Pro Bono Advocate has been Lodged F. I. R to D. G. P. of Madhya Pradesh


प्रोबोनो एडवोकेट नरेन्द्र सिंह तोमर ने भारत सरकार की ओर से म. प्र. पुलिस के डी. जी. पी. के सायबर सेल में दर्ज कराई एफ. आई. आर. और एडिशनल इत्तलायें दीं. मामला सायबर क्राइम , आई. टी. एक्ट, आई. पी. सी. एवं लीगल एड सर्विसेज अथॉरिटीज एक्ट 1987. से संबंधित.

Advertisements

अब वकीलों को कोर्ट कैम्पोस में बैठकर दूकान सजा कर नहीं बैठना पड़ेगा, अब जिला न्यायालय भी ऑनलाइन हुये


अब जिला न्यासयालय भी ऑनलाइन हुये , जिला ई कोर्ट में भी अब इंटरनेट के जरिये ऑनलाइन ई फाइलिंग तथा हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की तरह सारी सुविधायें ई कोर्ट हुईं
अब वकीलों को कोर्ट कैम्पकस में बैठकर दूकान सजा कर नहीं बैठना पड़ेगा
मुरैना / ग्वाकलियर/ भि‍ण्डा / जबलपुर , भोपाल, इंदौर । 20 फरवरी 18. ( ग्वाधलियर टाइम्स ) म.प्र. हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट की तर्ज पर म.प्र. की जिला अदालतें ( जिला एवं सत्र न्यारयालयों को भी ई कोर्ट में तब्दी,ल कर दिया गया है और अब म.प्र. के जिला एवं सत्र न्यादयालयों में भी केसो की ई फाइलिंग, नकल प्रतिलिपि लेना , किसी भी प्रकार का आवेदन देना आदि, ई पेपरबुक आदि सभी सुविधायें अब इंटरनेट के जरिये ऑनलाइन फाइल किये जा सकेंगें , इसके अलावा न्या.यालय की फीस भी ऑनलाइन ही जमा होगी ।
अभी तक प्रोबोनो एडवोकेट लीगल एड सेवायें एवं सहायता केन्द्रों को दूसरे जिले का केस मिलने पर अनेक जगह काफी दूरियों पर स्वोयं उपस्िें त होना पड़ता था , इस सुविधा के जिला न्याजयालयों में लागू होने के बाद अब प्रोबोनो एडवोकेटस अपने कार्यालय से ही सभी प्रकार की ई फाइलिंग एवं आवेदन आदि किसी भी जिला एवं सत्र न्यालयालय में इंटरनेट के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत ई कोर्ट में दे सकेंगें , इसके अलावा वे कोर्ट भी ऑनलाइन ही बदल सकेंगें , जिस कोर्ट में उन्हें मामला सुनवाई उपयुक्त व उचि‍त जान पड़ेगी , या जिस जिला में केस सुना जाना चाहिये उसमें वे केस ऑनलाइन ही ट्रांसफर कर सकेंगें । यह सुविधा एकदम उसी तरह है जैसे कि वर्तमान में हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट मं बेंच बदलने के लिये है ।
अब म.प्र. की जिला अदालतों में एडवोकेट का यूजर आई. डी. और पासवर्ड वही रहेगा जो कि उन्हें म.प्र. हाईकोर्ट के लिये प्राप्तप हुआ था , वे म.प्र. हाईकोर्ट से प्राप्तर यूजर आई. डी. व पासवर्ड का इस्तेरमाल कर ही किसी भी जिला न्या यालय में लॉगिन कर सकेंगें । उन्हे अलग से यूजर आई. डी. व पासवर्ड नहीं लेना होगा । जबकि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इण्ि प्या का ए.ओ.आर. ( एडवोकेट ऑन रोल) यूजर आई. डी. व पासवर्ड पहले से ही अलग है , वह अलग व गुप्त ही रहेगा और सुप्रीम कोर्ट के लिये ही लॉगिन हेतु रहेगा ।
हालांकि आधि‍कारिक व घोषणा के तौर पर यह सुविधा जिला न्याूयालयों में शुरू कर दी गई है , और म.प्र. हाईकोर्ट की यूजर आई.डी. और पासवर्ड प्राप्त एडवोकेटस एवं प्रोबोनो लीगल एड एवं सर्वि‍सेज के लिये यह लिंक्स ओपन हो रहीं हैं, किन्तुई व्यारवहारिक तौर पर अभी कई जिला न्या‍यालयों में बहुत तेजी से इस पर काम चल रहा है और इस समय हर जिला कोर्ट में ई फाइलिंग व अन्यक ई कार्य हेतु अभी ई फाइलिंग लिंक्सं आनलाइन नहीं की गई हैं , केवल ई कॉमर्स कोर्ट की लिंक ही प्रदर्शिइत होती है , ऐसी दशा में ई एडवोकेटस , म.प्र. हाईकोर्ट की संबंधि‍त बेंच के वेब पोर्टल पर उपलब्ध सुपवधाओं के जरिये अधनीस्थव जिला न्या यालय के वेबपोर्टल पर इन सुविधाओं का उपयोग कर जरिये म.प्र. हाईकोर्ट अपना केस ई फाइल व अन्यस सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं ।
इस प्रक्रिया के ऑनलाइन होते ही , जिला न्या यालयों में स्वकत: ही वकीलों का बैठना बंद और इंटरनेट पर काम करना व आई.सीटी. में सुप्रशि‍क्षि त होना अनिवार्य हो जायेगा ।

Govardhan Giriraj Ji Ki Parikrama Part – 2


मिशन इन्‍द्र धनुष मुरैना


इतने कमीने भ्रष्‍ट गुंडास्‍वामीयों से लड़ रहे हैं , कि …..



इतने कमीने भ्रष्‍ट गुंडास्‍वामीयों से लड़ रहे हैं , कि ….. हालात ये हैंकि सालों का केवल वश ही नहीं चल रहा हरामियों का … वरना ….

महालक्ष्‍मी अष्‍टक एवं श्री सूक्‍त तथा तंत्र मंत्र पूजा की दुर्लभ सामग्री


दुर्लभ पूजा व तंत्र सामग्री कैसे प्राप्‍त करें एवं भवानी अष्‍टक


Nava Griha Stotra & Kanak Dhaara Stotra


श्री कृष्‍ण जन्‍म अष्‍टमी पर विशेष प्रस्‍तुति


मुरैना का सीवर लाइन घोटाला प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार में दर्ज


अंतत: मुरैना का सीवर लाइन घोटाला प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार में पहुँचा , म.प्र. सी.एम. हेल्‍पलाइन की भी दो नंबर के काम और फर्जीवाड़े की भी श‍िकायत दर्ज, रजिस्‍टर्ड हुई श‍िकायत , म.प्र. सरकार बल्‍लभ भवन सचिवालय म.प्र. शासन को कार्यवाही हेतु भेजी …. रिपोर्ट तलब की …. अत्‍यंत गोपनीय कारणों से व हाई प्रोफाइल्‍ड करप्‍शन मैटर होने से हम कंपलैंट का रजिस्‍ट्रेशन नंबर और छायाचित्र नहीं दे रहे

« Older entries

%d bloggers like this: