ई शासन- सवालों व संभावनाओं और घने बादलों के पीछे चमकता भारत का भविष्‍य का सूर्य


ई शासन- सवालों व संभावनाओं और घने बादलों के पीछे चमकता भारत का भविष्‍य का सूर्य

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

किश्‍तबद्ध आलेख भाग-1

भारत में महाराजा विक्रमादित्‍य का साम्राज्‍य रहा हो या कौटिल्‍य चाणक्‍य के समय की शासन प्रणाली रही हो या फिर राजा राम का राम राज्‍य हो सभी ऐतिहासिक तथ्‍य कम से कम भारत में एक सर्वोत्‍तम सुशासन प्रणाली के पूर्व से अवस्थित रहने की ओर ही संकेत करते हैं ।

सुशासन, पारदर्शिता, न्‍यायप्रियता और दूध का दूध और पानी का पानी, सत्‍यवादिता, निष्‍पक्ष कर्म जैसी मूल बातें भारत की आत्‍मायें हैं और इनके बगैर भारतवर्ष की कल्‍पना असंभव है ।

कोई कितना भी झुठलाये और कितना भी बल और छल के साथ सम्‍पूर्ण ताकतवर होकर भारत की इन मूल भावनाओं को धक्‍का देकर कितना भी भ्रष्‍टाचार फैलाता फिरे या जानकारीयों व सूचनाओं को अपारदर्शी बना कर पारदर्शिता पर कुहासा फैलाये कितना भी अन्‍याय की शक्ति का महिमा बखान करता फिरे अंतत: उसे मात ही खानी पड़ेगी । सत्‍य, न्‍यायप्रियता और सुशासन, ईमानदारी, परहितवाद आतिथ्‍य जैसी परम्‍परायें व संस्‍कार भारत की आत्‍मा में ही केवल नहीं रचते बसते अपितु रग रग में विद्यमान हैं ।

भारत में लंकाधीश रावण का भी साम्राज्‍य का भी इतिहास है तो कंस के अत्‍याचारों की कथायें भी विद्यमान हैं, दुर्योधन के अन्‍यायी कृत्‍यों की कथाओं से भारत का इतिहास भरा है तो कहीं आल्‍हा जैसे महाकाव्‍य में छल कपट और कूटनीति जैसे दुश्‍चारित्रिक उपाख्‍यान भरे हैं तो इन्‍हीं के साथ हमारा विलक्षण व अद्वितीय इतिहास सत्‍य की असत्‍य पर विजय, अन्‍याय पर न्‍याय का अंतत: साम्राज्‍य, कुशासन पर सुशासन का राज्‍य, राम की रावण पर विजय, कृष्‍ण की कंस पर विजय, पाण्‍डवों की कौरवों पर विजय, आल्‍हा, ऊदल, मलखान, इंदल जैसे वीरों की विजय कथायें भी भारत की असल आत्‍मा का ही बोध करातीं हैं । भारत में अँधेरे के राज, असत्‍य के साम्राज्‍य और अन्‍याय की आंधीयाँ आते जाते रहे हैं इनसे प्रकाश, सत्‍य और न्‍याय का युद्ध युगों से चला आ रहा है, वे भी युग युग में प्रकट हुये तो वे भी हर युग में आये । यानि दोनों शक्तियों का अस्तित्‍व और संघर्ष भारत में युगों से होता आया है । बस राक्षस और दैत्‍य अपने नाम और रूप बदल बदल कर आते रहे इसी प्रकार राम और कृष्‍ण भी इनसे लड़ने हर युग में नाम और रूप बदल बदल कर आते रहे ।

वर्तमान परिप्रेक्ष्‍य में दैत्‍यों और राक्षसों ने कुशासन, भ्रष्‍टाचार और अन्‍याय अत्‍याचार के रूप में अपना राज कायम किया है और अपारदर्शिता के मायाजाल में अपने पापों को ढंकने के बेहतरीन इंतजामात के साथ ताकि लम्‍बे समय तक इनके पापों और कुकर्मों के भेद न खुल सकें ।

ई शासन और कुशासन का युद्ध

जैसा कि ऊपर दृष्‍टान्‍तात्‍मक विवरण से इतना तो स्‍पष्‍ट हो ही गया होगा कि सतयुग, त्रेता और द्वापर युग के दैत्‍यों और राक्षसों ने कलयुग में कई रूपों में जन्‍म ले लिया है और निरीह जनता यानि आम आदमी को सताने और उसका रक्‍त पीने व चूसने का काम करने इन ताकतों का अंदाज और स्‍टायल भी नया और आधुनिक यानि मायावी है या‍नि कहीं भ्रष्‍टासुर दो रूपये से लेकर करोड़ों तक के भ्रष्‍टाचार से जनता का लहू चूसने में लगा है तो कहीं कहीं आतंकासुर और बमासुर जगह जगह खून की नदियॉं बहातें फिर रहे हैं, कहीं दूसरी जगह इनका अवतार अन्‍यायासुर के रूप में हुआ है जो फर्जी केसों में लोगों को फंसाने से लेकर फांसी के फन्‍दे से हलाल करने में या जेल में सड़ा सड़ा कर कष्‍ट पीड़ा देने के कारोबार में लगे हैं ।

कहीं तो ठेकासुर चन्‍द चॉंदी के सिक्‍कों के लिये या घर परिवारी भाई भतीजों के कल्‍याण के लिये ठेके बांटने में लगे हैं । कही कहीं दैत्‍यराजों के अवतार बकासुरों यानि बक बक कर भाषण झाड़ू फर्जी खोखले वादासुर नेताओं के रूप में जनम पड़े हैं । कुल मिला कर आप अपने आप को कहीं बलात्‍कासुर तो कहीं भ्रष्‍टासुर या अफवाहासुर किसी न किसी असुर से घिरा पायेंगें कहीं चुगली करते चुगलासुर तो कहीं भ्रष्‍टाचार कर अपारदर्शिता की आड़ में खाये पीये को हजम करते जुगाली करते डकारासुर नजर आयेंगें । इन चौतरफा असुरों की भीड़ के बीच भी आम आदमी जिन्‍दा है, भारत जिन्‍दा है यह हैरत की बात है, विलक्षण बात है ।

विलक्षण के साथ हैरत अंगेज यह भी है कि एक भ्रष्‍टासुर दूसरे भ्रष्‍टाचारासुर का वक्‍त पड़ने पर खून पीने से बाज नहीं आता । यानि सिपाही भी टी.आई. से रिश्‍वत पा जाता है ।

फिर भी भारत जिन्‍दा है हैरत अंगेज है, भारतवासी जिन्‍दा हैं करिश्‍मा है । फिर भी भारत लड़ रहा है यह काबिले तारीफ है । आखिर क्‍यों न हो श्रीकृष्‍ण ने कहा कि ‘’ यदा यदा हि धर्मस्‍य ग्‍लानिर्भवति भारत……..संभवामि युगे युगे ‘’

खैर श्रीकृष्‍ण तो फिलहाल आने से रहे आखिर आई.पी.सी. (भारतीय दण्‍ड संहिता) की पूरी 511 धारा श्रीकृष्‍ण पर लागू होती हैं । श्रीकृष्‍ण ने जो भी किया आई.पी.सी. में वह अपराध है, श्रीकृष्‍ण की श्रीमद्भागवत या हरिवंश पुराण या महाभारत उनके अपराधों का साक्ष्‍य प्रमाण संग्रह यानि अपराध शास्‍त्र है और अंग्रेजों ने सन 1860 में आई.पी.सी. बना डाली कि श्रीकृष्‍ण और उसकी विचारधारा को ब्‍लॉक करिये, क्‍योंकि उस समय देश में जितना भी क्रान्तिकारी पैदा हो रहा था, सबके सब श्रीकृष्‍ण की गीता पढ़ कर आ रहे थे और क्रान्ति, आजादी के नाम पर बगावत का झण्‍डा उठा लेते थे । अँग्रेजो के लिये श्रीकृष्‍ण को रोकना जरूरी था, श्रीकृष्‍ण की विचारधारा पर लगाम लगाना जरूरी था (श्रीकृष्‍ण की विचार धारा घोड़ा नहीं है भईये पर का करिये ये हमारी बोलचाल और बात समझाने का लहजा है भईये म.प्र. के भ्रष्‍टासुर कर्मचारीगण नोट करें, भईया हम अपने शब्‍द वापस नहीं लिया करते ) सो अँग्रेज आई.पी.सी. रच लाये, श्रीकृष्‍ण का अवतार प्रतिबंधित हो गया और यदा यदा हि धर्मस्‍य सदा के लिये ब्‍लॉक हो गया । चलो अँग्रेज भईयों को ये करना था ये उनकी मजबूरी थी लेकिन । श्रीकृष्‍ण को हम आज तलक राके हैं, उसे अवतार नहीं लेने दे रहे आज तक अँग्रेजों की बनाई आई.पी.सी. सन 1860 से देश चला रहे हैं । आजादी के 62 साल बाद भी अँग्रेजों के कानून से देश चला रहे हैं, हमारे पास कानून के नाम पर अँग्रेजों की सड़ी रद्दी कानूनी किताबों को उलटपुलट कर धूल झड़ाने (संशोधन) का काम केवल बचा है । अब सवाल ये है, कि फिर हम आजादी की लड़ाई किससे लड़ रहे थे अँग्रेजो से या अँगेजों की नीतियों व कानूनों के खिलाफ । अगर उनके कानून ठीक ठाक थे तो फिर अँग्रेजों को यहॉं से विदा करने की जरूरत ही क्‍या थी । जित्‍ते मुठ्ठी भर संशोधन हमने 62 साल में रचे उससे ज्‍यादा तो अँगेज केवल एक चार्टर से या एक नये कानून से कर देते । क्‍या सच में हम आजाद हो गये । हॉं हम आजाद हो गये लेकिन विरासत को सहेजे हैं, कानूनों के रूप में भी, वे भी देश में कृष्‍ण को जन्‍म नहीं लेने देना चाहते थे हम भी 62 साल से नहीं लेने दे रहे । हममें और अँग्रेजों में फर्क क्‍या है । यानि यहॉं भी कहीं न कहीं अंधकासुर छिपा बैठा है ।

खैर आप सोचिये अब ई शासन और सुशासन पर लिखना ही है तो यह आलेख किश्‍तबद्ध रूप में चलेगा आप तब तक इतने पर विचार करिये मैं दूसरी किश्‍त की तैयारी करता हूँ । इस आलेख के साथ आप मानसिक तैयारी व आत्मिक तैयारी के साथ मेरे साथ भारत में सुशासन या ई शासन लाने को तैयार रहिये मैं आपको बताऊंगा कि क्‍यों नहीं आ पा रहा सुशासन और क्‍यों नहीं लागू हो पा रहा ई शासन । लेकिन यदि हर भारतवासी ने यदि ठान लिया कि नहीं नहीं बस बहुत हो लिया अब तो सुशासन होना ही चाहिये, तो मैं कहता हूँ कि यह बहुत आसान है और महज हमसे चन्‍द कदम भर यह दूर है तथा केवल चन्‍द पलों की बात है ।

गरिमामय व हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस समारोह सम्पन्न मुख्य समारोह में कलेक्टर श्री अली ने ध्वजारोहण किया


गरिमामय व हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस समारोह सम्पन्न मुख्य समारोह में कलेक्टर श्री अली ने ध्वजारोहण किया

भिण्ड 26 जनवरी 2009

       जिले में भारत का 60 वॉ गणतंत्र दिवस पारम्परिक, हर्ष उल्लास व गरिमा पूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। जिले का मुख्य समारोह स्थानीय पुलिस लाइन प्रांगण में कलेक्टर श्री सुहेल अली के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रध्वज फहराया गया, प्रदेश वासियों के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया गया। कलेक्टर ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, कारगिल के शहीदो के परिजनों मीसा बंदियों को शाल श्रीफल द्वारा सम्मानित किया। समारोह में शसस्त्र बल के जवान व स्कूली छात्र-छात्राओं के आर्कष्ट मार्चपास्ट किया तथा जिले में विकास गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी व स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहन प्रस्तुती दी गई। समारोह में  पुलिस अधीक्षक श्री अभय सिंह, सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि व बडी संख्या में स्कूली छात्र-छात्रायें व नगरवासी उपस्थित थे।

       स्थानीय डी.आर.पी.लाइन ग्राउण्ड पर मुख्य समारोह का आयोजन प्रात:9.00 बजे मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण के साथ प्रारम्भ हुआ। ध्वजारोहण उपरान्त राष्ट्रीय गान का गायन हुआ तत्पश्चात गणतन्त्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि श्री कलेक्टर श्री सुहेल अली ने पुलिस अधीक्षक श्री अभयसिंह के साथ विशेष  रूप  से  परेड  की सलामी हेतु सुसज्जित खुली जीप मे सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। निरीक्षण उपरान्त मुख्य अतिथि द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का गणतन्त्र दिवस पर जनता के नाम संदेश का वाचन किया गया।

       मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  ने प्रदेश के सभी नगारिको को गणतन्त्र दिवस की शुभकामनाएं व बधाई देते हुए अपने संदेश में हर्ष और उल्लास के इस अवसर पर मैं प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करता हूँ जिसने निरंतरता का जनादेश दिया और विकास की गंगा को प्रदेश के धरातल पर उतारने के हमारे संकल्प को आशीर्वाद दिया यह जनादेश सरकार की कार्यशैली, उसकी योजनाओं तथा किये गये कार्यो की पुष्टि है। जनविश्वास की इस धरोहर को सुरक्षित रखने तथा जनविश्वास पर खरा उतरने की हम पूरी कोशिश करेंगे।

       पिछले पॉच वर्षो में हमने सड़क, बिजली और पानी सहित अधोसंरचना के क्षैत्र में तेजी से काम किया है। विद्युत उत्पादन क्षमता में 3147 मेगावाट की वृद्वि हुई जो पचास साल में निर्मित कुल क्षमता से अधिक है। विद्युत पारेषण क्षमता भी 3800 मेगावाट से बढाकर 7600 मेगावाट की गई। पिछले पॉच साल में प्रदेश में करीब 40 हजार किलो मीटर लम्बाई की सड़के बनी है। प्रधानमंत्री सडक़ योजना में हमारी उपलब्धियों को केन्द्र सरकार ने भी सराहा है। पिछले पॉच साल में सरकार ने 50 हजार बसाहटों और 39 हजार ग्रामीण शालाओं में शुद्व पेयजल की व्यवस्था की है। अब शेष बसाहटों में भी यह काम किया जायेगा। सिंचाई परियोजनाओं की पूर्णता पर सरकार का विशेष ध्यान है। बाणसागर, राजघाट, मणिखेड़ा, मान, जोबट और काकासाहेब गाडगिल जैसी वर्षो से लंबित योजनाएं पूरी, पूरी की गयी। अब आने वाले समय में महान, बारियारपुर, माही, बावनथड़ी, सिंध् फेज-2, अपरबेदा, लोअरगोई और पुनासा उद्वहन सिंचाई योजनाओं को पूर्ण कर 10 लाख हेक्टेयर से अधिक में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता निर्मित की जायेगी।  कृषक ऋण राहत योजना के अन्तर्गत बकाया बिजली बिलों की आधी राशि जमा करने पर शेष राशि और अधिभार की छूट दी गयी। इस योजना को मार्च 2009 तक बढ़ा दिया गया है। पॉच साल में महगाई में वृद्वि के बावजूद खेती के लिये बिजली को सस्ता किया गया। पहले 300 यूनिट तक 1.20 रूपये और उससे अधिक 1.70 रूपये दर पर मिलने वाली बिजली अब 500 यूनिट तक 75 पैसे प्रति यूनिट और इससे अधिक की खपत होने पर 1.10 रूपये प्रति यूनिट दी जा रही है। विगत पॉच वर्षो में खेती के लिये बिजली के प्रदाय पर सरकार ने लगभग 4600 करोड़ की सब्सिडी दी है।

       राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश इस साल भी देश में अग्रणी राज्यों में से एक है। सामान्य वर्गो के निर्धन लोगों की बेहतरी के लिए एक आयोग बनाया गया। स्वर्णिम मध्यप्रदेश को गढ़ने की हमारी कल्पना को मूर्त रूप देने के लिये मैं आप सभी का आव्हान करता हूँ। यह समय प्रदेश के विकास और आम जनता के कल्याण में खुद को समर्पित करने का है। यह तभी संभव है जब सरकार और समाज एक साथ हो। हमें अपना मध्यप्रदेश का भाव जागृत करना है। हम अधिकारों के प्रति जितना संवेदनशील रहते है, कर्तव्यों को पूरा करने में उससे ज्यादा सजगता दिखानी होगी। हमें बिजली की बचत करने, पानी के अपव्यय को रोकने, स्वच्छता लाने, हरियाली को संरक्षित करने ओर आतंकी इरादों से देश को बचाने के सभी उपाय करने है। मेरा विश्वास है कि अगर हम अपनी भूमिका से जुडे दायित्वों का निर्वाह पूरी निष्ठा से करें तो न केवल प्रदेश की उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा बल्कि अपने जीवन की सार्थकता भी अनुभव कर सकेगें।

       गणतन्त्र दिवस पर आयोजित मुख्य समारोह मे पुलिस के जवानो द्वारा हर्ष फायर किये गये व राष्ट्रीय गान का गायन किया गया। इसके बाद परेड कमाण्डर श्री मुकेश दीक्षित के नेतृत्व मे 17 वीं वटालियन भिण्ड, जिला पुलिस बल भिण्ड, जिला होमगार्ड भिण्ड, एन.सी.सी सीनियर व जूनियर, आई पी.एस एकेडमी,स्वरूप विधा निकेतन, राजेन्द्र कान्वेन्ट स्कूल, चौधरी कान्वेन्ट स्कूल भिण्ड, सेट्रल स्कूल भिण्ड, की छात्र-छात्राओ ने आकर्षक मार्च पास्ट किया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि श्री कलेक्टर अली ने मार्च पास्ट मे शामिल विभिन्न टोलियों के कमाण्डरो से परिचय प्राप्त किया व समारोह मे उपस्थित स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियो को माल्यार्पण तथा शाल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

       मार्च पास्ट के बाद गणतन्त्र दिवस समारोह की गरिमा के अनुरूप विभिन्न स्कूलो के छात्र-छात्राओ की मार्च पीटी का आयोजन किया। तत्पश्चात शासकीय उत्कृष्ठ उ.मा.वि भिण्ड, विहारी वाल मन्दिर भिण्ड,राजेन्द्र कान्वेन्ट स्कूल भिण्ड, आई.पी.एस.एकेडमी भिण्ड, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा  सांस्कृतिक  कार्यक्रम  के  तहत् राष्ट्रीय भावना से ओत प्रोत लोक गीत व मनोहरी नृत्य प्रस्तुत किया जिन्हें उपस्थित अतिथियो ने खूब सराहा।  सांस्कृतिक कार्यक्रमो से पूर्व विभिन्न शासकीय विभागो की झांकियो का प्रदर्शन किया इनमे कृषि विभाग व पशु चिकित्सा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ एवं चिकित्सा विभाग, उधोग एवं व्यापार विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला पंचायत तथा जिला शिक्षा केन्द्र सहकारिता बिभाग, लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग की झांकियाँ शामिल है।

       गणतन्त्रत दिवस समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि कलेक्टर अली द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट के लिए जिला पुलिस बल भिण्ड को प्रथम पुरूष्कार, 17 वी बटालियन एसएएफ भिण्ड को द्वितीय पुरूस्कार, एन.सी.सी.सीनियर को तृतीय पुरूष्कार तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमे में बिहारी बाल मंदिर भिण्ड प्रथम पुरूस्कार राजेन्द्र कान्वेट स्कूल द्वितीय पुरूष्कार तथा शा.कन्या.उ.मा.विद्यालय भिण्ड को तृतीय पुरूष्कार से पुरूष्कृत किया।  शासकीय विभागो की झांकियो के लिए शिक्षा मिशन को प्रथम जिला पंचायत को द्वितीय तथा लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण भिण्ड की झांकी को तृतीय पुरूस्कार प्रदान किया गया। 

 

कलेक्टर द्वारा ध्वजारोहण


कलेक्टर द्वारा ध्वजारोहण

भिण्ड 26 जनवरी 2009

       कलेक्टर श्री सुहेल अली द्वारा कलेक्ट्रेट भवन मे ध्वजारोहण किया गया इस अवसर पर कलेक्ट्रेट भवन स्थित विभिन्न शासकीय विभागो के अधिकारीगण/ कर्मचारीगण उपस्थित थे। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गान का गायन किया। इसीप्रकार पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे पुलिस अधीक्षक श्री अभय सिंह द्वारा ध्वजारोहण किया गया। अन्य शासकीय भवनो पर सम्बन्धित शासकीय विभागो के अधिकारियो द्वारा ध्वजारोहण किये जाने की जानकारी प्राप्त हुई है।

 

ई शासन- सवालों व संभावनाओं और घने बादलों के पीछे चमकता भारत का भविष्‍य का सूर्य


ई शासन- सवालों व संभावनाओं और घने बादलों के पीछे चमकता भारत का भविष्‍य का सूर्य

नरेन्‍द्र सिंह तोमर आनन्‍द

किश्‍तबद्ध आलेख भाग-1

भारत में महाराजा विक्रमादित्‍य का साम्राज्‍य रहा हो या कौटिल्‍य चाणक्‍य के समय की शासन प्रणाली रही हो या फिर राजा राम का राम राज्‍य हो सभी ऐतिहासिक तथ्‍य कम से कम भारत में एक सर्वोत्‍तम सुशासन प्रणाली के पूर्व से अवस्थित रहने की ओर ही संकेत करते हैं ।

सुशासन, पारदर्शिता, न्‍यायप्रियता और दूध का दूध और पानी का पानी, सत्‍यवादिता, निष्‍पक्ष कर्म जैसी मूल बातें भारत की आत्‍मायें हैं और इनके बगैर भारतवर्ष की कल्‍पना असंभव है ।

कोई कितना भी झुठलाये और कितना भी बल और छल के साथ सम्‍पूर्ण ताकतवर होकर भारत की इन मूल भावनाओं को धक्‍का देकर कितना भी भ्रष्‍टाचार फैलाता फिरे या जानकारीयों व सूचनाओं को अपारदर्शी बना कर पारदर्शिता पर कुहासा फैलाये कितना भी अन्‍याय की शक्ति का महिमा बखान करता फिरे अंतत: उसे मात ही खानी पड़ेगी । सत्‍य, न्‍यायप्रियता और सुशासन, ईमानदारी, परहितवाद आतिथ्‍य जैसी परम्‍परायें व संस्‍कार भारत की आत्‍मा में ही केवल नहीं रचते बसते अपितु रग रग में विद्यमान हैं ।

भारत में लंकाधीश रावण का भी साम्राज्‍य का भी इतिहास है तो कंस के अत्‍याचारों की कथायें भी विद्यमान हैं, दुर्योधन के अन्‍यायी कृत्‍यों की कथाओं से भारत का इतिहास भरा है तो कहीं आल्‍हा जैसे महाकाव्‍य में छल कपट और कूटनीति जैसे दुश्‍चारित्रिक उपाख्‍यान भरे हैं तो इन्‍हीं के साथ हमारा विलक्षण व अद्वितीय इतिहास सत्‍य की असत्‍य पर विजय, अन्‍याय पर न्‍याय का अंतत: साम्राज्‍य, कुशासन पर सुशासन का राज्‍य, राम की रावण पर विजय, कृष्‍ण की कंस पर विजय, पाण्‍डवों की कौरवों पर विजय, आल्‍हा, ऊदल, मलखान, इंदल जैसे वीरों की विजय कथायें भी भारत की असल आत्‍मा का ही बोध करातीं हैं । भारत में अँधेरे के राज, असत्‍य के साम्राज्‍य और अन्‍याय की आंधीयाँ आते जाते रहे हैं इनसे प्रकाश, सत्‍य और न्‍याय का युद्ध युगों से चला आ रहा है, वे भी युग युग में प्रकट हुये तो वे भी हर युग में आये । यानि दोनों शक्तियों का अस्तित्‍व और संघर्ष भारत में युगों से होता आया है । बस राक्षस और दैत्‍य अपने नाम और रूप बदल बदल कर आते रहे इसी प्रकार राम और कृष्‍ण भी इनसे लड़ने हर युग में नाम और रूप बदल बदल कर आते रहे ।

वर्तमान परिप्रेक्ष्‍य में दैत्‍यों और राक्षसों ने कुशासन, भ्रष्‍टाचार और अन्‍याय अत्‍याचार के रूप में अपना राज कायम किया है और अपारदर्शिता के मायाजाल में अपने पापों को ढंकने के बेहतरीन इंतजामात के साथ ताकि लम्‍बे समय तक इनके पापों और कुकर्मों के भेद न खुल सकें ।

ई शासन और कुशासन का युद्ध

जैसा कि ऊपर दृष्‍टान्‍तात्‍मक विवरण से इतना तो स्‍पष्‍ट हो ही गया होगा कि सतयुग, त्रेता और द्वापर युग के दैत्‍यों और राक्षसों ने कलयुग में कई रूपों में जन्‍म ले लिया है और निरीह जनता यानि आम आदमी को सताने और उसका रक्‍त पीने व चूसने का काम करने इन ताकतों का अंदाज और स्‍टायल भी नया और आधुनिक यानि मायावी है या‍नि कहीं भ्रष्‍टासुर दो रूपये से लेकर करोड़ों तक के भ्रष्‍टाचार से जनता का लहू चूसने में लगा है तो कहीं कहीं आतंकासुर और बमासुर जगह जगह खून की नदियॉं बहातें फिर रहे हैं, कहीं दूसरी जगह इनका अवतार अन्‍यायासुर के रूप में हुआ है जो फर्जी केसों में लोगों को फंसाने से लेकर फांसी के फन्‍दे से हलाल करने में या जेल में सड़ा सड़ा कर कष्‍ट पीड़ा देने के कारोबार में लगे हैं ।

कहीं तो ठेकासुर चन्‍द चॉंदी के सिक्‍कों के लिये या घर परिवारी भाई भतीजों के कल्‍याण के लिये ठेके बांटने में लगे हैं । कही कहीं दैत्‍यराजों के अवतार बकासुरों यानि बक बक कर भाषण झाड़ू फर्जी खोखले वादासुर नेताओं के रूप में जनम पड़े हैं । कुल मिला कर आप अपने आप को कहीं बलात्‍कासुर तो कहीं भ्रष्‍टासुर या अफवाहासुर किसी न किसी असुर से घिरा पायेंगें कहीं चुगली करते चुगलासुर तो कहीं भ्रष्‍टाचार कर अपारदर्शिता की आड़ में खाये पीये को हजम करते जुगाली करते डकारासुर नजर आयेंगें । इन चौतरफा असुरों की भीड़ के बीच भी आम आदमी जिन्‍दा है, भारत जिन्‍दा है यह हैरत की बात है, विलक्षण बात है ।

विलक्षण के साथ हैरत अंगेज यह भी है कि एक भ्रष्‍टासुर दूसरे भ्रष्‍टाचारासुर का वक्‍त पड़ने पर खून पीने से बाज नहीं आता । यानि सिपाही भी टी.आई. से रिश्‍वत पा जाता है ।

फिर भी भारत जिन्‍दा है हैरत अंगेज है, भारतवासी जिन्‍दा हैं करिश्‍मा है । फिर भी भारत लड़ रहा है यह काबिले तारीफ है । आखिर क्‍यों न हो श्रीकृष्‍ण ने कहा कि यदा यदा हि धर्मस्‍य ग्‍लानिर्भवति भारत……..संभवामि युगे युगे

खैर श्रीकृष्‍ण तो फिलहाल आने से रहे आखिर आई.पी.सी. (भारतीय दण्‍ड संहिता) की पूरी 511 धारा श्रीकृष्‍ण पर लागू होती हैं । श्रीकृष्‍ण ने जो भी किया आई.पी.सी. में वह अपराध है, श्रीकृष्‍ण की श्रीमद्भागवत या हरिवंश पुराण या महाभारत उनके अपराधों का साक्ष्‍य प्रमाण संग्रह यानि अपराध शास्‍त्र है और अंग्रेजों ने सन 1860 में आई.पी.सी. बना डाली कि श्रीकृष्‍ण और उसकी विचारधारा को ब्‍लॉक करिये, क्‍योंकि उस समय देश में जितना भी क्रान्तिकारी पैदा हो रहा था, सबके सब श्रीकृष्‍ण की गीता पढ़ कर आ रहे थे और क्रान्ति, आजादी के नाम पर बगावत का झण्‍डा उठा लेते थे । अँग्रेजो के लिये श्रीकृष्‍ण को रोकना जरूरी था, श्रीकृष्‍ण की विचारधारा पर लगाम लगाना जरूरी था (श्रीकृष्‍ण की विचार धारा घोड़ा नहीं है भईये पर का करिये ये हमारी बोलचाल और बात समझाने का लहजा है भईये म.प्र. के भ्रष्‍टासुर कर्मचारीगण नोट करें, भईया हम अपने शब्‍द वापस नहीं लिया करते ) सो अँग्रेज आई.पी.सी. रच लाये, श्रीकृष्‍ण का अवतार प्रतिबंधित हो गया और यदा यदा हि धर्मस्‍य सदा के लिये ब्‍लॉक हो गया । चलो अँग्रेज भईयों को ये करना था ये उनकी मजबूरी थी लेकिन । श्रीकृष्‍ण को हम आज तलक राके हैं, उसे अवतार नहीं लेने दे रहे आज तक अँग्रेजों की बनाई आई.पी.सी. सन 1860 से देश चला रहे हैं । आजादी के 62 साल बाद भी अँग्रेजों के कानून से देश चला रहे हैं, हमारे पास कानून के नाम पर अँग्रेजों की सड़ी रद्दी कानूनी किताबों को उलटपुलट कर धूल झड़ाने (संशोधन) का काम केवल बचा है । अब सवाल ये है, कि फिर हम आजादी की लड़ाई किससे लड़ रहे थे अँग्रेजो से या अँगेजों की नीतियों व कानूनों के खिलाफ । अगर उनके कानून ठीक ठाक थे तो फिर अँग्रेजों को यहॉं से विदा करने की जरूरत ही क्‍या थी । जित्‍ते मुठ्ठी भर संशोधन हमने 62 साल में रचे उससे ज्‍यादा तो अँगेज केवल एक चार्टर से या एक नये कानून से कर देते । क्‍या सच में हम आजाद हो गये । हॉं हम आजाद हो गये लेकिन विरासत को सहेजे हैं, कानूनों के रूप में भी, वे भी देश में कृष्‍ण को जन्‍म नहीं लेने देना चाहते थे हम भी 62 साल से नहीं लेने दे रहे । हममें और अँग्रेजों में फर्क क्‍या है । यानि यहॉं भी कहीं न कहीं अंधकासुर छिपा बैठा है ।

खैर आप सोचिये अब ई शासन और सुशासन पर लिखना ही है तो यह आलेख किश्‍तबद्ध रूप में चलेगा आप तब तक इतने पर विचार करिये मैं दूसरी किश्‍त की तैयारी करता हूँ । इस आलेख के साथ आप मानसिक तैयारी व आत्मिक तैयारी के साथ मेरे साथ भारत में सुशासन या ई शासन लाने को तैयार रहिये मैं आपको बताऊंगा कि क्‍यों नहीं आ पा रहा सुशासन और क्‍यों नहीं लागू हो पा रहा ई शासन । लेकिन यदि हर भारतवासी ने यदि ठान लिया कि नहीं नहीं बस बहुत हो लिया अब तो सुशासन होना ही चाहिये, तो मैं कहता हूँ कि यह बहुत आसान है और महज हमसे चन्‍द कदम भर यह दूर है तथा केवल चन्‍द पलों की बात है ।    क्रमश: अगले अंक में जारी ………….

भिण्ड विधानसभा क्षेत्र में फोटो ग्राफी हेतु विशेष अभियान 18 जनवरी से


भिण्ड विधानसभा क्षेत्र में फोटो ग्राफी हेतु विशेष अभियान 18 जनवरी से

िभण्ड 16 जनवरी 2009

       विधानसभा क्षेत्र 10 भिण्ड के अन्तर्गत मतदाता फोटो परिचय पत्र तैयार करने हेतु विशेष अभियान 18 जनवरी से चलाया जावेगा। भिण्ड शहरी क्षेत्र के लिये 18 जनवरी से 22 जनवरी तक 46 मतदान केन्द्रों पर फोटो ग्राफी की जावेगी।

      एसडीएम भिण्ड श्री डीआर कुर्रे से प्राप्त जानकारी के अनुसार मतदाता फोटो परिचय पत्र तैयार करने तथा मतदाता सूचियों में नाम जोडने घटाने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है जिसके अन्तर्गत मतदान केन्द्रों पर फोटो ग्राफी का कार्य सम्पादित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में दावे आपत्तियां 20 जनवरी तक प्रारूप 6 में प्रस्तुत की जा सकती है। भिण्ड विधानसभा क्षेत्र के शहरी मतदाताओं के लिये 18 जनवरी से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत 18 जनवरी को जनता बाउमा विद्यालय, बीटीआई कार्यालय, उप संचालक कार्यालय कृषि किला, नगरपालिका भवन, एमजेएस महाविद्यालय, बिहारी बाल मंदिर अटेर रोड, शा कं प्रावि पुलिस लाईन, 19 जनवरी को उमावि विद्यालय क्रमांक एक, अशास एलबीएस विद्या नवादा बाग, जैन महाविद्यालय, उद्योग विभाग लहार रोड, शा मावि पुरानी बस्ती, प्रा तिलहन संघ ग्वालियर रोड, म.प्र. राज्य परिवहन निगम, 20 जनवरी से शा एसएएफ विद्यालय, जीवाजी क्लब, जल संसाधन विभाग, राजेन्द्र कॉन्वेट स्कूल, इम्मानुएल मिशन स्कूल, शा.प्रा.विद्यालय सुभाषनगर भिण्डद्व मा.विद्यालय बुनियादी, 21 जनवरी से कन्या उमावि गर्ल्स स्कूल, डांकबंगला अटैर रोड भिण्ड, अटल बिहारी स्कूल अटेर रोड, पुरानी नगरपालिका किले के नीचे, गौपाल गोशाला भिण्ड, आर्दश मा विद्यालय, शामावि विद्यालय कटरा मोहल्ला, 22 जनवरी से मावि नवीन भवन महावीर गंज, उपसंचालक शिक्षा, गांधी वाचनालय मार्केट, नगरपालिका भवन मेला ग्राउण्ड, सामुदायिक भवन राजहोली, प्रा शाला भवन चंदनपुरा, प्रा शाला भवन गांधी शाला, मा.शाला भवन कॉटनजीन, निराला रंग बिहार, उमावि क्रमांक दो, पीएचई टंकी महावीरगंज, मुन्नालाल उमावि हा कॉलौनी, पशुमाता महामारी हा कालौनी, प्रा शाला भवन हरवंश की खोड, विकास खण्ड कार्यालय, मावि वीरेन्द्र नगर, जिला पंचायत भवन, रमन उमावि हा कॉलौनी में फोटो ग्राफी की जावेगी। 

 

प्रभारी मंत्री दो दिवसीय प्रवास पर 21 जनवरी को आयेगें


प्रभारी मंत्री दो दिवसीय प्रवास पर 21 जनवरी को आयेगें 

भिण्ड 16 जनवरी 2009

       प्रदेश के सामान्य प्रशासन,नर्मदा घाटी विकास एवं विमानन विभाग राज्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री के.एल.अग्रवाल जिले के दो दिवसीय भ्रमण पर 21 जतनवरी को भिण्ड आ रहे है।

       प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल 21 जनवरी 2009 को पोरसा से चलकर शाम 4 बजे मेहगांव आगमन एवं स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेने के बाद शायं 6 बजे भिण्ड आएगें एवं रात्रि विश्राम करेगें। प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल  22 जनवरी 2009 को प्रात:10.30 बजे जिले के विकास कार्यो से सम्बन्धित अधिकारियों से चर्चा करेंगें 12.30 बजे भिण्ड से मेहगांव के लिये रवाना होगें, 2 बजे गोहद, 3 बजे दंदरौआ मंदिर पर पहुंचकर दर्शन करेगें उसके बाद प्रभारी मंत्री 4.30 मालनपुर पहुंचेगें होते हुये ग्वालियर के लिये प्रस्थान करेगें।

 

संभागायुक्त ने जिले में विद्युत आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की


संभागायुक्त ने जिले में विद्युत आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की

भिण्ड 16 जनवरी 2009

       संभागायुक्त श्री एसडी अग्रवाल ने आज जिले में विद्युत आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की । उन्होंने विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को मुख्यालय में निवास करने तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर श्री सुहेल अली, एडीएम श्री आरपी भारती, राजस्व उपायुक्त श्री मिश्रा, अधीक्षण यंत्री मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी श्री एके जैन, संभागीय यंत्री श्री अशोक चौधरी, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

      संभागायुक्त श्री अग्रवाल ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति शासन द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार की जावे । उन्होंने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं की विभिन्न शिकायतों का निपटारा भी तत्परता से किया जावे। उन्होंने कहा कि टूट फूट चुकी विद्युत लाईनों का संधारण कार्य अभियान चलाकर करें तथा प्रतिदिन किये गये कार्य की प्रगति रिपोर्ट कलेक्टर को प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मी अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का परिचय देते हुये विद्युत उपभोक्ताओं के साथ संवाद कायम रखें। उन्होंने सभी विद्युत कर्मी को मुख्यालय में निवास करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि विद्युत अधिकारी जनता को दिये आश्वासनों पर गंभीरता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें।

 

प्रभारी मंत्री 22 जनवरी को विभागीय योजनाओं की समीक्षा करेगें


प्रभारी मंत्री 22 जनवरी को विभागीय योजनाओं की समीक्षा करेगें

भिण्ड 16 जनवरी 2009

       प्रदेश के सामान्य प्रशासन,नर्मदा घाटी विकास एवं विमानन विभाग राज्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री के.एल.अग्रवाल 22 जनवरी 09 को प्रात:11 बजे कलेक्टर सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करेगें। 

       कलेक्टर श्री अली ने सभी से कहा कि सभी जिला अधिकारी विभाग में संचालित योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी सहित अनिवार्य रूप से उपस्थित हो एवं जानकारी तीन प्रतियों में 19 जनवरी 09 तक कलेक्टर कार्यालय में भिजवाना सुनिश्चित करें।

 

रोजगार गारंटी योजना में रूचि न लेने वाली पंचायतों के सचिवों के वित्तीय अधिकार समाप्त करें-संभागायुक्त श्री अग्रवाल


रोजगार गारंटी योजना में रूचि न लेने वाली पंचायतों के सचिवों के वित्तीय अधिकार समाप्त करें-संभागायुक्त श्री अग्रवाल

भिण्ड 16 जनवरी 2009

       राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत कार्य न कराने वाले ग्राम पंचायतों के सचिवों के वित्तीय अधिकार समाप्त करने तथा अबिवादित नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश संभागायुक्त श्री एसडी   अग्रवाल द्वारा राजस्व एवं पंचायत ग्रामीण

विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिये। बैठक में कलेक्टर श्री सुहेल अली, एडीएम, श्री आरपी भारती, उपायुक्त श्री मिश्रा सहित सभी एसडीएम व जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे।

      संभागायुक्त श्री अग्रवाल ने निर्देश दिये है कि सभी राजस्व अधिकारी ग्राम वार राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करें तथा 26 जनवरी 2009 तक सभी अबिवादित नामांतरण बटवारा व सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने आगाह किया कि इस अवधि के बाद प्रकरण लंबित पाये जाने पर सम्बन्धित राजस्व अधिकारी के विरूद्व कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने प्रत्येक ग्राम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित की जाने वाली ग्राम सभाओं में अबिवादित राजस्व प्रकरणों का वाचन कर ग्राम सभा से प्रमाण पत्र प्राप्त करें। श्री अग्रवाल ने राजस्व बसूली हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिये।

      संभागायुक्त ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया तथा सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को तीन दिवस में प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो रोजगार मूलक कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में रोजगार गारंटी के कार्य प्रारंभ नही होगे उन ग्राम पंचायतों के सचिवों के वित्तीय अधिकार 20 जनवरी 09 से समाप्त कर दिये जावे तथा सम्बन्धित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के विरूद्व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जावे। उन्होंने सभी एसडीएम को रोजगार गारंटी के कार्यो की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने गारंटी योजना के शेष बचे जॉब कार्ड का वितरण की आगामी एक सप्ताह में पूर्ण करने के निर्देश दिये।

 

हितग्राही मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन गंभीरता से करे-संभागायुक्त श्री अग्रवाल


हितग्राही मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन गंभीरता से करे-संभागायुक्त श्री अग्रवाल

भिण्ड 16 जनवरी 2009

       संभागायुक्त श्री एसडी अग्रवाल ने कहा है कि हितग्राही मूलक योजनाओं की हकीकत जानने के लिये अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करें तथा प्रत्येक जरूरत मंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने आगामी गर्मी के मौसम हेतु पेयजल आपूर्ति हेतु कार्य योजना बनाने तथा सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत अपूर्ण भवनों को अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। बैठक में कलेक्टर श्री सुहेल अली एडीएम श्री आरपी भारती उपायुक्त राजस्व श्री मिश्रा सभी एसडीएम तथा जिलाधिकारी उपस्थित थे।

       संभागायुक्त श्री अग्रवाल ने कहा कि आगामी ग्रीष्म काल में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति बनाये रखने के लिये कार्य योजना तैयार कर ली जाए तथा जिन 26 ग्रामों में पेयजल परिवहन संभावित है उनके लिये राशि की मांग हेतु प्रस्ताव शासन को भेजा जाए। उन्होंने जिले में बंद पड़ी 37 नलजल योजनाओं को पुन: प्रारंभ कराने हेतु शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को राशि जमा करने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर पंचायत क्षेत्र मौ की जलावर्धन योजना को एक माह में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिये।

      संभागायुक्त ने सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत गत वर्षो के 524 अपूर्ण कार्यो को पूर्ण करने तथा 174 अप्रारंभ कार्यो को प्रारंभ कराने के निर्देश परियोजना समन्वयक को दिये। उन्होंने कहा कि सीईओ जिला पंचायत अपूर्ण कार्यो की नियमित समीक्षा करें तथा परियोजना समन्वयक जनपद स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराए। उन्होंने कार्य प्रारंभ न होने की स्थिति में सम्बन्धित बीईओ, बीआरसी के विरूद्व कार्यवाही के निर्देश भी दिये। श्री अग्रवाल ने जिले में मध्यान्ह भोजन की स्थिति पर असंतोष व्यक्त कर सभी एसडीएम को जनपद स्तर पर समीक्षा करने के निर्देश दिये। उन्होने जिले में संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तथा शिक्षकों के युक्ति युक्तिकरण की जानकारी भी प्राप्त की तथा शिक्षक विहीन शालाओं में अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये। गांव की बेटी योजना के अन्तर्गत आवेदन पत्र जनपद पंचायतों द्वारा समय सीमा में अग्रेसित कर भेजने के निर्देश भी संभागायुक्त ने दिये। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्वावस्था पेंशन, निराश्रित पेंशन, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के प्रकरणों का निराकरण गंभीरता के साथ करने तथा पेंशनों का वितरण नियमित रूप से कराने के निर्देश भी दिये। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के व्यापक प्रचार प्रसार तथा नि:शक्तजनों के प्रमाण पत्र बनाने हेतु शिविर आयोजित करने के निर्देश भी उप संचालक सामाजिक न्याय को दिये।

      स्वास्थय योजनाओं की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने परिवार कल्याण कार्यक्रम के लक्ष्य की पूर्ति हेतु सामूहिक प्रयास करने तथा चिकित्सालयों का निरीक्षण कलेक्टर एवं एसपी द्वारा संयुक्त रूप से करने के निर्देश भी दिये है। संभागायुक्त ने कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा, श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की।

 

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