तोमर राजवंश और अफ्रीका की हिडिम्बा , क्यों कहा जाता है , महान और बड़े लोगों को अफ्रीका में मुरैना , पढि़ये 3 साल तक अफ्रीका में रहे डॉ. लेफ्ट‍िनेंट कर्नल राजेश सिंह चौहान का यह आलेख “मुरैना”


तोमर राजवंश और अफ्रीका की हिडिम्बा , क्यों कहा जाता है , महान और बड़े लोगों को अफ्रीका में मुरैना , पढि़ये 3 साल तक अफ्रीका में रहे डॉ. लेफ्ट‍िनेंट कर्नल राजेश सिंह चौहान का यह आलेख
“मुरैना”
डा करनल राजेश चौहान·19 जनवरी 2016
क्या आप जानते हैं कि “मुरैना” शब्द का कोई मतलब भी होता है ? यदि नहीं तो यह जान लीजिये कि दक्षिण अफ्रीका के एक क्षेत्र में अपने से बड़े व्यक्ति को “मुरैना” कहकर सम्बोधन करते है l अब ग्वालियर और भिण्ड से लगे हुए इलाके को “मुरैना” ही क्यों कहते हैं, कुछ और क्यों नहीं क्या किसी ने इस विषय में सोचा भी है ? हम इतिहासकार नहीं है, पर इतना तो पता है कि मोरेना में बसने वाला तोमर वंश अपना इतिहास महाभारत काल के एक पांडव पुत्र श्री अर्जुन से जोड़ता रहा है l अब यदि हम महाभारत काल के इतिहास पर कुछ और ध्यान दें, तो हमें याद आएगा कि पाण्डव जब दुर्योधन से जुए में सब कुछ हार गए थे, तब उनको वनवास और अज्ञातवास भोगने के लिए विवश भी होना पड़ा था l अब यदि इतिहास और भूगोल को जोड़कर हम इस बात को देखें, तो हमें ज्ञात होगा कि भारत और अफ्रीका उस काल में एक ही भूखण्ड हुआ करते थे, जिसे भूगोलिक गोंडवानालैंड की संज्ञा से जानते हैं l अब इस सबको जोड़कर हमारा अनुमान तो यही बनता है कि पाण्डव दक्षिण भारत होते हुए अफ्रीका के दक्षिण छोर पर पहुँच गए थे जहां उनका मिलाप “हिडिम्ब” कबीले से हुआ होगा l और हमारा यह भी अनुमान है कि इसी “हिडिम्ब” कबीले से पाण्डव पुत्र श्री भीम की पत्नी “हिडिम्बा” का सम्बन्ध था l यह “मुरैना” शब्द हिडिम्ब कबीले और उसके आस पास के इलाके में प्रयोग में आज भी आता है l तीन साल हम भी अफ्रीका के बोत्स्वाना में वास कर के आये हैं, और वहां हमें काफी लोगों ने हमेशा ही मुरैना कहकर सम्बोधित करा, और हमने भी यह शब्द और इसका मतलब सीखकर वहां के अपने से ऊंचे ओहदे वालों को मुरैना कहकर सम्बोधित करा l तमिल नाडू के मामल्लपुरम जिसे महाबलीपुरम भी कहते हैं, वहां पांडवों पर आधारित मूर्तियां और कृतियाँ आज भी मौजूद हैं जिसे UNESCO ने संसार की धरोहरों में शामिल करके रखा हुआ है l और यदि भारत देश और अफ्रीका एक ही भूगोलिक खण्ड किसी समय पर हुआ करते थे, तो बेहद सम्भव है कि पाण्डव पुत्र वनवास और अज्ञातवास में छुपते छुपाते तमिल नाडू के महाबलीपुरम होते हुए अफ्रीका के दक्षिणी छोर तक पहुँच गए होंगे, जहां पर श्री भीम ने हिडिम्ब कबीले के हिडिम्बा देवी से ब्याह रचाया हो l , और यह “मुरैना” शब्द अफ्रीका से दहेज़ में आया हो और इस चम्बल के स्वर्णिम क्षेत्र में पांडव परिवार और उनके वंशजों को सम्बोधन में इस्तेमाल होते-होते इस पूरे क्षेत्र का नाम ही “मुरैना” पड़ गया हो l अब यदि “मुरैना” शब्द का कोई और मतलब हो, या मोरेना शब्द का कोई अन्य इतिहास हो, तो हम अपना यह लेख मिटा देंगे l वैसे हमारे लिए यह गर्व की बात है कि “मुरैना” जिले में हमारे कई एक रिश्तेदार हैं l श्री भीम और अन्य पांडव हमेशा ही “मुरैना” नाम से जाने-अनजाने सम्बोधित होते रहे हैं, और होते रहेंगे l यह लेख इतिहास पर आधारित हमारी एक पुस्तक का हिस्सा है, जो हम समय मिलने पर लिख रहे हैं l
जय हिन्द, जय मुरैना
डा० (लैफ्टीनैंट कर्नल) राजेश चौहान
आगरा

Arjun Africa Morena Lt. Col. Chouhan महाभारत का नक्शा

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