Yogeshwari A Film By Gwalior Times – Introductory फिल्म योगेश्वरी


ग्वालियर टाइम्स प्रस्तुत करती है पहली बार फिल्म ” योगेश्वरी”….  चन्द्रवंशीय तोमर राजवंश ( पांडव राजवंश ) की तीनों लोक , समस्त ब्रह्माण्ड की कुलदेवी पर पहली बार पूरी समग्र जानकारी और संपूर्ण इतिहास व सारी कथा ( भारत के सनातन धर्म के प्राचीन ग्रंथों एवं शास्त्रों से तथा उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों से ) , तोमर राजवंश की कुलदेवी योगमाया , चिलाय माता भवानी , चील्हासन भवानी, भगेसुरी , हरसिद्धि ( कुंतलपुर ) , विध्यवासिनी , कौश‍िकी , ब्रह्मचारणी, कामाख्या आदि अनेक रूपों व नामों से विख्यात दरअसल मूल स्वरूप में दस महाविद्याओं में से एक मूल व प्रथम महाविद्या मॉं महाकाली हैं , जो पाताल में योगनिद्रा में लीन श्री हरि भगवान महाविष्णु की बहिन , उनकी आज्ञानुसार व इच्छानुसार कर्तव्य कर्म करने वाली भगवान श्री महादेव शंकर की असल व मूल पत्नी , इन्द्र एवं भगवान श्रीकृष्ण की बहिन , प्रत्येक प्राणीमात्र को तमाम रूप बदल बदल कर माया मोह में भ्रमित कर देने वाली , कंस के हाथों से छूटकर आकाश में बिजली बन कर उड़ जाने वाली, समस्त जगत को भ्रम व योग निद्रा , माया मोह निद्रा के आधीन कर मनचाहा खेल खेलने वाली , मॉं महाकाली , भगवान श्री शंकर महाकाल की अर्धांगिनी एवं पत्नी हैं , भगवान शंकर को संहार का देवता ( सृष्ट‍ि संहार का कार्य जब करना होता है ) की संज्ञा है , तब उनकी यानि अपने पति की इच्छा व कामना के अनुरूप श्री महाकाली यानि योगेश्वरी , यानि मामा भवानी योगमाया , योग निद्रा , चिलाय भवानी चील्हासन देवी , सृष्ट‍ि व प्रकृति के संहार व विनाश का कार्य करती हैं , संपूर्ण प्रकृति व सृष्ट‍ि को प्रलयरत कर नष्ट कर देतीं हैं और प्रलय काल में नृत्य करतीं हैं , सब कुछ नष्ट कर के , समस्त सृष्ट‍ि के संहार के पश्चात केवल मॉं योगनिद्रा , योगमाया , महाकाली ही मात्र शेष रहतीं हैं , वे अपने पति की इच्छा व आज्ञा एवं कामना का पालन इस तरह करती हैं कि समस्त खराब और बुरी , तामसी तत्वात्मक सृष्ट‍ि का प्रलय में लय हो जाता है और विनष्ट होकर सर्वनाश कर वे सभी बुरी व खराब प्रणीमात्र व प्रकृति की समस्त चीजों को पूर्णत: विलय कर समाप्त कर देतीं हैं , केवल मात्र सात्व‍िकी एवं अच्छे व साधु सज्जन व नेक प्राणी , तथा प्रकृति की केवल अच्छी व कल्याणकारी चीजें मात्र ही वे शेष छोड़तीं हैं , उसके पश्चात अपने भाई श्री हरि महाविष्णु से कहती हैं कि जाओ अब केवल सही सत्वगुण शेष है , उनके पालन पोषण का कार्य आप और महालक्ष्मी करिये …. बेहद रोचक …. 52 शक्त‍ि पीठों और दसों महाविद्याओं , नवों दुर्गाओं की मात्र अकेली स्वामिनी , अध‍िष्ठात्री  देेवी …. तोमर राजवंश की कुल देवी , पांडवों की कुल देवी , तीनों लोकों व समस्त ब्रह्माण्ड की पूज्या आराध्या देवी पर ग्वालियर टाइम्स की यह फिल्म प्रस्तुति कई भागों में है …. यह इस फिल्म का परिचयात्मक आडियो अर्थात केवल इंण्ट्रोडक्टरी आडियो रिलीज है , पूरी फिल्म देख कर ही आप तोमर राजवंश की कुलदेवी और देवी के असल कुछ दुर्लभ स्थान व उनके दृश्य एवं चित्र देख पायेंगें … हमारा प्रयास रहेगा कि बीच में इस फिल्म के कुछ भागों को जीवंत करें , और बीच में कुछ फिल्मांकन दृश्य चित्रण करें, इसके लिये हम अच्छे फिल्म कलाकारों व फिल्म व सीरियल कार्य से जुड़े लोगों को तलाश रहे हैं …. मिल गये तो ठीक वरना जैसी फिल्म तैयार है , वैसी आपके सामने प्रस्तुत की जायेगी …. पूरी फिल्म व उसकी कहानी बेहद रोचक एवं और तोमर राजवंश की कुलदेवी के संपूर्ण व समग्र इतिहास को व आज तक की सूरत को … आपके सामने लायेगी … यह इण्ट्रोडक्ट्री आडियो है … फिल्म आगे से भाग दर भाग यानि कई भागों में प्रसारित होगी  …. अत: हर भाग इस फिल्म का देखना न भूलें  …. ग्वालियर टाइम्स की प्रस्तुति ….. फिल्म – ”योगेश्वरी”  – आपका अपना नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”
यू ट्यूब पर हमारा चैनल इस लिंक पर उपलब्ध है , यदि कोई भाग आपसे छूट जाये तो हमारे चैनल पर उस भाग को देख सकते हैं , https://www.youtube.com/channel/UCoQpkHHHw1d113G6y2FN_Jw
Presented By Gwalior Times
http://gwlmadhya.blogspot.in/  ग्वालियर टाइम्स प्रस्तुत करती है http://gwlmadhya.blogspot.in/

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