भारत फिल्म आश्चर्यजनक रूप से सुपर डुपर हिट हुई , केवल दो दिन में विश्व भर में रिसर्च प्रोजेक्ट भी बनी और 2 करोड़ 44 लाख प्रसारण हुये


यह अत्यंत आश्चर्य का विषय है कि , हम फिल्म योगेश्वरी के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे , लेकिन अचानक बीच में ही फिल्म ” भारत ” भी साथ में बनाने और प्रसारण का आइडिया आया , और बस यूं ही एक फौरी तौर पर बहुत हल्की सी मात्र 26 मिनअ की छोटी सी फिल्म ” भारत के असल इतिहास व असल परिचय पर यू ट्यूब पर अपलोड कर दी । हालांकि अभी न तो फिल्म योगेश्वरी और न फिल्म भारत , ग्वालियर टाइम्स की नेटवर्क पर रिलीज हुई हैं , यानि कि ग्वालियर टाइम्स की खुद की समग्र व संपूर्ण नेटवर्क करीब 33.3 करोड़ लोगों की है, अर्थात आज तक दोनों में से एक भी फिल्म अभी ग्वालियर टाइम्स की खुद की नेटवर्क पर रिलीज नहीं हुई है । केवल मात्र यू ट्यूब अपलोड से ही हमारे विश्व भर में फैले चैनल पार्टनरों और हमारे खुद के चैनल पार्टनर यू ट्यूब को ”भारत” फिल्म इतनी पसन्द आई कि उन्होंनें खुद ही फिल्म को न केवल फैला का सारे विश्व में प्रसारण कर दिया , बल्क‍ि उसे हिस्ओरिकल व सांइंटिफिक रिसर्च का सर्वाधिक उपयोगी व महत्वपूर्ण दस्तावेजी अभ‍िलेख लेकर रिसर्च प्रोजेक्ट बना दिया , हमारे पास आई विश्व की बहुत बड़ी रिसर्च व प्रसारण , पकाशक हस्त‍ियों की प्रतिक्रियाओं में अनुरोध किया गया है , कि हम इस विषय पर यानि ” भारत” फिल्म को आगे बढ़ायें और फिल्म भारत का अगला भाग एवं उससे आगे के और कई भाग जारी करें । जबकि वास्तविकता यह है कि , हमने मात्र उतना अंश ही फिल्म भारत बना कर बस यूं ही यू ट्यूब पर अपने चैनल पर डाल दिया था ।
खैर जब बात समूचे विश्व से और बहुत बड़ी रिसर्च प्रोजेक्ट के रूप में आई है , तो अवश्य ही अब फिल्म ”भारत” के अगले भाग भी बनायेंगें और यू ट्यूब पर अपलोड करने के साथ ही उन्हें तथा पीछे डाले गये भाग भी ग्वालियर टाइम्स की नेटवर्क पर रिलीज व प्रसारित करेंगें ।
इस विवरण के साथ यह मजेदार व रोचक , इतिहास बदल देने वाली फिल्म यू ट्यूब पर अपलोड की गई थी , विश्व ने इसे ही सही माना , तथा इसके साथ ही , हड्प्पा , सिंधुघाटी जैसी फर्जी इतिहास की किताबें व सारी बातें समूचे विश्व स्तर पर फर्जी स्वीकार व मान्य कर अमान्य व अस्वीकृत कर दी गईं । बल्क‍ि सतयुग, त्रेता , द्वापर , कलयुग का सिद्धांत ही सर्वमान्य हुआ । उल्लेखनीय है कि फिल्म योगेश्वरी और फिल्म भारत में हीाौतिक साक्ष्यों के वीडियो भी दिखाये गये थे , आज फिर फिल्म भारत हम यहॉं ब्राडकास्ट कर रहे हैं , आप भी देख लीजिये कि विश्व ने अंतत: भारत को ही अपना विश्व गुरू कैसे स्वीकार किया और एडम व हव्वा या आदम हव्वा तथा हड्प्पा , सिंधुघाटी की तथाकथ‍ित फर्जी सभ्यताओं को क्यों अमान्य व अस्वीकार किया गया । और क्यों श्री कृष्ण व महाभारत का सिद्धांत सर्वमान्य व स्वीकार हुआ ।
भारत की एक असल खोज ( भारत का महाभारत) एक विश्व सल्तनत ग्वालियर टाइम्स द्वारा फिल्म – ”भारत ” की विश्वस्तरीय रिलीज व टेलीकास्ट जारी की
कौन है भारत, किसका नाम है भारत , क्यों कहते हैं हमारे देश को भारत , भारत पिताजी का नाम है या हमारी माता जी का, क्या है वंदे मातरम् का असली अर्थ , क्यों नहीं बोलना चाहिये ” भारत माता की जय” , कहॉं है दिव्य भारत , महाभारत क्या है , जानिये विश्व के सबसे प्राचीनतम किले और उसके असल निर्माताओं के बारे में पहली बार भारत का असल इतिहास , विश्व के सबसे प्राचीनतम सनातन धर्म के ग्रंथ ” श्री महाभारत ” से , क्यों श्री कृष्ण ने श्रीमद भगवद्गीता में अर्जुन को बार बार ” भारत” कहकर पुकारा और कहा कि ” यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत …. हे भारत ( अर्जुन) , जब जब धर्म की हानि होती है , क्यों अर्जुन के वंशजों को अर्थात तोमर राजवंश को भारत कहते हैं । जानिये सारे रहस्यों का खुलासा इस फिल्म में , जानिये कि स्वामी विवेकानंद ने क्या कहा है भारत के बारे में और अंग्रेजों के बारे में , सारे रहस्य खोलती एक फिल्म ”भारत” ग्वालियर टाइम्स की दमदार, जानदार व शानदार प्रसारण प्रस्तुति , देवपुत्र फिल्म्स प्रायवेट लिमिटेड का निर्माण – स्वर व उच्चारण – नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”
यह फिल्म यू टयूब पर विश्व स्तर पर प्रकाशन एवं प्रसारण की जा चुकी है , आप इसे निम्न लिंक पर क्ल‍िक करके देख सकते हैं

 

फिल्म ”योगेश्वरी का पहला भाग , ग्वालियर टाइम्स ने विश्वस्तर पर रिलीज व टेलीकास्ट जारी किया


फिल्म ” योगेश्वरी ” का पहला भाग का विश्वव्यापी प्रसारण , फिल्म की इण्ट्रोडक्ट्री प्रसारित की जा चुकी है , इस फिल्म के खास भाग ” ताजमहल तोमर राजवंश का शिव मंदिर पूरी कथा व कहानी , इंद्रप्रस्थ यानि दिल्ली का पुराना किला और उसकी पूरी कहानी
ग्वालियर टाइम्स । 18 मई 2016 , ग्वालियर टाइम्स द्वारा प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय महत्व की एवं राष्ट्रीय महत्व की ( यूनिसेफ द्वारा सूचीबद्ध एवं शासकीय मान्यता प्राप्त तथा भारत सरकार के एन.जी.ओ. पोर्टल पर उपलब्ध , ( ”वॉयस ऑफ भारत” में संस्था के नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” की आवाज सेम्पल राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में सूरक्षित होने का सम्मान प्राप्त ), मुरैना मेला प्रदर्शनी में सन 1993- 94 में प्रदर्शनी का प्रथम पुरूस्कार व सम्मान प्राप्त स्वयंसेवी संस्था ”नेशनल नोबल यूथ अकादमी” तथा ”देवपुत्र फिल्म्स, एडवर्टाइजिंग एंड सीरियल्स निर्माण ” कंपनी        (देवपुत्र प्रायवेट लिमिटेड ग्रुप ऑफ कम्पनीज की एक सब्स‍िडियरीज कंपनी – रजिस्टर्उ अंडर कंपनीज एक्ट – 1956) के तहत निर्माण की गयी फिल्म सतयुग, त्रेता काल , द्वापर काल से लेकर कलयुग में आज दिनांक तक , ” योगेश्वरी” के नाम से निर्मित फिल्म का प्रसारण इसी हफ्ते से विश्व स्तर पर शुरू किया जायेगा , इस हफ्ते पहला भाग दिखाया जायेगा , फिल्म के पहले भाग में महाभारत के पराक्रमी योद्धा अर्जुन की मॉं कुन्ती के मातृ निवास राज्य ”कुंतलपुर की पहली फिल्म दिखाई जायेगी , जिसमें योगेश्वरी के कुतलपुर में हरसिद्धि के रूप में विराजित होने और महाभारत के मैदान में पांडवों को विजय दिलाने की फिल्म व कहानी दिखाई जायेगी । फिल्म के दूसरे भाग में भी यह कहानी व यह फिल्म जारी रहेगी, फिल्म के तीसरे भाग में कुतलपुर के ही ”कुंती के शंकर जी की मंदिर , दुर्वासा मुनि की तप स्थली, एवं वह स्थल जहॉं आसन नदी में सूर्य का रथ एवं घोड़े उतरे , कर्ण का जन्म हुआ, कर्णखार से लेकर उस स्थल पर की विस्तृत फिल्म …. इसी प्रकार यह फिल्म योगेश्वरी अपनी पूर्ण कथा के साथ आगे बढ़ते , ग्वालियर किले के मंदिरों, मितावली के चौंसठ योगनी मंदिर, बटेसुरा के मंदिरों व पढ़ावली मंदिरों के रहस्यों , ककनमठ के मंदिर, पांडवों के राजवंश में देवीयों और अप्सराओं का पत्नी के रूप में रहना व वंश संचालन, देवी का का विध्यवासिनी के रूप में नाम व धाम , 52 शक्त‍ि पीठों , भैरव – भैरवियों , योगीयों – योगनियों , यक्ष – यक्षणियों, भूत प्रेत , शाकिनी डाकिनी , देवी के भेदों , देवी रहस्यों , दस महाविद्या भेद , स्त्री भेदों , स्त्रीयों में यक्षणीयों , योगनियों , आदि विभ‍िन्न स्वरूपों से गुजरती हुई , ऐसाह गढ़ी , दिल्लीपति महाभारत सम्राट महाराजा अनंगपाल सिंह तोमर द्वारा निर्मित मंदिर भगेसुरी ( भगेश्वरी) , भवेसुरी ( भवेश्वरी) , ऐसाहगढ़ी में कामाख्या के रूप में चम्बल नदी का स्वरूप धारण कर भगेसुरी माता के सेटेलाइट चित्र , दिल्ली में इंद्रप्रस्थ के किले में पांडवों द्वारा बनवाये गये योगमाया , योगमाता मंदिर, से लेकर वर्तमान में माता बीजासेन तक की कहानी व मंदिर फिल्म में दिखायें जायेंगें । इस बीच में इस फिल्म ”योगेश्वरी” के प्रसारण के दौरान , बीच बीच में अन्य सामायिक व सामाजिक फिल्में या शासकीय ब्राडकास्टेड व टेलीकास्टेड फिल्मों का प्रसारण जारी रहेगा । अत: फिल्म ‘ योगेश्वरी” के बीच बीच में , अन्य फिल्में भी प्रसारित होंगीं । फिल्म योगेश्वरी की आधी शूटिंग पूर्ण हो चुकी है और पहला भाग एडिटिंग की प्रक्रिया से गुजर रहा है , फिल्म एच.डी. कैमरे से शूट की गयी है , फिल्म की कैमरा सांचालन टीम व छायांकन व फिल्मांकन ” मुरैना के विख्यात कैमरामैन ”अजय सोनी” और दीपक राजौरिया ने किया है , डायरेक्शन स्क्रिप्ट आदि नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द एवं विनोद दुबे ने किया है
अगली फिल्म की तैयारी – ग्वालियर टाइम्स द्वारा इसके साथ ही अगली फिल्म बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है – फिल्म का नाम होगा ” ….. ” यह फिल्म भारत की आखरी विश्व सत्ता पर आधारित होगी और मक्का मदीना का असल रहस्य व असल कथा , असल इतिहास व असल कहानी , अजमेर की दरगाह का रहस्य सहित अरब में तोमर राजपूतों की सत्ता के साक्ष्य , भगवान जगन्नाथ का मंदिर और उसकी ध्वज पताका का रहस्य, इसमें कई राजवंशों के व राजपूतों के असल भेद, वंश व उनके राज्य क्षेत्र उजागर किये जायेंगें , दोनों ही फिल्में भारत के असल व सनातन प्राचीन ग्रंथों , शास्त्रों एवं वंशावलियों पर आधारित हैं । जो लोग हमारी इस प्रोजेक्ट टीम में किसी भी रूप में जुड़ना चाहें वे हमसे नीचे दिये चित्र में पतों पर संपर्क कर सकते हैं । फायनेन्सरों एवं फिल्म लाइन के अनुभवियों , आदि काल से लिख रहे परंपरागत वंशावली लेखकों , प्राचीन ग्रंथों व शास्त्रों के विशेषज्ञों , का सुस्वागतम है , इतिहासकारों का प्राचीन ग्रंथों , शास्त्रों, वंशावलियों के मुताबिक इतिहास लेखकों का स्वागत है , किसी भी फर्जी इतिहास लेखक , या काल्पनिक मनगढन्त इतिहास लिखने वाले कृपया भूलकर भी हमसे संपर्क न करें , तदनुसार फर्जी राजा , महाराजा , मुगलों एवं अंग्रेजों के गुलाम व दास तथाकथ‍ित राजा महाराजा , गवर्नर , लाट साहब , पटेल , राव साहब , राय साहब ऐसे लोग जिन्हें भारत के इतिहास , ग्रंथ , शास्त्र एवं वंशावलियां मान्यता नहीं देते एवं उनका अनुसमर्थन नहीं करते , या वर्ष सन 1193 – 1194 के बाद के अचानक बने काल्पनिक राजा महाराजा कृपया कतई संपर्क नहीं करें , चूंकि फिल्में पूर्णत: शत प्रतिशत शुद्ध विशुद्ध भारत के इतिहास , ग्रंथों एवं शास्त्रों पर आधारित हैं अत: अशुद्धता, काल्पनिकता या मनगढन्तता के लिये इनमें कोई स्थान नहीं है । ” ये फिल्में ”जो है सो है , जो जैसा है सो जैसा और वैसा है” पर आधारित हैं एवं इनमें सभी कुछ यथावत रखा जा रहा है । हम उम्मीद करते हैं कि आप हमारी , भारत की भावना को पूर्णत: समझेंगें और उसका सम्मान करेंगें । कल के सम्राटों के वंशज आज भले ही खेत जोत रहे या मजदूरी कर रहे गरीब और भुखमरी में जी रहे हों , हमारी फिल्में उनके उस भव्य इतिहास और उन्हें किसने व कैसे लूटा , कैसे गरीब बनाया , कैसे भुखमरी में धकेला , इस अंाम तक यानि भारत की आज की कहानी तक चल कर आयेंगीं , इसलिये हमने इनको दो अलग अलग फिल्मों में बनाना सुनिश्च‍ित किया है ।
– नरेन्द्र सिंह तोमर ” आनन्द”

Yogeshwari A Film By Gwalior Times – Introductory फिल्म योगेश्वरी


ग्वालियर टाइम्स प्रस्तुत करती है पहली बार फिल्म ” योगेश्वरी”….  चन्द्रवंशीय तोमर राजवंश ( पांडव राजवंश ) की तीनों लोक , समस्त ब्रह्माण्ड की कुलदेवी पर पहली बार पूरी समग्र जानकारी और संपूर्ण इतिहास व सारी कथा ( भारत के सनातन धर्म के प्राचीन ग्रंथों एवं शास्त्रों से तथा उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों से ) , तोमर राजवंश की कुलदेवी योगमाया , चिलाय माता भवानी , चील्हासन भवानी, भगेसुरी , हरसिद्धि ( कुंतलपुर ) , विध्यवासिनी , कौश‍िकी , ब्रह्मचारणी, कामाख्या आदि अनेक रूपों व नामों से विख्यात दरअसल मूल स्वरूप में दस महाविद्याओं में से एक मूल व प्रथम महाविद्या मॉं महाकाली हैं , जो पाताल में योगनिद्रा में लीन श्री हरि भगवान महाविष्णु की बहिन , उनकी आज्ञानुसार व इच्छानुसार कर्तव्य कर्म करने वाली भगवान श्री महादेव शंकर की असल व मूल पत्नी , इन्द्र एवं भगवान श्रीकृष्ण की बहिन , प्रत्येक प्राणीमात्र को तमाम रूप बदल बदल कर माया मोह में भ्रमित कर देने वाली , कंस के हाथों से छूटकर आकाश में बिजली बन कर उड़ जाने वाली, समस्त जगत को भ्रम व योग निद्रा , माया मोह निद्रा के आधीन कर मनचाहा खेल खेलने वाली , मॉं महाकाली , भगवान श्री शंकर महाकाल की अर्धांगिनी एवं पत्नी हैं , भगवान शंकर को संहार का देवता ( सृष्ट‍ि संहार का कार्य जब करना होता है ) की संज्ञा है , तब उनकी यानि अपने पति की इच्छा व कामना के अनुरूप श्री महाकाली यानि योगेश्वरी , यानि मामा भवानी योगमाया , योग निद्रा , चिलाय भवानी चील्हासन देवी , सृष्ट‍ि व प्रकृति के संहार व विनाश का कार्य करती हैं , संपूर्ण प्रकृति व सृष्ट‍ि को प्रलयरत कर नष्ट कर देतीं हैं और प्रलय काल में नृत्य करतीं हैं , सब कुछ नष्ट कर के , समस्त सृष्ट‍ि के संहार के पश्चात केवल मॉं योगनिद्रा , योगमाया , महाकाली ही मात्र शेष रहतीं हैं , वे अपने पति की इच्छा व आज्ञा एवं कामना का पालन इस तरह करती हैं कि समस्त खराब और बुरी , तामसी तत्वात्मक सृष्ट‍ि का प्रलय में लय हो जाता है और विनष्ट होकर सर्वनाश कर वे सभी बुरी व खराब प्रणीमात्र व प्रकृति की समस्त चीजों को पूर्णत: विलय कर समाप्त कर देतीं हैं , केवल मात्र सात्व‍िकी एवं अच्छे व साधु सज्जन व नेक प्राणी , तथा प्रकृति की केवल अच्छी व कल्याणकारी चीजें मात्र ही वे शेष छोड़तीं हैं , उसके पश्चात अपने भाई श्री हरि महाविष्णु से कहती हैं कि जाओ अब केवल सही सत्वगुण शेष है , उनके पालन पोषण का कार्य आप और महालक्ष्मी करिये …. बेहद रोचक …. 52 शक्त‍ि पीठों और दसों महाविद्याओं , नवों दुर्गाओं की मात्र अकेली स्वामिनी , अध‍िष्ठात्री  देेवी …. तोमर राजवंश की कुल देवी , पांडवों की कुल देवी , तीनों लोकों व समस्त ब्रह्माण्ड की पूज्या आराध्या देवी पर ग्वालियर टाइम्स की यह फिल्म प्रस्तुति कई भागों में है …. यह इस फिल्म का परिचयात्मक आडियो अर्थात केवल इंण्ट्रोडक्टरी आडियो रिलीज है , पूरी फिल्म देख कर ही आप तोमर राजवंश की कुलदेवी और देवी के असल कुछ दुर्लभ स्थान व उनके दृश्य एवं चित्र देख पायेंगें … हमारा प्रयास रहेगा कि बीच में इस फिल्म के कुछ भागों को जीवंत करें , और बीच में कुछ फिल्मांकन दृश्य चित्रण करें, इसके लिये हम अच्छे फिल्म कलाकारों व फिल्म व सीरियल कार्य से जुड़े लोगों को तलाश रहे हैं …. मिल गये तो ठीक वरना जैसी फिल्म तैयार है , वैसी आपके सामने प्रस्तुत की जायेगी …. पूरी फिल्म व उसकी कहानी बेहद रोचक एवं और तोमर राजवंश की कुलदेवी के संपूर्ण व समग्र इतिहास को व आज तक की सूरत को … आपके सामने लायेगी … यह इण्ट्रोडक्ट्री आडियो है … फिल्म आगे से भाग दर भाग यानि कई भागों में प्रसारित होगी  …. अत: हर भाग इस फिल्म का देखना न भूलें  …. ग्वालियर टाइम्स की प्रस्तुति ….. फिल्म – ”योगेश्वरी”  – आपका अपना नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”
यू ट्यूब पर हमारा चैनल इस लिंक पर उपलब्ध है , यदि कोई भाग आपसे छूट जाये तो हमारे चैनल पर उस भाग को देख सकते हैं , https://www.youtube.com/channel/UCoQpkHHHw1d113G6y2FN_Jw
Presented By Gwalior Times
http://gwlmadhya.blogspot.in/  ग्वालियर टाइम्स प्रस्तुत करती है http://gwlmadhya.blogspot.in/

मुरैना वासी- रोज जहर पी रहे हैं लोग , महादेव नीलकंठ के बराब जहर पी चुके 69 साल में


पानीपत युद्ध में महाराजा विक्रमादित्य सिंह तोमर का शहादत दिवस आज


पानीपत के प्रथम युद्ध के वीरता पूर्वक लड़ते हुये युद्ध के मैदान में वीरगति पाकर मुगल बाबर से युद्ध करते हुये ग्वालियर सम्राट महाराजा विक्रमादित्य सिंह तोमर एवं 16 हजार राजपूत वीर योद्धाओं की शौर्य व पराक्रमशाली शहादत को गौरवपूर्ण सादर नमन व प्रणाम
तोमर राजवंश , तोमर राजपरिवार एवं समस्त तोमर राजपूत तथा भारत के समस्त क्षत्रिय व राजपूत
( क्षमा करें , हमें यह दुखद खेद है कि मुरैना में कल से पूरे दिन व आज लगातार बिजली कटौती के चलते , शहीदों की यह गौरवशाली व सादर नमन प्रणाम की पोस्ट डालने में , व्यापम व आरक्षण की औलादों , जातिवादीयों व महाभ्रष्टों गुलामों व वर्णसंकरों की हरकतों के कारण विलंब हुआ )

Vikramaditya Paneepat

अब फेसबुक के जरिये हर चीज व हर सेवा खरीदिये बेचिये , फेसबुक बना ई व्यापार और ऑनलाइन खरीदी बिक्री का सबसे बड़ा माध्यम


लक्ष्मी तंत्रम 4

अब फेसबुक के जरिये हर चीज व हर सेवा खरीदिये बेचिये , फेसबुक बना ई व्यापार और ऑनलाइन खरीदी बिक्री का सबसे बड़ा माध्यम
– नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”
व्हाटस एप्प द्वारा एण्ड टू एण्ड सिक्योरिटी देने के बाद , सारी सामग्री एनक्रिप्शन कर देने के बाद अब जहॉं खुद व्हाटस एपप कंपनी भी किसी के द्वारा किसी को या किसी ग्रुप के सदस्य न होते हुये उस सामग्री को पढ़ नहीं सकती , वहीं अब पुलिस व साइबर सेल की पकड़ से भी व्हाटस एप्प बाहर निकल गया है , इसके साथ ही व्हाटस एप्प अकाउंट हैक करने वालों और दूसरे के मोबाइल नंबर से अकाउण्ट ऑपरेट करने वालों और हैकिंग की जद से भी व्हाटस एप्प बाहर निकल गया है । कंपनी द्वारा इसके लिये व्हाटस एप्प एप्लीकेशन के लिये अपडेटस विगत सप्ताह मंगलवार को जारी कर , मंगलवार से ही यह सुविधा लागू कर दी गयी थी ।
फेसबुक ने भी अपनी सिक्योरिटी बढ़ाते हुये , डाटा एन्क्र‍िप्शन के साथ ही ई व्यापार और ऑन लाइन खरीदी बिक्री की बहुत बड़ी अंतर्राष्ट्रीय सेवा शुरू की है , अब पूरे विश्व में कहीं से भी कुछ भी फेसबुक के जरिये खरीद और बेच सकते हैं ।
फेसबुक पर कुछ खरीदने बेचने के लिये , ई व्यापार या ऑनलाइन खरीदी बिक्री के लिये आपको फेसबुक की निम्न लिंकों पर जाकर , निम्न खरीदी बिक्री समूहों का सदस्य बनना होगा , इसके साथ ही आप अपने घर से बैठकर ही या अपने मोबाइल फोन के जरिये ही जो कुछ भी आपके पास बेचने के लिये या खरीदने के लिये हो , खरीद बेच सकते हैं , यहॉं तक कि पूरे विश्व में जहॉं भी जो कुछ सस्ता , अच्छा या दुर्लभ से दुर्लभ चीज या वस्तु या सेवा उपलब्ध करा सकते हैं या बेच सकते हैं या खरीद सकते हैं ।
फेसबुक के इन खरीद बिक्री समूहों के लिये निम्न में से किसी भी समूह को दोनों समूहों को ज्वाइन कर लें , इसके बाद आपके लिये फेसबुक पर खरीदने एवं बिक्री करने का  आप्शन खुद ब खुद खुल जायेगा , और पैसे सीधे आपके बैंक खाते में पहुँचने लगेंगें ।
http://www.facebook.com/groups/Gwaliorsale/
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http://www.facebook.com/groups/evaapar/

Narendra Singh Tomar ” Anand”

जब दिल में उल्फत हो , दूर दूर तक ना नफरत हो , तब होती है ऐसी यारी रिश्तेदारी


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जब दिल में उल्फत हो , दूर दूर तक ना नफरत हो , तब होती है ऐसी यारी रिश्तेदारी
And Something Special for You. This Holi Special . The Super Popular Baaghi Sardar of Chambal Late. Madho Singh ( Madho Singh – Mohar Singh Giroh) Son, Mr. Sahdev Singh Bhadoriya Playing Holi with Me. … A super Shot at my House. होली विशेष : चम्बल के मशहूर बागी सरदार स्व. माधौ सिंह ( माधौ सिंह – मोहर सिंह गिरोह) के बागी सरदार स्व. माधौ सिंह के सुपुत्र श्री सहदेव सिंह भदौरिया के साथ अबकी बार खेली गई हमारी होली का एक सुपर चित्र – यूं कि ये रंग रोगन सहदेव सिंह को हमीं ने पोता है .. जरा दिल से , जरा तबियत से – नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” , मुरैना म.प्र.

 

मशहूर फिल्म अभि‍नेत्री आभा परमार ने लाइक कीं कई पोस्ट नरेन्द्र सिंह तामर ”आनन्द” की


मशहूर फिल्म अभि‍नेत्री आभा परमार ने लाइक कीं कई पोस्ट नरेन्द्र सिंह तामर ”आनन्द” की
ग्वालियर टाइम्स , 14 मार्च 2016 , ग्वालियर की मूलत: निवासी और ख्याति नाम मशहूर फिल्म अभि‍नेत्री आभा परमार ने आज फेसबुक के ग्रुप चम्बलघाटी में नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” की कई पोस्ट और वीडियो , एक साथ लाइक किये , जिसमें उनका महाभारत योद्धा अर्जुन के वंशज होने एवं आरक्षण पर जारी वीडियो भी शामिल है ।
उल्लेखनीय है कि मूलत: ग्वालियर की निवासी आभा परमार अनेक बड़े बैनर की फिल्मों जिसमें अमिताभ बच्चन की मशहूर फिल्म ”मैं आजाद हूँ ” तथा अन्य अनेक बड़े हीरोज की फिल्में शामिल हैं , में काम कर चुकीं हैं , इसके साथ ही वर्षों से वे टी.वी. की मशहूर एक्ट्रेस भी हैं , और उनके तमाम सीरियल दूरदर्शन सहित तमाम चैनलों पर आ चुके हैं जिसमें बंगाली पृष्ठभूमि पर प्रसिद्ध सीरियल , चन्द्रकान्ता , सहित सैकड़ों टी.वी. सीरियल शामिल हैं , दोपहर में दूरदर्शन पर दिखाये जाने वाले ”घण्टा प्रसाद , घण्टा वाले” में भी एक प्रमुख में नजर आईं ।
यह भी स्मरणीय है कि आभा परमार और नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” न केवल एक साथ ही एक ही स्कूल में ग्वालियर में पढ़े हैं और केवल एक कक्षा जूनियर व सीनियर रहे हैं , बल्क‍ि ग्वालियर में आकाशवाणी ग्वालियर से कई सुपर हिट कार्यक्रम भी साथ साथ दे चुके हैं , अनेक ड्रामा व नाटकों में साथ साथ काम कर चुके हैं । एक्टिंग के अनेक मैडल्स भी साथ साथ जीत चुके हैं , आभा परमार और नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” दोनों एक दूसरे के स्कूल के समय से फेन रहे हैं , आभा परमार ग्वालियर से लेकर बंबई और मुंबई तक का लंबा सफर तय करके अभि‍नय की दुनियां की , फिल्मी व टी.वी. पर्दे की आज बहुत बड़ी स्टार हैं , जबकि नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” वहीं अपने ग्वालियर चम्बल में जहॉं की तहॉं जमे और डटे हैं ।
आभा परमार की फेसबुक के चम्बलघाटी ग्रुप में ढेर सारी लाइकिंग से प्रसन्न नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” ने केवल इतना कहा कि , जब हम आमने सामने कभी मिलेंगें , सही आनंद तो उस दिन आयेगा , लेकिन आभा ने अपनी व्यस्तता में से समय निकाल कर भी फेसबुक पर न केवल हमें जमकर पढ़ा वरन फिल्म दुनियां के नामी गिरामी हस्त‍ियों , हीरोज व हीरोइन को भी लगातार हमारी इसी तारतम्य में रखा और चंबल पर पान सिंह तोमर पर बरसों पहले लिखी हमारी एक आलेखनुमा स्टोरी पर पूरी फिल्म ”पान सिंह तोमर” ही बनवा दी , इसके लिये हम आभा के कृतज्ञ व आभारी हैं । आभा ने बंबई में ग्वालियर और चम्बल को जिन्दा रखा , यहॉं की भाषा व संस्कृति को जिन्दा रखा , यह हमारे लिये फख्र की बात है ।

Abha Parmar

हमें लौटना होगा दोबारा पुरानी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर – नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”


हमें लौटना होगा दोबारा पुरानी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर
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– नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द”
काफी चिन्तन के बाद एक निष्कर्ष तो लगभग तय है कि तथा कथि‍त अर्थशास्त्रीयों द्वारा तय की गई आधुनिक व आज की भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है , यद्यपि अर्थव्यवस्था के भूमंडलीकरण ( ग्लोबलाइजेशन) और रूपये का प्रसार व फैलाव बढ़ाना तो ठीक बात है लेकिन इसके कारण बढ़ती मुद्रा स्फीति का बेलगाम होना और देश भर में मंहगाई का सुरसा के मुँह की तरह फैलना बेशक ही सोचनीय व चिन्तनीय बात है और इस जगह आकर ही आप साबित कर देते हैं कि भारत की प्राचीन ग्रामीण अर्थव्यवस्था संबंधी प्रणाली बेहद पुख्ता और सुदृढ़ रही है जिसमें मुख्य विनिमय आधार पारस्परिक सेवा विनिमय या वस्तु विनिमय रहा है और बीच में ”रूपया” जैसे माध्यम के लिये बहुत ही संकीर्ण और लगभग ” ना” के बराबर स्थान रहा है । जब से अर्थव्यस्था के सुदृढ़ीकरण के नाम पर बीच में माध्यम यानि ”रूपया” डाला गया है, तब से बेशक ही तथाकथि‍त विदेशों में जाकर पढ़ लिख कर समय व धन बर्बाद करके आये अर्थशास्त्री देश के लिये या भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये स्वत: ही अपरिचित , अन्जाने एवं अप्रासंगिक हो गये और उनके लिये यह भारत देश एक अर्थशास्त्र के प्रयोगों को करने की प्रयोगशाला मात्र बनकर रह गया । प्रयोगधर्मिता व ”विकासशील” के नाम पर किये गये सारे ही प्रयोग भारत के ढांचे के अनुसार असफल और विनाशकारी ही सिद्ध हुये , हमने मुद्रास्फीति बढ़ाकर हमेशा सोचा कि हम विकास दर बढ़ा कर आगे जा रहे विकासशील देश हैं और कभी सोचा कि हम मुद्रास्फीति घटा कर विकास दर बढ़ा रहे हैं , आदमी की या साधारण आदमी की क्रय शक्त‍ि घटाते बढ़ाते रहने के फार्मूले में हमने इतने कीमती वर्ष गंवा दिये और आज हम अपने देश को गंवा देने और विदेशी धन के देश में विनियोग की या किसी भीख मांगते भि‍खारी की तरह दयनीय हालत में पहुँच चुके हैं । आज प्रदेशों व राज्यों की हालत बहुत नाजुक एवं खस्ता है , वे किसी अमीर उद्योगपति या औद्योगिक घरानों के तलुये चाट चाट कर पूरा राज्य लाल कारपेट बिछा कर उसे बदले में देने को तैयार हैं भले ही विधि‍ की सत्ता की यह अवधारणा हो कि ”राज्य जनता व वहॉं रहे प्रत्येक प्राणी की अमूल्य निधि‍ व संपत्त‍ि है, लेकिन राजनेताओं को विधि‍ की सत्ता की इस अवधारणा से कुछ लेना देना नहीं , वे अपने बाप का माल समझ कर पूरे प्रदेश को जैसे चाहे जिसे चाहे , जब चाहें सौंप देते हैं , इसके लिये उन्हें लगता है कि जनता ने उन्हें 5 साल के लिये खुद को और खुद की सारी निधि‍यों व संपत्त‍ि को ( जिसमें जनता की सामूहिक व निजी व्यक्त‍िगत प्रतिष्ठा एवं सम्मान भी शामिल है) किसी को भी सौंप देने का लायसेन्स दे दिया है और वे सब कुछ कर सकते हैं । उनकी अज्ञानता , अनुभवहीनता व विशेषज्ञता हीनता उन्हें स्वयं कुछ सोचने समझने विचारने की शक्त‍ि से विहीन करके उन्हे किराये के टट्टू सुझाव देने वाले सलाहकार या किसी अन्य बैसाखी लगा कर चलने वाले पंगु व मतिहीन की तरह बाध्य कर देती है । लिहाजा पहले तो इसका उसका परामर्शदाता , सलाहकार सुझाव मंडल , परामर्शदाता मंडल चाहिये , यानि कि आपके पास स्वयं का दिमाग नहीं और ऊपर से आप चीख चीख कर साबित करते हैं कि आपके आसपास खड़ी करोड़ों कर्मचारीयों और अफसरों से भरी पड़ी , सातवें वेतनमान ( जनसंपत्ति‍ ) से पल पोस कर बढ़ रही पूरी की पूरी फौज बेमतलब की , नाकारा व मतिहीन , दिमाग विहीन तथा योजना परियोजना विहीन , वैसे ही यूं ही नियुक्त कर लिये गये गधों व टट्टूओं की फौज है , लिहाजा हर काम के लिये आपको कंसल्टैण्ट चाहिये , फिर ये सरकारी अफसरों व कर्मचारीयों की अनावश्यक सरकारी सातवें वेतनमान की इस फौज का मतलब भी क्या है , हटाइये इसे और कंसल्टैण्ट ही पालिये , कुल मिलाकर धारणा अवधारण तोड़कर पूरी तरह से पंगु हो चुकी राजनीति में आज हालत इतनी दयनीय व नाजुक है कि हर कोई यानि कि राज्य सरकार से लेकर देश की सरकार तक किसी न किसी को यह देश दे देने या सौंपने को हर पल तैयार है ।
पूर्णत: आश्रित स्थति से गुजर रहा आज की तारीख में यह भारत देश अभी तक ”विकासशील ” देश है , जबकि सच कुछ अलग व जुदा है , भारत तो बर्षों वर्ष पहले से विकसित देश रहा है और पूरे विश्व का पालनहार देश रहा है , पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था का हजारों लाखों साल तक संचालन कर चुका देश है । विकासशील तो 70 साल का बुढ्ढा भी सदा रहता है वह 71 की ओर बढ़ रहा विकासशील है और 69 की तुलना में वह विकसित है , हम हमेशा बगल वाले किसान के खेत की फसल देख कर ही उसे उन्नत समझते आये हैं औ और वह किसान हमारे खेत की फसल देख कर हमें उन्नत समझता रहा है लेकिन शब्द विकासशील का तात्पर्य है अपने से बड़े की ओर देखना व हमेशा खुद को विकासशील कहना , विकसित का अर्थ है हमेशा अपने से छोटे की ओर देखना और खुद को विकसित कहना, हमने अपनी नसों में या तथाकथि‍त अर्थशास्त्रीयों ने देश को इतनी दयनीय व नाजुक हालत में पहुँचा दिया है कि हम हमेशा ही ”विकासशील” देश ही बने रहेंगें और कभी विकसित देश नहीं बन पायेंगें , दूसरी भाषा में इसे ही 99 का फेर कहा जाता है , जो हमेशा पूरे 100 होने की प्रतीक्षा में सदैव ही ”विकासशील” बना रहता है और वह कभी पूरा 100 नहीं बन पाता ।
जिहाजा कुल मिला कर जाहिर है कि जिन मस्त‍िष्क विहीन पंगु राजनेताओं ने पूरे के पूरे देश को ही प्रयोगशाला बना कर बर्बादी के कगार में इस कदर झोंक दिया हो कि उस देश में सरकारें वस्तुत: निर्वाचित नेताओं के हाथ में नहीं , बल्क‍ि किसी व्यापारिक व्यक्ति‍यों द्वारा या औद्योगिक घरानों के विनियोग या कुछ दे देने के लिये 24 घंटे भीख मांगने की हालत में पहुँच चुकी हों और प्रदेश व देश बेच देने के लिये पूरी तरह आतुर व रहम की पात्र बन चुकीं हों , बेशक जहॉं तीन चार पीढ़ीयां पूरी तरह से बेरोजगार बैठीं हों , जिनके घरों का पालन पोषण बाप या दादा की पेंशन पर आश्रित होकर चल रहा हो , उन्हें कितना और बातों के बतासे बांट कर बहला बहला कर ये राजनेता वक्त गुजार सकेगें यह तो वही जानें , किन्तु इतना तो जाहिर है कि असल बेरोजगारी देश में 90 फीसदी से ऊपर जा चुकी है और पेंशनधारी भी कब तक जिन्दा रहेंगें , कब तक इस देश में लोगों के चूल्हे पेंशन पर जलते रहेंगें , एक आदमी की पेंशन में आठ दस लोग जिन्दा हैं , यह दशा कब तक इस देश में बनी रहेगी । यह तो ईश्वर ही जाने मगर यह तो जाहिर है कि इंतहा की भी सरहदें समाप्त हो चुकीं हैं और आने वाले दौर में या वक्त में कुछ ठोस नहीं हुआ तो भारत को जो कि आतंकवाद की प्रयोगशाला भी साथ ही साथ पनप कर बनता चला जा रहा है बेशक वह दिन दूर नहीं जब प्रयेग कर सरकारें बदल बदल कर बार बार उम्मीद लगा रही जनता का अंदरूनी आक्रोश फूट पड़े और ये सब्स‍िडी वो सब्स‍िडी , ये कार्ड , वो कार्ड के सारा खेल खत्म होकर गृहयुद्ध भारत देश में छिड़ जाये , विधि‍ की सत्ता पूर्णत: समाप्त हो जाये और लोग सड़कों पर आ जायें , एक दूसरे को खुलेआम लूटने मारने लगें , यह दिन दूर नहीं , इस लिहाज से आज एक ललित मोदी या विजय माल्या पी खा कर उड़ा कर बाहर भागने के रास्ते टटोलता फिर रहे हैं , पता लगे कि सारे ही नेता देश छोड़ छोड़ कर भाग गये , और जनता के पास उन्हें लूटने के लिये भी कुछ नहीं छोड़ गये । मंजर खतरनाक है , सचेत हो जाईये , सब्जबागों के दिखाते चले जाने से किसी के पेट नहीं भरते , हर फिल्म को एक निश्च‍ित वक्त पर समाप्त होना है , भारतवासी भूखे हैं उन्हें रोटी और रोजगार चाहिये , अवसरों की भरमार चाहिये , वरना खत्म हो यह लंबा इंतजार चाहिये ।

सवर्ण गरीबों को भी मिलेगा आरक्षण , राजस्थान सरकार ने आयोग गठित किया , सविधान में संशोधन होगा


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