकारी बदलाव ….
– नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”
वस्तुत: राजनाथ सिंह जी ने क्या कहा या क्या नहीं कहा , आउटलुक ने क्या प्रकाशन किया या नहीं किया ….. 800 साल बाद हिन्दू शासक वाली बात पर हम कह रहे हैं … गोया इस बात से न भारत का इतिहास और भारत के ग्रंथ , शास्त्र व चक्रवर्ती महाराजाओं की राजाज्ञायें हीं किसी प्रकार का इत्तफाक रखतीं हैं और न सहमत होतीं हैं , न समर्थन करतीं हैं , सर्वप्रथम हम यह एकदम स्पष्ट कर दें 800 और 900 साल पहले भारत नहीं वरन महाभारत का साम्राज्य था , और उसकी राजधानी इंद्रप्रस्थ थी , पुराने किले से महाभारत साम्राज्य का संचालन किया जाता था , उस वक्त तक हिन्दू या मुसलमान नामक कोई धर्म इस संपूर्ण विश्व में नहीं था , बल्क‍ि केवल मात्र सनातन धर्म ही संपूर्ण विश्व में कमात्र व्याप्त था ….. और यह बात अनेक साक्ष्यों व सबूतों के साथ तोमर राजवंश के फेसबुक पेज पर प्रकाशन की जा चुकी है , हिन्दू शब्द मुगलों का दिया हुआ है , मुगलों और अंग्रेजों के गुलाम राजाओं द्वारा पोषण किया गया पालित शब्द है … जहॉं तक सनातन धर्म या महाभारत की या महाभारत साम्राज्य की सल्तनत की वापसी , महाभारत सम्राट की वापसी की बात है ….. यह पूर्व से ही शास्त्राज्ञाओं , राजज्ञाओं व दिल्ली की किल्ली पर खुदे लेख में स्पष्ट लेख है …. कि जिस दिन भी दिल्ली सिंहासन पर कोई पांडवों का वंशज तोमर क्षत्रिय राजपूत तोमर वापस बैठेगा ….. उसी दिन से भारत महाभारत में बदलने लगेगा …. और पुन: विश्व भूमि धरा पर महाभारत साम्राज्य संचालन होगा और राजधानी इंद्रप्रस्थ ही होगी … जब तक कोई क्षत्रिय राजपूत तोमर दिल्ली के सिंहासन पर वापस नहीं बैठेगा भारत की ही नहीं समूचे विश्व के हालात वक्त दर वक्त बदतर होते ही जायेंगें ।
केवल भारत ही नहीं वरन समूचे विश्व में सर्वत्र सुख शांति समृद्धि की स्थापना या जो भी परिवर्तन व बदलाव होने हैं वह केवल मात्र कोई क्षत्रिय राजपूत ही करेगा अन्य कोई भी माई का लाल नहीं कर सकता । यद्यप‍ि शास्त्रों ग्रंथों , राजाज्ञाओं, लेखों , पट्टकिा लेखों में काफी कुछ इस संबंध में लिखा हुआ है , लेकिन वर्तमान में उल्लेखनीय व प्रासंगिक नहीं है । प्रसंगवश हमें यह उल्लेख लिखना पड़ा , किसी को किंचित भी इससे नाराजी या पीड़ा हुई हो तो उसमें हम कुछ नहीं कर सकते , जो है सो हैं , पहले से ही टंकित, व अंकित है , उत्कीर्ण है ।
भारतीय जनता पार्टी हो या कांग्रेस या अन्य कोई भी राजनैतिक दल हो , कुछ नहीं कर सकता , इनके बूते का काम नहीं है , यह देश को बर्बादी के कुचक्र में धंसाते फंसाते चले जाने से ज्यादा कभी कुछ नहीं कर सकते ।
भारत में सबसे पहला काम भारत का संविधान बदलने का है , जो कि अंग्रेजो का 1935 में बनाया व लागू किया गया है , जिसे जस का तस बहुत जरा से बदलाव के साथ 26 नवम्बर 1949 को और थोड़े से चिथड़े थ‍िगड़े लगाकर 26 जनवरी 1950 को लागू कर दिया , वस्तुत: मूलत: यह अंग्रेजी हुकूमत ने सन 1935 में बनाया व लागू किया था । इसके अलावा भारत के 90 फीसदी कानून चाहे वह भारतीय दंड संहिता हो , चाहे सिविल प्रोसीजर कोड हो, चाहे दंड प्रक्रिया संहिता हो …. सबके सब अंग्रेजों द्वारा बनाये व प्रचलित किये गये ही ज्यों के त्यों चल रहे हैं , देश आज तक इसी द्विधा में है कि वह आपने धर्म शास्त्रों , ग्रंथों व देवताओं की बात माने और अनुकरण करे या इसके एकदम ठीक उलट भारत के अंग्रेजों के संविधानों और कानूनों को माने , दोनों ही एक दूसरे के परस्पर विरोधी व विरोधाभासी हैं , यदि आप अपने भारत के ग्रंथों , शास्त्रों व देवी देवताओं को मानते हैं , और उनका अनुकरण करते हैं , तो आप अपराधी बन जाते हैं , भारत के सबसे बड़े वांटेड क्रिमिनल बन जाते हैं ।
अगर भगवान श्रीकृष्ण आज आ जायें , या कहीं जन्म लें लें तो श्री कृष्ण द्वारा किया गया हर काम भारतीय दंड संहिता में अपराध डिक्लेयर है , आई.पी.सी. की सभी 511 धारायें श्री कृष्ण के विरूद्ध हैं , और हर धारा में श्रीकृष्ण अपराधी है , यदि श्रीकृष्ण कह गये हैं कि ”यदा यदा हि धर्मस्य , ग्लानिर्भवति भारत … ” तो यह सौ फीसदी पक्का है …. कि भारत का कोई ऐसा सिपाही , कोई ऐसाा थाना नहीं होगा ….. जो हथकड़ी लटकाये श्रीकृष्ण को पकड़ने के लिये दिन रात एक नहीं कर देगा ….. बेशक श्री कृष्ण पर भारत सरकार द्वारा इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कराया जायेगा , विश्व का सबसे बड़ा आतंकवादी डिक्लेयर किया जायेगा , भारत का राजनीतिक शत्रु डिक्लेयर किया जायेगा , जाहिर है कि …. जब हालात व सूरत इस भारत देश की ऐसी है …. तो यहॉं श्री कृष्ण की नहीं ….. स्वत: ही दुर्योधनों और कंसों की संख्या जरूरत से बहुत ज्यादा है , हर गली मोहल्ले में है , न जाने कितनी द्रोपदीयों के चीरहरण यहॉं रोज होते हैं … खैर …… सारे रोगों का इलाज जब भी होगा ….. केवल …. कोई सिहासनारूढ़ क्षत्रिय राजपूत ही करेगा ….. जो कंसों और दुर्योधनों का वध भी करेगा और …… भारत को फिर महाभारत बनायेगा …… जय श्री कृष्ण …. जय जय श्री राधे – नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”
 

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