स्वर्ण‍िम मध्यप्रदेश एक हकीकत एक सच्चाई, भारत के नबंर 1 राज्य और अटल ज्योति और भले व शरीफ नेताओं की असल कहानी


पर्दे के पीछे का सच , म.प्र. शासन

लीजिये फिल्म देख लीजिये ‘ हमारा म.प्र. नं 1 स्वर्ण‍िम मध्यप्रदेश” नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” सन 2009 या 2010 के दरम्यान या आसपास की है , हम लोग फेसबुक पर काफी धमाल व शरारत मचाते रहते थे , कई बीजेपी वाले और आर.एस.एस. वाले हमारे मित्र थे ( हैं ) , उस समय सचिन खरे म.प्र. भाजपा के आई टी. सेल का काम देख रहे थे , हम हर तरह का लेखन कर रहे थे रूबाइयों से लेकर शायरी तलक और दोहों चौपाइयों से लेकर कविताओं तलक , हास्य व्यंग्य से लेकर समाचारों तक सब कुछ जोरदार चल रहा था , कई विषयों पर हमारी जबरदस्त बहस तर्क और पंगा हो जाता और हम हिन्दू को बिन्दू बना देते …. सचिन खरे हमारे बहुत पक्के मित्र थे , तब भी बिजली बहुत परेशान करती थी और रोज हम फेसबुक पर पूरे इंटरनेट पर मुरैना व म.प्र. की बिजली कटौती लिखते , जमकर गरियाते, साला लोकल लोगों का ही धंधा फेल देख देख कर , कोई भी बाहर वाला इन्वेस्टर म.प्र. में इन्वेस्ट करने नहीं आता , जब लोकल वाले ही धंधा एक कौड़ी का बिना बिजली चला नहीं पा रहे तो , कोई महामूरख ही होगा जो बाहर से आकर करोड़ों अरबों रूपये का इन्वेस्ट म.प्र. में करे , मामा सैकड़ों इन्वेस्टर मीट करा करा के अबों रूपये फूंक गया , साली एक हजार तो पंचायतें करवा डालीं मगर नतीजा सिफर , व्यापम से लेकर डंपर तक , बंपर से लेकर जंपर तक , म.प्र. में बचा कुछ नहीं जो घोटाले और भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ा हो । खैर बात हम उस बात की कर रहे थे जब हमारा लिखा हुआ कुछ भी चुरा कर लोग अपनी फेसबुक ववाल पर चस्पा करके उसे मेक इन इंडिया बना लेते थे , लेकिन हमारी कलम दनादन चलती थी इसलिये हम परवाह नहीं करते थे , म.प्र. भाजपा आई.टी. सेल के सचिन खरे ने हमसे आइडिया लिया …. देश का दिल मध्यप्रदेश … हृदय स्थल ….. और उसने कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा जमाया और ”देश का दिल देखा ” के नाम से एक गीत बना डाला और एक विाापन फिल्म बना डाली , हमें सबसे पहले दिखाई … हमने कही बकवास है साली , पूरे म.प्र. की मट्टी कूट दी है , साली कितनी बोगस बंकस वाहियात स्क्र‍िप्ट और कितना भद्दा भौंड़ा गीत संगीत बनाया है , और गाया भी साला ऐसा है जैसे छक्के गाते हैं , सज रही डोल मेरी मां … सुनहरे गोटे में …. जैसे हां जी हां जी हांजी करते हैं और ताली ठोकते हैं …. या फिर हमारा काम है हम तो …. सरे बाजार नाचेंगें ….. वाली स्टाइल में गा डाला है , उधर कम से कम रफी साहब थे तो गाना ही बदल कर गीत हो गया , सहगीत भी संगीत हो गया … तुमने तो म.प्र. की बुरी तरह से रगड़ मार के रख दी ….. खैर हमारे विपरीत प्रत्युत्तर के बावजूद भी वह फिल्म उन्होंनें जारी कर दी और सोशल मीडिया , भाजपाई वेबसाइटों सहित तमाम टी.वी. चैनलों पर वह विज्ञापन फिल्म चलवा डाली … मगर नतीजा वही सिफर …. फिर भी साला कोई इन्वेस्टर नहीं आया ….. हमारी एक लाइन और एक रूपैया ….. उनके हजार पन्नों को और करोड़ों रूपयों को बर्बाद कर देता था ….. खैर कोई इन्वेस्टर अभी तक म.प्र. में आया नहीं , खुले खुलाये सारे उद्योग धंधे बंद हो गये , सारे शक्कर मिल बंद हो गये , तिलहन संध में ताले पड़ कर उसकी तो पूरी मशीनरी ही गायब हो गई , कुल मिला कर नया कुछ नहीं आया , उल्टे जो था वह भी सब आहिस्ते आहिस्ते खत्म व नष्ट हो गया …… अब खैर सचिन खरे शायद नहीं हैं म.प्र. भाजपा के आई टी. सेल में …… मगर फिल्म असल में क्या जानी चाहिये थी , किस तरह जानी चाहिये थी … म.प्र. में क्या देखने लायक है …. हमने नमूने की एक फिल्म बनाई है …. इसे देख लीजिये ….. फिल्म कुछ इस तरह बनानी और चलवानी थी …. बहुत कुछ है यहॉं देखने को …. यह दिखाना चाहिये था …. इस फिल्म का शीर्षक है … ” हमारा म.प्र. नं 1 स्वर्ण‍िम मध्यप्रदेश”

Gwalior Chambal News Updates 26th January


ग्वालियर चम्बल संभाग के 26 जनवरी तक के समाचार अपडेट * राजमाता विजयाराजे की पुण्यतिथ‍ि *राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम की झलकियां * चीनोर में जनसंपर्क विभाग का सूचना कैम्प * मुरैना का गणतंत्र दिवस * डायमंड मिशन पब्‍िलक स्कूल , गणेश पुरा मुरैना का गणतंत्र दिवस कार्यक्रम * मुरैना एस.ए. एफ. परेड ग्राउण्ड पर आयोजित हुआ सरकारी गणतंत्र दिवस समारोह की झलकियां Presented By Gwalior Times

तोमर राजवंश और अफ्रीका की हिडिम्बा , क्यों कहा जाता है , महान और बड़े लोगों को अफ्रीका में मुरैना , पढि़ये 3 साल तक अफ्रीका में रहे डॉ. लेफ्ट‍िनेंट कर्नल राजेश सिंह चौहान का यह आलेख “मुरैना”


तोमर राजवंश और अफ्रीका की हिडिम्बा , क्यों कहा जाता है , महान और बड़े लोगों को अफ्रीका में मुरैना , पढि़ये 3 साल तक अफ्रीका में रहे डॉ. लेफ्ट‍िनेंट कर्नल राजेश सिंह चौहान का यह आलेख
“मुरैना”
डा करनल राजेश चौहान·19 जनवरी 2016
क्या आप जानते हैं कि “मुरैना” शब्द का कोई मतलब भी होता है ? यदि नहीं तो यह जान लीजिये कि दक्षिण अफ्रीका के एक क्षेत्र में अपने से बड़े व्यक्ति को “मुरैना” कहकर सम्बोधन करते है l अब ग्वालियर और भिण्ड से लगे हुए इलाके को “मुरैना” ही क्यों कहते हैं, कुछ और क्यों नहीं क्या किसी ने इस विषय में सोचा भी है ? हम इतिहासकार नहीं है, पर इतना तो पता है कि मोरेना में बसने वाला तोमर वंश अपना इतिहास महाभारत काल के एक पांडव पुत्र श्री अर्जुन से जोड़ता रहा है l अब यदि हम महाभारत काल के इतिहास पर कुछ और ध्यान दें, तो हमें याद आएगा कि पाण्डव जब दुर्योधन से जुए में सब कुछ हार गए थे, तब उनको वनवास और अज्ञातवास भोगने के लिए विवश भी होना पड़ा था l अब यदि इतिहास और भूगोल को जोड़कर हम इस बात को देखें, तो हमें ज्ञात होगा कि भारत और अफ्रीका उस काल में एक ही भूखण्ड हुआ करते थे, जिसे भूगोलिक गोंडवानालैंड की संज्ञा से जानते हैं l अब इस सबको जोड़कर हमारा अनुमान तो यही बनता है कि पाण्डव दक्षिण भारत होते हुए अफ्रीका के दक्षिण छोर पर पहुँच गए थे जहां उनका मिलाप “हिडिम्ब” कबीले से हुआ होगा l और हमारा यह भी अनुमान है कि इसी “हिडिम्ब” कबीले से पाण्डव पुत्र श्री भीम की पत्नी “हिडिम्बा” का सम्बन्ध था l यह “मुरैना” शब्द हिडिम्ब कबीले और उसके आस पास के इलाके में प्रयोग में आज भी आता है l तीन साल हम भी अफ्रीका के बोत्स्वाना में वास कर के आये हैं, और वहां हमें काफी लोगों ने हमेशा ही मुरैना कहकर सम्बोधित करा, और हमने भी यह शब्द और इसका मतलब सीखकर वहां के अपने से ऊंचे ओहदे वालों को मुरैना कहकर सम्बोधित करा l तमिल नाडू के मामल्लपुरम जिसे महाबलीपुरम भी कहते हैं, वहां पांडवों पर आधारित मूर्तियां और कृतियाँ आज भी मौजूद हैं जिसे UNESCO ने संसार की धरोहरों में शामिल करके रखा हुआ है l और यदि भारत देश और अफ्रीका एक ही भूगोलिक खण्ड किसी समय पर हुआ करते थे, तो बेहद सम्भव है कि पाण्डव पुत्र वनवास और अज्ञातवास में छुपते छुपाते तमिल नाडू के महाबलीपुरम होते हुए अफ्रीका के दक्षिणी छोर तक पहुँच गए होंगे, जहां पर श्री भीम ने हिडिम्ब कबीले के हिडिम्बा देवी से ब्याह रचाया हो l , और यह “मुरैना” शब्द अफ्रीका से दहेज़ में आया हो और इस चम्बल के स्वर्णिम क्षेत्र में पांडव परिवार और उनके वंशजों को सम्बोधन में इस्तेमाल होते-होते इस पूरे क्षेत्र का नाम ही “मुरैना” पड़ गया हो l अब यदि “मुरैना” शब्द का कोई और मतलब हो, या मोरेना शब्द का कोई अन्य इतिहास हो, तो हम अपना यह लेख मिटा देंगे l वैसे हमारे लिए यह गर्व की बात है कि “मुरैना” जिले में हमारे कई एक रिश्तेदार हैं l श्री भीम और अन्य पांडव हमेशा ही “मुरैना” नाम से जाने-अनजाने सम्बोधित होते रहे हैं, और होते रहेंगे l यह लेख इतिहास पर आधारित हमारी एक पुस्तक का हिस्सा है, जो हम समय मिलने पर लिख रहे हैं l
जय हिन्द, जय मुरैना
डा० (लैफ्टीनैंट कर्नल) राजेश चौहान
आगरा

Arjun Africa Morena Lt. Col. Chouhan महाभारत का नक्शा

श्री भैरव चालीसा एवं श्री भैरव रक्षा स्तोत्र ( जंजीरा)


 

 

स्वर एवं उच्चारण – नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनंद”

श्री महामाई पीताम्र्बरा राज राजेश्वरी भवानी बगलामुखी का कवच एवं खडगमाला महा सिद्ध महापाठ वाडियो


श्री महामाई पीताम्र्बरा राज राजेश्वरी भवानी बगलामुखी का कवच एवं खडगमाला महा सिद्ध महापाठ वाडियो – श्री महामाई पीताम्र्बरा राज राजेश्वरी भवानी बगलामुखी का कवच एवं खडगमाला महा सिद्ध महापाठ https://youtu.be/40OtLF-5JYo इसका आडियो तैयार है , लेकिन फिलवक्त इसका वीडियो वर्ल्डवाइड रिलीज में गया है , अत: फिलहाल अपने चॅनल पार्टनर्स के विज्ञापनों के इसमें जाने के कारण इसका आडियो अभी ब्राडकास्ट नहीं किया जा रहा ……. बाद में कभी वर्ल्ड वाइड ब्राडकास्ट करेंगें अत: अभी कृपया केवल वीडियो ही देखें – नरेन्द्र सिंह तोमर ”आनन्द” , प्रधान संपादक , ग्वालियर टाइम्स समूह श्री महामाई पीताम्र्बरा राज राजेश्वरी भवानी बगलामुखी का कवच एवं खडगमाला महा सिद्ध महापाठ

View a Short Film on Best I. A. S. Officers of Madhya Pradesh Part-1


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