सबई भूमि गोपाल जी की, भारत पाकिस्तान का बंटवारा अवैध व फर्जी , स्वामित्वहीन सरकार


भारत पाकिस्तान का बंटवारी फर्जी और अवैध , किसी भी सरकार के पास आज तक नहीं है भारत का या अन्य किसी देश का स्वामित्व
केवल कब्जा ही कब्जा है , इन मिसाइलों में केवल धुंआ ही धुंआ बचा है , फयूज कण्डक्टर तो आज तक किसी और के पास हैं
नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” , एडवोकेट , मुरैना , म.प्र.
एक शानदार जानदार व रोचक जानकारी – भारत के आज के संविधान और आज प्रचलित कानून के मुताबिक भी , भारत सरकार और पाकिस्तान , बर्मा, बंगलादेश सहित तमाम देशों सरकारों के पास इन देशों की किसी भी सम्पत्ति‍ , भूमि या अन्य किसी भी भौतिक वस्तु व मानव मात्र पर स्वामित्व नहीं है , महज मात्र एक कब्जाधारी के रूप में अतिक्रामक व केवल कब्जाधारी सरकारें हैं , इनमें से स्वामित्व किसी के पास भी नहीं हैं ।
इसे कुछ यूं समझें , कानून में ( अंग्रेजों का बनाया हुआ जो आज तक देश में चिथड़े लग लग कर चल रहा है) किसी भी संपत्त‍ि , का स्वामित्व एक अलग बात है , एक अलग विषय व तथ्य है, तथा संपत्त‍ि पर स्वामी के बजाय किसी अन्य का कब्जा या अवैध कब्जा होना दूसरी बात है , जिसे कानून नहीं मानता और ऐसे फर्जी व अवैध कब्जाधारी को अवैध व उसके विरूद्ध आपराधि‍क एवं सिविल कार्यवाही की जाती है । यानि स्वामी और अवैध कब्जाधारी , या संपत्त‍ि के स्वामी से भि‍न्न किसी अन्य का कब्जा , एक अतिक्रमण एवं दंडनीय अपराध व सिविल कार्यवाही दोनों ही प्रकार का मामला है ।
अब आते हैं असल बात पर , चलिये जरा पीछे चलें , सन 1947 में 14 अगस्त और 15 अगस्त को , अंग्रेजों ने भारत व पाकिस्तान को सत्ता का हस्तांतरण किया , अब सवाल ये है कि , अंग्रेज सत्ता हस्तांतरण करने वाले कौन , क्या वे इसके लिये अधि‍कृत थे , जी नहीं बिल्कुल नहीं कतई नहीं, अंग्रेज भारत पाकिस्तान की किसी भी संपत्त‍ि या मानव मात्र के स्वामी नहीं थे , उनके पास स्वामित्व नहीं था , में महज जबरन अवैध कब्जा करने वाले मात्र अतिक्रामक थे , मुगल भी महज अवैध कब्जाधारी अतिक्रामक अपराधी थे , कुल मिलाकर भारत या अन्य देशों का स्वामित्व अंग्रेजों या मुगलों के पास नहीं था , उनका किसी ने या भारत या अन्य देश के स्वामित्व धारीयों द्वारा राजतिलक या राज्याभि‍षेक नहीं किया , न उनके गुलाम व नियंत्रणाधीन उनके गुलाम राजाओं व चमचों , व फर्जी राजाओं को इन देशों का असली स्वामित्व धारी कभी स्वामित्व का हस्तांतरण किया गया ।
एक फर्जी व अवैध कब्जाधारी अतिक्रामक अपराधी कभी भी जो कि स्वयं ही स्वामित्व नहीं रखता , किसी को भी स्वामित्व का या सत्ता का हस्तांतरण या कब्जा नहीं दे सकता या कर सकता ।
भारत सहित अन्य देशों को आज तक इन देशों की सरकारों को , इन देशों के असली स्वामी द्वारा आज दिनांक तक स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं किया गया ।
केवल फर्जी व अवैध कब्जाधारीयों द्वारा , एक अन्य को कब्जा हस्तांतरण मात्र हुआ , यानि घर में घुस बैठे गुंडों द्वारा किसी घर पर कब्जा किया गया और दूसरे गुण्डों को कब्जा सौंपकर आगे निकल गये , संपत्त‍ि का स्वामी बेचारा शान्त अलग बैठा , गुण्डों द्वारा उसकी संपत्त‍ि व घर से बेदखल किया गया , मजदूरी , खेती किसानी कर रहा है । उसने तो स्वामित्व आज तक किसी को कभी दिया ही नहीं ।
कुल मिलाकर निष्कर्ष यह निकला कि भारत सहित अन्य देशों की सरकारों ने एक अवैध कब्जाधारी जबरन घर में आ घुसे गुण्डे से , दूसरे गुण्डे की तरह कब्जा मात्र हस्तांतरित किया है , इनमें से किसी के पास स्वामित्व आज तक नहीं है , न असल स्वामी द्वारा इन्हें स्वामित्व हस्तांरित किया गया ।
इस बिना पर और इस ठोस तर्क के आधार पर एक अवैध कब्जाधारी चाहे वह ( आज पुकारी जाने वाली सो कॉल्ड सरकार ही क्यों न हो) स्वामित्वहीन महज एक अवैध कब्जाधारी है , उसे न संविधान बनाने के , न कानून बनाने के और न देश चलाने के अख्त्यारात हासिल हैं । अवैध कब्जाधारीयों को किसी भी प्रकार के अख्त्यारात हासिल नहीं होते, इसी तर्क व आधार के प्रकाश में एकदम साफ व स्पष्ट है कि भारत के संविधान की धारा 370 अवैध व फर्जी है, इसके अलावा बल्लभभाई पटेल द्वारा जितनी भी अंग्रेजों की गुलाम व चमचों की सो कॉल्ड रियासतों या अंग्रेजों के गुलाम राजाओं से किये गये भारत संघ में विलय संबंधी सारे मर्जर एग्रीमेण्ट फर्जी व जाली हैं , और ये सभी अवैध कब्जाधारी थे न कि असल स्वामी, और अवैध कब्जाधारी किसी प्रकार का मर्जर एग्रीमेण्ट या स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं कर सकते , केवल गुण्डा अपना अवैध कब्जा , दूसरे गुण्डे को कब्जा हस्तांतरण कर सकता है , और सारे के सारे मर्जर एग्रीमेण्ट स्वामित्व विहीन , केवल कब्जा का हस्तांतरण मात्र हैं ।
पाकिस्तान का स्वामित्व भारत के पास था , पाकिस्तान का कब्जा किसी को भी न तो अंग्रेज दे सकते थे न कोई और , क्योंकि दरअसल सन 1947 में स्वामित्व का हस्तातरण हुआ ही नहीं था , अंग्रेज भारत के स्वामी नहीं थे , इसलिये स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं कर सकते थे , केवल कब्जा हस्तातंरण कर सकते थे , सो किया , न भारत का स्वामित्व आज तक और न पाकिस्तान का या अन्य किसी भी देश का स्वामित्व इनमें से किसी भी सरकार के पास है और न कब्जे के कानूनी अधि‍कार हासिल हैं ,न सरकार चलाने के, और न किसी सम्पत्त‍ि या देश या भूमि का बंटवारा आदि करने के ।
नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” , एडवोकेट , मुरैना , म.प्र.

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